अमेरिका ने ईरान पर दागे नए हमले, सेंटकॉम बोला — जॉर्डन मिसाइल अटैक का करारा जवाब
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने 30 जुलाई को पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने बुधवार रात 8 बजे (ईस्टर्न टाइम) ईरान के खिलाफ ताज़ा सैन्य हमले शुरू किए। सेंटकॉम ने इसे जॉर्डन में तैनात अमेरिकी ठिकानों पर ईरान द्वारा दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों का सीधा जवाब बताया — और यह कार्रवाई उस मिसाइल हमले के 24 घंटे से भी कम समय में अंजाम दी गई।
मुख्य घटनाक्रम
सेंटकॉम ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, "अमेरिकी सेना ने आज रात 8 बजे ईरान के खिलाफ हमले शुरू किए। ये हमले मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सेना पर ईरान की हमले की कोशिश का एक जोरदार जवाब हैं।" अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों को एयर डिफेंस सिस्टम ने नाकाम कर दिया था और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि हमले की कोशिश के बाद अमेरिका ईरान पर बहुत जोरदार पलटवार करेगा। सेंटकॉम ने हमलों की सटीक जगहों या दायरे का तत्काल खुलासा नहीं किया।
ईरान में धमाकों की खबरें
ईरानी सरकारी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, होर्मोजगान और खुजेस्तान समेत कई दक्षिणी प्रांतों में धमाकों की आवाज सुनी गई। कथित तौर पर तेल इंफ्रास्ट्रक्चर के आसपास और फारस की खाड़ी के द्वीपों पर भी हमले हुए। ईरानी अधिकारियों ने केशम द्वीप में रिहायशी इलाकों को नुकसान की सूचना दी, जहाँ बचावकर्मी मलबे में फँसे लोगों की तलाश में जुटे थे।
समुद्री नाकाबंदी का दबाव
सेंटकॉम ने एक अलग बयान में बताया कि वह ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी को सख्ती से लागू कर रहा है। 29 जुलाई तक सेंटकॉम ने 20 व्यावसायिक जहाजों को मार्ग बदलने पर मजबूर किया, 2 जहाजों को निष्क्रिय किया और 2 पर नियंत्रण हासिल किया। विशेषज्ञों के अनुसार यह समुद्री दबाव वाशिंगटन की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसमें सैन्य ऑपरेशन को आर्थिक और नौसैनिक दबाव के साथ जोड़ा जा रहा है।
कूटनीति से वापस सैन्य कार्रवाई
यह नया ऑपरेशन ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष विराम की डिप्लोमैटिक कोशिशें चल रही थीं। इस हमले ने उस अल्पकालिक शांति को खत्म कर दिया और स्पष्ट संकेत दिया कि वार्ता की जगह एक बार फिर सैन्य कार्रवाई ने ले ली है। तेहरान ने पहले कहा था कि उसने जॉर्डन पर मिसाइल हमला अमेरिकी सेना की आक्रामक कार्रवाई के जवाब में किया था।
आगे क्या
गौरतलब है कि सेंटकॉम ने ईरान के भीतर हमलों की विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की है। समुद्री नाकाबंदी और हवाई हमलों के एकसाथ जारी रहने से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़रें अब इस बात पर टिकी हैं कि तेहरान इस पर किस तरह की प्रतिक्रिया देता है और क्या कोई नई कूटनीतिक पहल संभव है।