सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग की तैयारी पर भड़की भाजपा, खंडेलवाल बोले— विपक्ष का असली चेहरा होगा बेनकाब
सारांश
मुख्य बातें
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष द्वारा महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी की खबरों के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने 25 सितंबर 2026 को विपक्ष पर तीखा पलटवार किया। चुनाव आयोग को लेकर सामने आई मीडिया रिपोर्टों के बाद विपक्षी दलों ने यह कदम उठाने का संकेत दिया था, जिस पर सत्तारूढ़ गठबंधन ने कड़ी आपत्ति जताई।
खंडेलवाल की चेतावनी: चर्चा हुई तो विपक्ष बेनकाब होगा
भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि विपक्ष को ऐसा कोई भी एजेंडा लाने का पूरा अधिकार है और यदि लोकसभा अध्यक्ष इसकी अनुमति देते हैं तो इस पर चर्चा अवश्य होगी। उन्होंने कहा, 'कम से कम इस चर्चा के बहाने विपक्ष का वह असली चेहरा देश के सामने आएगा, जिसके तहत वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रही देश की प्रगति से चिढ़कर विकास में रोड़े अटकाने का काम कर रहा है। यह बात देश की जनता को जरूर पता चलेगी।'
सिग्रीवाल का सवाल: निष्पक्ष चुनाव कराने पर हटाना चाहते हैं?
भाजपा सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने सीईसी को हटाने की विपक्षी माँग पर तीखा सवाल उठाया। उन्होंने कहा, 'क्यों हटाना चाहिए? निष्पक्ष चुनाव करा रहे हैं, इसलिए हटाना चाहिए? वो जहाँ जीत जाते हैं, वहाँ चुनाव आयोग ठीक रहता है और जहाँ हार जाते हैं, चुनाव आयोग खराब हो जाता है।' सिग्रीवाल ने इसे विपक्ष की 'दोहरी प्रक्रिया' करार देते हुए कहा कि जनता ने उन्हें पहचान लिया है क्योंकि सत्ता में रहते हुए उन्होंने कोई काम नहीं किया।
जदयू का रुख: चुनाव आयोग डरने वाला नहीं
जनता दल (यूनाइटेड) — JDU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि यदि कांग्रेस लगातार चुनावों में बड़ी हार झेल रही है, तो इसके लिए निर्वाचन आयोग जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने कहा, 'अगर जनता के बीच आपकी साख और विश्वसनीयता ही खत्म हो गई है तो जनता आपको वोट नहीं देगी। मुझे नहीं लगता कि ऐसी धमकियों से वे किसी संवैधानिक संस्था को डरा या भयभीत कर पाएंगे।' रंजन ने यह भी कहा कि भारतीय निर्वाचन आयोग ने एसआईआर (SIR) के ज़रिए बिहार सहित देश के कई राज्यों में चुनाव सफलतापूर्वक कराए हैं और इस प्रक्रिया पर 'इंडिया' ब्लॉक द्वारा पहले भी हंगामा करने की कोशिश की जा चुकी है।
नकवी का तंज: विपक्ष के 'कन्फ्यूजन के कबाड़खाने' पर निशाना
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने विपक्ष की रणनीति पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा, 'पहली बात तो यह विपक्ष के लोग तय करें कि करना क्या चाहते हैं। एक कहेगा कि हम महाभियोग लाना चाहते हैं। दूसरा कहेगा कि हम इस्तीफा लेने जा रहे हैं। तीसरा कहेगा कि हम चुनाव आयोग में घुसकर हंगामा करेंगे।' नकवी ने विपक्ष की इस अनिश्चितता को 'कन्फ्यूजन का कबाड़खाना' बताते हुए कहा कि जब तक यह स्थिति बनी रहेगी, उनकी 'विरोधाभासी लंगड़ापंती' दिखती रहेगी।
विवाद की पृष्ठभूमि और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी दल पहले भी आपत्तियाँ उठाते रहे हैं। गौरतलब है कि सीईसी ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल के दौरान कई राज्यों में चुनाव संपन्न हुए हैं, जहाँ विपक्षी दलों को हार का सामना करना पड़ा है। अब यह देखना होगा कि विपक्ष लोकसभा में औपचारिक रूप से महाभियोग प्रस्ताव पेश करता है या नहीं, और यदि ऐसा होता है तो सत्तारूढ़ गठबंधन संसद में किस रणनीति के साथ उसका सामना करता है।