25 सितंबर 2026
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एसआईआर विवाद: पप्पू यादव का सीईसी ज्ञानेश कुमार पर हमला — 'संविधान का गला घोंटा, महाभियोग चलाओ'

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एसआईआर विवाद: पप्पू यादव का सीईसी ज्ञानेश कुमार पर हमला — 'संविधान का गला घोंटा, महाभियोग चलाओ'

सारांश

एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग के भीतर असहमति की खबरों के बाद पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने सीईसी ज्ञानेश कुमार पर सीधा हमला बोला। महाभियोग और चुनाव बहिष्कार की माँग के साथ यह विवाद राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।

मुख्य बातें

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने 25 सितंबर 2026 को सीईसी ज्ञानेश कुमार पर 'संविधान का गला घोंटने' का आरोप लगाया।
यादव ने सीईसी के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने और इस्तीफे तक सभी चुनावों के बहिष्कार की माँग की।
चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कथित तौर पर ईसीआई के फैसलों पर आंतरिक असहमति जताई थी।
यादव का दावा — बंगाल, बिहार और असम में 13 करोड़ लोगों के साथ एसआईआर प्रक्रिया में अन्याय हुआ।
इससे एक दिन पहले विकासशील इंसान पार्टी के मुकेश सहनी ने भी सीईसी को लेकर विवादित बयान दिया था।

पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने 25 सितंबर 2026 को वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) पर छिड़े राष्ट्रीय विवाद के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि उन्होंने 'संविधान का गला घोंटा है।' उनका यह बयान उस रिपोर्ट के एक दिन बाद आया जिसमें बताया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने हाल के महीनों में भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के फैसलों और प्रक्रियाओं पर आंतरिक रूप से असहमति जताई थी।

क्या है पूरा विवाद

ईसीआई में तीन चुनाव आयुक्त होते हैं, जिनमें सीईसी संवैधानिक रूप से 'बराबर वालों में प्रथम' की स्थिति रखते हैं। नियम यह है कि जहाँ तक संभव हो, सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए जाएँ। एसआईआर को लेकर आयोग के भीतर असहमति की खबरें सामने आने के बाद यह विवाद राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।

पप्पू यादव के आरोप

यादव ने कहा, 'ज्ञानेश कुमार गरीबों, दलितों, कमजोर और वंचित वर्गों के अधिकारों और वोटों की चोरी करते हैं, उन्हें सबक मिलना चाहिए।' उन्होंने यह भी कहा कि 'ज्ञानेश ने बहुत बड़ा अपराध किया है और लोकतंत्र की हत्या की है।'

उनके अनुसार, सीईसी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने माँग की कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू की जाए और विपक्ष एकजुट होकर उनके इस्तीफे तक सभी चुनावों का बहिष्कार करे।

बिहार, बंगाल और असम पर सवाल

यादव ने दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया के कारण बंगाल, बिहार और असम में 13 करोड़ लोगों के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने माँग की कि इन तीनों राज्यों में चुनाव रद्द किए जाएँ।

उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी और मैं इसके खिलाफ लड़ते रहे हैं। सभी को एक मंच पर आना चाहिए और ज्ञानेश जैसे व्यक्ति के खिलाफ आवाज़ उठानी चाहिए।'

विवादित बयानों की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि यादव की टिप्पणी विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी के उस विवादित बयान के ठीक एक दिन बाद आई, जिसमें सहनी ने कथित तौर पर कहा था कि अगर उन्हें एक हत्या की छूट होती तो वे सीईसी को गोली मार देते। इन बयानों की व्यापक निंदा हो रही है और राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ रहा है।

आगे क्या

ईसीआई की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। विपक्षी दलों के बीच एसआईआर के खिलाफ संयुक्त रणनीति पर चर्चा जारी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले राज्य चुनावों की रणनीति को गहरे तक प्रभावित कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक खतरनाक राजनीतिक नज़ीर स्थापित करते हैं — जहाँ संवैधानिक संस्थाओं के प्रमुखों के खिलाफ हिंसा और देशद्रोह की भाषा सामान्य विमर्श में घुसती जा रही है। एसआईआर पर असली बहस — कि क्या मतदाता सूची पुनरीक्षण से वंचित वर्गों के नाम कटते हैं — इन अतिवादी बयानों के शोर में दब जाती है। ईसीआई की आंतरिक असहमति संस्थागत स्वायत्तता की दृष्टि से महत्वपूर्ण सवाल उठाती है, लेकिन इस पर जवाबदेही माँगने का तरीका संसदीय लोकतंत्र की सीमाओं में रहकर होना चाहिए, न कि सड़क पर।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
एसआईआर वोटर लिस्ट के एक विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है जिसे भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) संचालित करता है। विवाद तब शुरू हुआ जब रिपोर्टों में बताया गया कि दो चुनाव आयुक्तों ने इस प्रक्रिया और आयोग के फैसलों पर आंतरिक असहमति जताई, जिससे आयोग की एकता और निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।
पप्पू यादव ने सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ क्या माँग की है?
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद में महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने की माँग की है। साथ ही उन्होंने विपक्षी दलों से अपील की कि जब तक सीईसी इस्तीफा न दें, तब तक सभी चुनावों का बहिष्कार किया जाए।
ईसीआई में आंतरिक असहमति का मामला क्या है?
एक प्रमुख भारतीय अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने हाल के महीनों में ईसीआई के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर आंतरिक स्तर पर सवाल उठाए। संवैधानिक प्रावधान के अनुसार, सीईसी 'बराबर वालों में प्रथम' होते हैं और सभी निर्णय सर्वसम्मति से लिए जाने चाहिए।
मुकेश सहनी के विवादित बयान और पप्पू यादव की टिप्पणी में क्या संबंध है?
विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी ने सीईसी के बारे में एक विवादित बयान दिया था, जिसमें कथित तौर पर हिंसा की भाषा का इस्तेमाल किया गया। ठीक एक दिन बाद पप्पू यादव ने भी अत्यंत तीखी भाषा में ज्ञानेश कुमार पर हमला बोला, जिससे इन बयानों की एक श्रृंखला बनती दिख रही है।
बिहार, बंगाल और असम के चुनावों पर यादव का क्या कहना है?
पप्पू यादव का दावा है कि एसआईआर प्रक्रिया के कारण बिहार, बंगाल और असम में 13 करोड़ लोगों के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने माँग की है कि इन तीनों राज्यों में होने वाले चुनाव तत्काल रद्द किए जाएँ।
राष्ट्र प्रेस
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