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सीएसआईआर का 85वां स्थापना दिवस 26 सितंबर को, देशभर की 37 राष्ट्रीय प्रयोगशालाएं जनता के लिए खुलेंगी

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सीएसआईआर का 85वां स्थापना दिवस 26 सितंबर को, देशभर की 37 राष्ट्रीय प्रयोगशालाएं जनता के लिए खुलेंगी

सारांश

84 साल की वैज्ञानिक विरासत के साथ सीएसआईआर 26 सितंबर को 85वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इस बार की खासियत — 37 राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं के दरवाजे आम नागरिकों और बच्चों के लिए खुलेंगे, जो विज्ञान को आम जन तक ले जाने की पहल है।

मुख्य बातें

सीएसआईआर की स्थापना 26 सितंबर 1942 को हुई थी; संगठन 26 सितंबर 2026 को अपना 85वां स्थापना दिवस मनाएगा।
इस अवसर पर देशभर की 37 राष्ट्रीय प्रयोगशालाएं आम जनता और विद्यार्थियों के लिए खोली जाएंगी।
सीएसआईआर के नेटवर्क में 37 प्रयोगशालाएं , 39 आउटरीच सेंटर , एक इनोवेशन कॉम्प्लेक्स और 3 यूनिट शामिल हैं।
प्रधानमंत्री सीएसआईआर के अध्यक्ष हैं; डॉ.
जितेंद्र सिंह उपाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं।
सीएसआईआर समुद्र विज्ञान, जीनोमिक्स, बायोटेक्नोलॉजी, नैनोटेक्नोलॉजी, एयरोनॉटिक्स सहित कई बहु-क्षेत्रीय अनुसंधान में सक्रिय है।

वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) अपना 85वां स्थापना दिवस 26 सितंबर 2026 को मना रही है। 26 सितंबर 1942 को स्थापित यह संस्था दुनिया के सबसे बड़े सार्वजनिक रूप से वित्तपोषित वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान संगठनों में गिनी जाती है। इस खास अवसर पर नई दिल्ली सहित देशभर में फैली सीएसआईआर की 37 राष्ट्रीय प्रयोगशालाएं आम जनता और विद्यार्थियों के लिए खोली जाएंगी।

स्थापना दिवस का महत्व

सीएसआईआर का स्थापना दिवस भारत में विज्ञान, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कार्यरत वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के योगदान को सम्मानित करने का अवसर है। इस दिन युवाओं, स्कूली बच्चों और वैज्ञानिकों को देश की भलाई एवं सामाजिक विकास के लिए नए वैज्ञानिक समाधान तलाशने हेतु प्रेरित करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। प्रयोगशालाओं को जनता के लिए खोलने की यह पहल विज्ञान को सामान्य नागरिक तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जाती है।

सीएसआईआर की संरचना और नेटवर्क

सीएसआईआर भारत का सबसे बड़ा अनुसंधान एवं विकास (आर&डी) संगठन है। प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष होते हैं, जबकि विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह इसके उपाध्यक्ष हैं। संगठन के पास देशभर में एक सुदृढ़ नेटवर्क है, जिसमें 37 राष्ट्रीय प्रयोगशालाएं शामिल हैं। इनमें 11 जैविक विज्ञान, 9 रासायनिक विज्ञान, 10 इंजीनियरिंग विज्ञान, 2 सूचना विज्ञान और 5 भौतिक विज्ञान की प्रयोगशालाएं हैं। इसके अलावा 39 आउटरीच सेंटर, एक इनोवेशन कॉम्प्लेक्स और तीन यूनिट भी इस नेटवर्क का हिस्सा हैं।

अनुसंधान के प्रमुख क्षेत्र

सीएसआईआर विज्ञान और प्रौद्योगिकी के कई विविध क्षेत्रों में कार्य करता है। इनमें समुद्र विज्ञान (ओशनोग्राफी), भू-भौतिकी (जियोफिजिक्स), रसायन, दवाएं, जीनोमिक्स, बायोटेक्नोलॉजी, नैनोटेक्नोलॉजी, माइनिंग, एयरोनॉटिक्स, इंस्ट्रूमेंटेशन, पर्यावरण इंजीनियरिंग और सूचना प्रौद्योगिकी शामिल हैं। यह बहु-क्षेत्रीय उपस्थिति सीएसआईआर को भारत के वैज्ञानिक परिदृश्य में एक अनूठी स्थिति प्रदान करती है।

आम जनता पर असर

सीएसआईआर सामाजिक कल्याण से जुड़े अनेक क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी-आधारित समाधान उपलब्ध कराता है। इनमें पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, खाद्य सुरक्षा, आवास, ऊर्जा, कृषि और संबद्ध कृषि क्षेत्र प्रमुख हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में मानव संसाधन विकास में भी सीएसआईआर की भूमिका उल्लेखनीय रही है।

आगे की राह

26 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाले इस स्थापना दिवस समारोह में देशभर की प्रयोगशालाओं में विशेष कार्यक्रम, प्रदर्शनियाँ और जन-संवाद सत्र आयोजित किए जाने की उम्मीद है। वैज्ञानिक समुदाय का मानना है कि इस तरह के खुले-दरवाजे आयोजन युवा पीढ़ी में अनुसंधान के प्रति रुचि जगाने में सहायक होते हैं और भारत को एक वैश्विक विज्ञान एवं नवाचार केंद्र बनाने की दिशा में दीर्घकालिक योगदान देते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि इस विशाल नेटवर्क के शोध परिणाम आम नागरिक के जीवन में कितनी तेजी से पहुँच पाते हैं। 37 प्रयोगशालाओं को एक दिन के लिए जनता के लिए खोलना प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण है, परंतु विज्ञान की वास्तविक पहुँच के लिए निरंतर जन-जुड़ाव और शोध-से-उत्पाद रूपांतरण की गति को बढ़ाना अधिक जरूरी है। GDP में R&D खर्च की हिस्सेदारी के मामले में भारत अभी भी वैश्विक औसत से पीछे है — सीएसआईआर की 85वीं वर्षगांठ इस अंतर को पाटने की दिशा में नई प्रतिबद्धता का अवसर हो सकती है।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएसआईआर क्या है और इसकी स्थापना कब हुई?
वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) भारत का सबसे बड़ा सार्वजनिक रूप से वित्तपोषित अनुसंधान एवं विकास संगठन है, जिसकी स्थापना 26 सितंबर 1942 को हुई थी। यह विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विविध क्षेत्रों में कार्य करता है और देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देना इसका मुख्य उद्देश्य है।
सीएसआईआर का 85वां स्थापना दिवस कब मनाया जाएगा?
सीएसआईआर का 85वां स्थापना दिवस 26 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन देशभर की 37 राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और प्रयोगशालाएं आम जनता व विद्यार्थियों के लिए खोली जाएंगी।
सीएसआईआर की प्रयोगशालाएं किस-किस क्षेत्र में काम करती हैं?
सीएसआईआर के नेटवर्क में 37 राष्ट्रीय प्रयोगशालाएं हैं जो जैविक विज्ञान, रासायनिक विज्ञान, इंजीनियरिंग विज्ञान, सूचना विज्ञान और भौतिक विज्ञान के क्षेत्रों में कार्यरत हैं। इनके अलावा 39 आउटरीच सेंटर और एक इनोवेशन कॉम्प्लेक्स भी इस नेटवर्क का हिस्सा हैं।
सीएसआईआर का नेतृत्व कौन करता है?
सीएसआईआर के अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं, जबकि विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह संगठन के उपाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। यह संरचना सरकार की वैज्ञानिक नीति निर्माण में सीएसआईआर की केंद्रीय भूमिका को दर्शाती है।
सीएसआईआर आम जनता के जीवन को कैसे प्रभावित करता है?
सीएसआईआर पर्यावरण, स्वास्थ्य, पेयजल, खाद्य सुरक्षा, आवास, ऊर्जा और कृषि जैसे क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी-आधारित समाधान विकसित करता है। इसके अनुसंधान का सीधा असर आम नागरिक के दैनिक जीवन की गुणवत्ता पर पड़ता है।
राष्ट्र प्रेस
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