13 जुलाई 2026
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होर्मुज स्ट्रेट संकट: 24 घंटे में तीसरी बार अमेरिकी सेना ने ईरान पर किए हमले, सीजफायर पूरी तरह टूटा

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होर्मुज स्ट्रेट संकट: 24 घंटे में तीसरी बार अमेरिकी सेना ने ईरान पर किए हमले, सीजफायर पूरी तरह टूटा

सारांश

होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी IRGC की व्यापारिक जहाजों पर फायरिंग के बाद अमेरिका ने 24 घंटे में तीसरी बार ईरानी ठिकानों पर हमला किया — तीन रातों में 300 से अधिक हमले। नाजुक सीजफायर टूट चुका है और संयुक्त राष्ट्र ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर खतरे की चेतावनी दी है।

मुख्य बातें

CENTCOM ने 13 जुलाई को पुष्टि की कि अमेरिकी सेनाओं ने 24 घंटों में तीसरी बार ईरान पर हमले किए।
अमेरिकी बलों ने एक रात में करीब 140 ईरानी सैन्य लक्ष्यों पर हमला किया; तीन रातों में कुल संख्या 300 से अधिक ।
IRGC ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते नागरिक व्यापारिक जहाजों पर फायरिंग की; अमेरिका ने एक ईरानी क्रूज मिसाइल और एक ड्रोन मार गिराया।
ईरान के हमलों में कुवैत की तीन सीमा चौकियाँ क्षतिग्रस्त; कुवैत ऑयल कंपनी के ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म पर हमले में एक कर्मचारी घायल ।
UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सभी पक्षों से तत्काल हमले रोकने और वार्ता बहाल करने की अपील की।
CENTCOM ने ईरानी दावे को खारिज किया कि अमेरिकी सैनिक मारे गए।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने 13 जुलाई को पुष्टि की कि उसकी सेनाओं ने ईरान के विरुद्ध नए सैन्य अभियान शुरू किए हैं — यह 24 घंटों के भीतर तीसरी बार था जब अमेरिकी बलों ने ईरानी ठिकानों पर हमला किया। यह कार्रवाई तब हुई जब ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे नागरिक व्यापारिक जहाजों पर फायरिंग की। दोनों देशों के बीच पहले से ही नाजुक स्थिति में चल रहा सीजफायर अब पूरी तरह टूटता दिख रहा है।

अमेरिकी कमांड का आधिकारिक बयान

CENTCOM ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'आज शाम 5 बजे ET पर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड की सेनाओं ने ईरान के खिलाफ और हमले शुरू किए ताकि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले आम नाविकों और व्यापारिक जहाजों पर हमला करने की उनकी क्षमता को कम किया जा सके।' बयान में यह भी कहा गया कि 'कमांडर इन चीफ ने ईरानी सेनाओं को जवाबदेह ठहराने के लिए हमलों का निर्देश दिया है।'

CENTCOM के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि लगभग उसी समय IRGC ने समुद्री मार्ग से गुजर रहे नागरिक जहाजों पर फायरिंग की। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिकी विमानों ने एक ईरानी क्रूज मिसाइल और एक वन-वे अटैक ड्रोन को मार गिराया। हॉकिन्स ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'हम ईरान को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।'

हमलों का दायरा और ईरान में नुकसान

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी बलों ने रात भर में करीब 140 ईरानी सैन्य लक्ष्यों पर हमला किया, जिससे तीन रातों में कुल हमलों की संख्या 300 से अधिक हो गई। नए ऑपरेशन में होर्मुज स्ट्रेट के आसपास के तटीय इलाके और IRGC की छोटी नौकाएँ प्रमुख निशाना थीं।

ईरान के सरकारी मीडिया ने दक्षिणी ईरान के होर्मोजगान प्रांत के जस्क, केशम, बंदर अब्बास और सिरिक में विस्फोटों की खबर दी। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार किसी आम नागरिक के हताहत होने या नागरिक संपत्ति को नुकसान पहुँचने की तत्काल पुष्टि नहीं हुई।

ईरान के जवाबी हमले और पड़ोसी देशों पर असर

वीकेंड के दौरान ईरान ने अमेरिका से संबद्ध स्थानों और क्षेत्रीय देशों पर भी हमले किए। कुवैत ने कहा कि उसकी तीन उत्तरी सीमा चौकियों को नुकसान पहुँचा है। एक ड्रोन ने कुवैत ऑयल कंपनी के एक अपतटीय ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म पर हमला किया, जिसमें एक कर्मचारी घायल हो गया।

ईरान ने दावा किया कि उसने कुवैत में तैनात अमेरिकी हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम (HIMARS) लॉन्चर को निशाना बनाया था। हालाँकि, CENTCOM ने ईरानी दावे को खारिज करते हुए कहा, 'इस इलाके में किसी अमेरिकी सैन्य सदस्य के मारे जाने या घायल होने की कोई रिपोर्ट नहीं है।'

संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने फिर से भड़की हिंसा पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'ये सभी हमले बंद होने चाहिए।' गुटेरेस ने आगाह किया कि बड़े पैमाने पर शत्रुता फिर से शुरू होने से पूरे क्षेत्र, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने वाशिंगटन और तेहरान दोनों से तत्काल वार्ता बहाल करने की अपील की।

यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज स्ट्रेट से विश्व के तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है और इस जलमार्ग पर किसी भी अस्थिरता का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर पड़ता है। आगे दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक संपर्क की संभावना फिलहाल अत्यंत क्षीण दिखती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ से दुनिया के तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है। CENTCOM का '300 से अधिक हमले' का आँकड़ा बताता है कि यह ऑपरेशन अब सीमित जवाबी कार्रवाई नहीं, बल्कि व्यापक सैन्य अभियान का रूप ले चुका है। गौरतलब है कि सीजफायर की नाजुकता पहले से ज़ाहिर थी — असली सवाल यह है कि क्या किसी भी पक्ष के पास कूटनीतिक वापसी का रास्ता बचा है, या यह संघर्ष क्षेत्रीय युद्ध की दिशा में और गहरा जाएगा।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका ने ईरान पर ताज़ा हमले क्यों किए?
अमेरिकी सेना ने यह हमले इसलिए किए क्योंकि ईरान के IRGC ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे नागरिक व्यापारिक जहाजों पर फायरिंग की। CENTCOM के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की व्यापारिक जहाजों पर हमला करने की क्षमता को कम करना था।
24 घंटे में कितनी बार अमेरिका ने ईरान पर हमला किया?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार 13 जुलाई तक 24 घंटों में यह तीसरी अमेरिकी स्ट्राइक थी। तीन रातों में कुल हमलों की संख्या 300 से अधिक बताई गई है।
होर्मुज स्ट्रेट पर यह संकट क्यों महत्वपूर्ण है?
होर्मुज स्ट्रेट विश्व के सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्गों में से एक है। इस जलमार्ग पर किसी भी अस्थिरता का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ता है, जिसकी चेतावनी UN महासचिव गुटेरेस ने भी दी है।
कुवैत पर ईरान के हमले में क्या हुआ?
ईरान के हमलों में कुवैत की तीन उत्तरी सीमा चौकियाँ क्षतिग्रस्त हुईं। एक ड्रोन ने कुवैत ऑयल कंपनी के एक अपतटीय ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म पर भी हमला किया, जिसमें एक कर्मचारी घायल हो गया।
संयुक्त राष्ट्र ने इस संकट पर क्या कहा?
UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सभी पक्षों से तत्काल हमले रोकने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि बड़े पैमाने पर शत्रुता फिर से शुरू होने से क्षेत्र, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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