12 जुलाई 2026
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होर्मुज स्ट्रेट में जहाज पर IRGC हमले के बाद अमेरिका ने ईरान पर किया तीसरा सैन्य प्रहार

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होर्मुज स्ट्रेट में जहाज पर IRGC हमले के बाद अमेरिका ने ईरान पर किया तीसरा सैन्य प्रहार

सारांश

होर्मुज स्ट्रेट में IRGC द्वारा साइप्रस के झंडे वाले जहाज पर हमले के बाद अमेरिका ने ईरान पर इस सप्ताह का तीसरा सैन्य प्रहार किया। एक नागरिक क्रू सदस्य लापता है और जहाज आग व इंजन क्षति के कारण बीच रास्ते में फंसा है। राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर हुई यह कार्रवाई अमेरिका-ईरान तनाव के नए और खतरनाक मोड़ का संकेत है।

मुख्य बातें

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने 12 जुलाई को ईरान पर इस सप्ताह के तीसरे सैन्य हमले की पुष्टि की।
IRGC ने होर्मुज स्ट्रेट में साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज 'एम/वी जीएफएस गैलेक्सी' पर हमला किया।
जहाज पर आग लगी और इंजन रूम को भारी नुकसान; जहाज यात्रा जारी रखने में असमर्थ।
एक नागरिक क्रू सदस्य लापता ; राष्ट्रीयता अभी तक सार्वजनिक नहीं।
अमेरिकी सेना का लक्ष्य — होर्मुज में ईरान की शिपिंग खतरे की क्षमता को कमज़ोर करना।
हमले में इस्तेमाल हथियारों और लक्षित स्थानों की जानकारी सेंटकॉम ने नहीं दी।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने 12 जुलाई को पुष्टि की कि अमेरिकी सेनाओं ने ईरान के विरुद्ध इस सप्ताह हमलों का तीसरा दौर शुरू किया — यह कार्रवाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा होर्मुज स्ट्रेट में साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज 'एम/वी जीएफएस गैलेक्सी' पर हमले के तत्काल बाद की गई। यह ऑपरेशन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कमांडर-इन-चीफ के रूप में दिए गए आदेश पर आधारित बताया गया है।

हमले का क्रम और समय

सेंटकॉम के अनुसार, अमेरिकी सेनाओं ने पूर्वी समयानुसार शाम 7 बजकर 15 मिनट (भारतीय समयानुसार रविवार सुबह 4 बजकर 45 मिनट) पर हमले शुरू किए। कमांड ने हमले में इस्तेमाल हथियारों या लक्षित स्थानों की पहचान सार्वजनिक नहीं की।

सेंटकॉम ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'आज शाम 7:15 बजे (ईटी), अमेरिकी सेनाओं ने ईरान के खिलाफ इस हफ्ते हमलों का तीसरा दौर शुरू किया। यह कार्रवाई IRGC की सेनाओं की ओर से होर्मुज से गुजर रहे साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज 'एम/वी जीएफएस गैलेक्सी' पर हमला करने के बाद की गई।'

जहाज पर हमले का विवरण

सेंटकॉम के अनुसार, IRGC के हमले के बाद जहाज पर आग लग गई और इंजन रूम को भारी क्षति पहुँची, जिससे जहाज अपनी यात्रा जारी रखने में असमर्थ हो गया। कमांड ने बताया कि एक नागरिक क्रू सदस्य लापता है — हालाँकि उस व्यक्ति की राष्ट्रीयता का खुलासा अभी तक नहीं किया गया है।

सेंटकॉम ने कहा, 'एक नागरिक क्रू सदस्य लापता है और जहाज पर आग लगने व इंजन रूम को काफी नुकसान पहुँचने के कारण वह अपनी यात्रा जारी रखने में असमर्थ है।' यह घटना वैश्विक व्यापार के लिए अत्यंत संवेदनशील माने जाने वाले होर्मुज स्ट्रेट में हुई, जहाँ से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल पारगमन करता है।

अमेरिका का उद्देश्य और ईरान को दी गई चेतावनी

अमेरिकी सेना के अनुसार, कमर्शियल जहाजों पर पहले हुए हमलों के बाद तेहरान को समझौते का पालन करने का एक और अवसर दिया गया था, परंतु वह 'फिर से विफल रहा।' सेंटकॉम ने स्पष्ट किया कि इस ताज़ा ऑपरेशन का उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट में नागरिक नाविकों और कमर्शियल शिपिंग के लिए खतरा उत्पन्न करने की ईरान की क्षमता को कमज़ोर करना है।

गौरतलब है कि यह इस सप्ताह का तीसरा अमेरिकी सैन्य हमला है, जो दर्शाता है कि अमेरिका-ईरान तनाव तेज़ी से बढ़ रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय पहले से ही चिंतित है।

क्या होगा आगे

अमेरिका ने हमले के स्थानों और इस्तेमाल हथियारों की जानकारी साझा नहीं की है, जिससे ऑपरेशन के पूरे दायरे का आकलन अभी संभव नहीं है। कथित तौर पर ईरान की प्रतिक्रिया और होर्मुज स्ट्रेट में आगे की स्थिति पर दुनिया भर की निगाहें टिकी हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि तनाव और बढ़ा तो वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार मार्गों पर गंभीर असर पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित दबाव अभियान की झलक है। होर्मुज स्ट्रेट, जहाँ से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुज़रता है, अब सीधे सैन्य संघर्ष का मैदान बन रहा है — और इसके असर केवल वाशिंगटन व तेहरान तक सीमित नहीं रहेंगे। लापता क्रू सदस्य की राष्ट्रीयता और हमले के सटीक ठिकानों पर पारदर्शिता की कमी सवाल उठाती है कि क्या यह ऑपरेशन अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के दायरे में है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक रही है वह यह है कि ईरान को 'एक और मौका' देने और फिर हमले करने का यह चक्र किस बिंदु पर खुले सशस्त्र संघर्ष में बदल सकता है — और भारत जैसे देश, जो होर्मुज से तेल आयात करते हैं, उसके लिए तैयार हैं या नहीं।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका ने ईरान पर तीसरा हमला क्यों किया?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, IRGC द्वारा साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज 'एम/वी जीएफएस गैलेक्सी' पर हमले के जवाब में यह कार्रवाई की गई। अमेरिका का कहना है कि तेहरान को पहले भी समझौते का पालन करने का मौका दिया गया था, लेकिन वह विफल रहा।
'एम/वी जीएफएस गैलेक्सी' जहाज पर क्या हुआ?
IRGC के हमले के बाद जहाज पर आग लग गई और इंजन रूम को भारी नुकसान पहुँचा, जिससे वह होर्मुज स्ट्रेट में ही फंस गया। एक नागरिक क्रू सदस्य लापता है और उसकी राष्ट्रीयता अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
क्या अमेरिका ने बताया कि हमले कहाँ और किन हथियारों से किए गए?
नहीं। सेंटकॉम ने न तो हमले के स्थानों की पहचान बताई और न ही इस्तेमाल हथियारों का खुलासा किया। केवल समय — पूर्वी समयानुसार शाम 7:15 बजे — और उद्देश्य सार्वजनिक किए गए।
होर्मुज स्ट्रेट में इस तनाव का वैश्विक असर क्या हो सकता है?
होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है। यदि यहाँ शिपिंग बाधित हुई, तो वैश्विक तेल कीमतों और समुद्री व्यापार मार्गों पर गंभीर असर पड़ सकता है, जिसका सीधा प्रभाव भारत सहित कई देशों पर होगा।
क्या यह अमेरिका-ईरान के बीच पूर्ण युद्ध की शुरुआत है?
अभी तक की जानकारी के अनुसार यह लक्षित सैन्य ऑपरेशन हैं, पूर्ण युद्ध की घोषणा नहीं। हालाँकि एक सप्ताह में तीन हमले तनाव के गंभीर स्तर का संकेत देते हैं और आगे की स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़र बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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