अमेरिका-ईरान संघर्ष: अमेरिकी सेना ने 90 मिनट तक ईरानी सैन्य ठिकानों पर दागीं मिसाइलें, IRGC का जवाबी हमला
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने 16 जुलाई 2026 को पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने बुधवार दोपहर 3 बजे (स्थानीय समय) ईरान के विरुद्ध हमलों की दूसरी लहर शुरू की, जो लगातार 90 मिनट तक जारी रही। इन हमलों में ग्रेटर टुंब आइलैंड पर स्थित तटीय रक्षा प्रणालियों और क्रूज मिसाइल भंडारण एवं लॉन्च साइट्स को सटीक निशाना बनाया गया।
हमलों का क्रम और लक्ष्य
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा, 'हमले ईरानी सैन्य क्षमताओं को टारगेट कर रहे हैं जिनका इस्तेमाल होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को धमकाने के लिए किया जाता है।' इससे पहले मंगलवार देर रात अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट और ईरानी तटीय इलाकों के पास मिसाइल-ड्रोन साइट्स, नौसैनिक क्षमताओं और तटीय रक्षा प्रणालियों सहित दर्जनों सैन्य ठिकानों पर सात घंटे तक हमले किए थे।
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में अपनी नौसैनिक नाकाबंदी फिर से सक्रिय कर दी है और हिंद महासागर में अपने नौसैनिक बल तैनात किए हैं — एक कदम जिसे ईरान ने अपने जवाबी हमलों की वजह बताया।
ईरान का जवाबी हमला
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने बुधवार को कहा कि उसने बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए। IRGC की एयरोस्पेस फोर्स ने जॉर्डन के अल-अजराक में अमेरिकी सैन्य बेस को निशाना बनाया।
ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, इन हमलों में वे शेल्टर तबाह हो गए जिनमें कथित तौर पर अमेरिकी F-15, F-16 और F-35 फाइटर जेट तथा MQ-9 रणनीतिक ड्रोन तैनात थे। हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
IRGC की नौसेना ने बहरीन में अमेरिका के पाँचवें फ्लीट की सुविधाओं पर भी हमला करने का दावा किया, जिसमें NSI मैनेजमेंट सेंटर, बड़े वेयरहाउस, कमांड-कंट्रोल सेंटर और ईंधन भंडारण सुविधाएँ कथित तौर पर निशाने पर रहीं।
ईरान की जॉर्डन से अपील
IRGC ने जॉर्डन के नागरिकों से अपने देश में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति समाप्त करने की अपील की। ईरान ने कहा कि जॉर्डन को अपनी धरती को 'इस्लामी देशों और फिलिस्तीनी लोगों के विरुद्ध हमलों के लॉन्चपैड' के रूप में इस्तेमाल नहीं होने देना चाहिए। यह अपील क्षेत्रीय देशों को अमेरिका के साथ सैन्य सहयोग से अलग करने की ईरान की व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
ट्रम्प का बयान और बंधक रिहाई
इस तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रूथ सोशल पर लिखा कि ईरान ने एक अमेरिकी नागरिक को देश छोड़ने की अनुमति दे दी है, जिसे दिसंबर 2024 में जो बाइडेन के कार्यकाल में 'गलत तरीके से' हिरासत में लिया गया था। ट्रम्प ने कहा कि वह नागरिक 'सुरक्षित रूप से ईरान से बाहर है और अच्छी हालत में है' तथा संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान के इस कदम की 'सराहना करता है।' गौरतलब है कि यह बयान उसी दिन आया जब दोनों देशों के बीच सैन्य हमलों का दौर जारी था — जो कूटनीतिक और सैन्य मोर्चों पर एक साथ चल रहे दोहरे खेल की ओर संकेत करता है।
आगे क्या
होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण को लेकर यह संघर्ष वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए गंभीर खतरा बन सकता है, क्योंकि दुनिया का लगभग 20% तेल इसी मार्ग से गुजरता है। विशेषज्ञों के अनुसार, दोनों पक्षों के जवाबी हमलों का यह चक्र तब तक थमने की संभावना कम है जब तक किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता या संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का हस्तक्षेप न हो। भारत सहित खाड़ी क्षेत्र में हितों वाले देश इस स्थिति पर बारीक नज़र रख रहे हैं।