होर्मुज स्ट्रेट में जहाज पर IRGC हमले के बाद अमेरिका ने ईरान पर किया तीसरा सैन्य प्रहार
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने 12 जुलाई को पुष्टि की कि अमेरिकी सेनाओं ने ईरान के विरुद्ध इस सप्ताह हमलों का तीसरा दौर शुरू किया — यह कार्रवाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा होर्मुज स्ट्रेट में साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज 'एम/वी जीएफएस गैलेक्सी' पर हमले के तत्काल बाद की गई। यह ऑपरेशन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कमांडर-इन-चीफ के रूप में दिए गए आदेश पर आधारित बताया गया है।
हमले का क्रम और समय
सेंटकॉम के अनुसार, अमेरिकी सेनाओं ने पूर्वी समयानुसार शाम 7 बजकर 15 मिनट (भारतीय समयानुसार रविवार सुबह 4 बजकर 45 मिनट) पर हमले शुरू किए। कमांड ने हमले में इस्तेमाल हथियारों या लक्षित स्थानों की पहचान सार्वजनिक नहीं की।
सेंटकॉम ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'आज शाम 7:15 बजे (ईटी), अमेरिकी सेनाओं ने ईरान के खिलाफ इस हफ्ते हमलों का तीसरा दौर शुरू किया। यह कार्रवाई IRGC की सेनाओं की ओर से होर्मुज से गुजर रहे साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज 'एम/वी जीएफएस गैलेक्सी' पर हमला करने के बाद की गई।'
जहाज पर हमले का विवरण
सेंटकॉम के अनुसार, IRGC के हमले के बाद जहाज पर आग लग गई और इंजन रूम को भारी क्षति पहुँची, जिससे जहाज अपनी यात्रा जारी रखने में असमर्थ हो गया। कमांड ने बताया कि एक नागरिक क्रू सदस्य लापता है — हालाँकि उस व्यक्ति की राष्ट्रीयता का खुलासा अभी तक नहीं किया गया है।
सेंटकॉम ने कहा, 'एक नागरिक क्रू सदस्य लापता है और जहाज पर आग लगने व इंजन रूम को काफी नुकसान पहुँचने के कारण वह अपनी यात्रा जारी रखने में असमर्थ है।' यह घटना वैश्विक व्यापार के लिए अत्यंत संवेदनशील माने जाने वाले होर्मुज स्ट्रेट में हुई, जहाँ से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल पारगमन करता है।
अमेरिका का उद्देश्य और ईरान को दी गई चेतावनी
अमेरिकी सेना के अनुसार, कमर्शियल जहाजों पर पहले हुए हमलों के बाद तेहरान को समझौते का पालन करने का एक और अवसर दिया गया था, परंतु वह 'फिर से विफल रहा।' सेंटकॉम ने स्पष्ट किया कि इस ताज़ा ऑपरेशन का उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट में नागरिक नाविकों और कमर्शियल शिपिंग के लिए खतरा उत्पन्न करने की ईरान की क्षमता को कमज़ोर करना है।
गौरतलब है कि यह इस सप्ताह का तीसरा अमेरिकी सैन्य हमला है, जो दर्शाता है कि अमेरिका-ईरान तनाव तेज़ी से बढ़ रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय पहले से ही चिंतित है।
क्या होगा आगे
अमेरिका ने हमले के स्थानों और इस्तेमाल हथियारों की जानकारी साझा नहीं की है, जिससे ऑपरेशन के पूरे दायरे का आकलन अभी संभव नहीं है। कथित तौर पर ईरान की प्रतिक्रिया और होर्मुज स्ट्रेट में आगे की स्थिति पर दुनिया भर की निगाहें टिकी हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि तनाव और बढ़ा तो वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार मार्गों पर गंभीर असर पड़ सकता है।