होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी नौसेना की गोलीबारी, सिरिक बंदरगाह पर धमाके; अमेरिका ने ड्रोन मार गिराए
सारांश
मुख्य बातें
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर शनिवार, 13 जून को तनाव तब चरम पर पहुँच गया जब ईरानी नौसेना ने कथित तौर पर उन जहाजों पर गोलीबारी की जिन्होंने बिना अनुमति जलडमरूमध्य से गुजरने का प्रयास किया। ईरान के सरकारी प्रसारक इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (आईआरआईबी) के अनुसार, सिरिक बंदरगाह के आसपास धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं और यह घटना ईरान की नई समन्वय व्यवस्था का पालन न करने का परिणाम बताई जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
आईआरआईबी के अनुसार, संबंधित जहाजों को पहले चेतावनी दी गई थी। निर्देशों की अनदेखी करने पर ईरानी नौसेना ने चेतावनी स्वरूप फायरिंग की। ईरान का दावा है कि हाल के महीनों में उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही के लिए विशेष नियंत्रण और समन्वय व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत बिना अनुमति या समन्वय के गुजरने वाले जहाजों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि घटना में शामिल जहाज किस देश के थे और उन्हें कितना नुकसान पहुँचा। संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है।
अमेरिकी सेना की प्रतिक्रिया
यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने दावा किया कि होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने के उद्देश्य से लॉन्च किए गए कई 'वन-वे अटैक ड्रोन' को अमेरिकी बलों ने मार गिराया। सेंटकॉम के अनुसार सभी ड्रोन निष्क्रिय कर दिए गए हैं। अमेरिकी सैन्य कमान ने स्पष्ट किया कि 'अंतरराष्ट्रीय व्यापार गलियारा ट्रांजिट के लिए खुला हुआ है' और समुद्री यातायात सामान्य रूप से संचालित हो रहा है।
होर्मुज का रणनीतिक महत्व
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहाँ से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। हाल के महीनों में ईरान ने कई बार दावा किया है कि जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए उसके सुरक्षा निर्देशों का पालन अनिवार्य है। इससे पहले भी ईरानी बलों द्वारा चेतावनी फायरिंग, जहाजों को रोकने या वापस लौटाने की घटनाएँ रिपोर्ट की जा चुकी हैं।
गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब क्षेत्र में तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के बीच संभावित शांति समझौते की खबरें भी सामने आ रही हैं। यह विरोधाभासी स्थिति — एक ओर कूटनीतिक संपर्क और दूसरी ओर सैन्य टकराव — क्षेत्रीय अस्थिरता की गहराई को दर्शाती है।
आगे की स्थिति
अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि घटना में शामिल जहाजों की राष्ट्रीयता क्या थी और नुकसान की सीमा कितनी है। आलोचकों का कहना है कि ईरान की एकतरफा 'अनुमति व्यवस्था' अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत मान्यता प्राप्त नहीं है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय समुदाय और प्रभावित देशों की आधिकारिक प्रतिक्रिया से स्थिति की दिशा तय होगी।