25 सितंबर 2026
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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ RJD का पटना में प्रदर्शन, कांग्रेस ने भी इस्तीफे की मांग उठाई

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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ RJD का पटना में प्रदर्शन, कांग्रेस ने भी इस्तीफे की मांग उठाई

सारांश

RJD और कांग्रेस ने एक ही दिन दो अलग-अलग शहरों से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोला। पटना में सड़क प्रदर्शन और नागपुर में इस्तीफे की माँग — विपक्ष का संदेश साफ है कि महाभियोग प्रस्ताव की अगली कड़ी तैयार है।

मुख्य बातें

RJD कार्यकर्ताओं ने 25 सितंबर 2026 को पटना में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंधे पाटिल ने नागपुर में ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की माँग की।
राज्यसभा में 2025 में 73 सांसदों द्वारा पेश महाभियोग प्रस्ताव अभी लंबित है; दोनों सदनों में नया प्रस्ताव लाने की तैयारी का दावा।
कांग्रेस ने मुख्य न्यायाधीश को चयन समिति से हटाने और जूनियर मंत्री को शामिल करने के फैसले पर चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर सवाल उठाए।
BJP सांसद राजू बिस्टा ने कहा कि मोदी सरकार में लोकतांत्रिक सिद्धांतों का पालन होता है।

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को पटना में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष उदय यादव के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के विरुद्ध ठोस कार्रवाई की माँग की। इसी दिन नागपुर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) प्रवक्ता अतुल लोंधे पाटिल ने भी ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की माँग कर विपक्षी दबाव को और तेज़ कर दिया।

प्रदर्शन और माँगें

पटना में हुए प्रदर्शन में RJD कार्यकर्ताओं ने नारेबाज़ी करते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उदय यादव के नेतृत्व में एकत्र कार्यकर्ताओं ने माँग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त के विरुद्ध उचित संवैधानिक प्रक्रिया अपनाई जाए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, हालाँकि प्रतिभागियों की भावनाएँ स्पष्ट रूप से तीव्र थीं।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया और इस्तीफे की माँग

नागपुर में कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंधे पाटिल ने कहा कि यदि ज्ञानेश कुमार में जरा भी सम्मान की भावना बची है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) महाभियोग की प्रक्रिया में ज्ञानेश कुमार का बचाव करती है, तो इससे BJP और चुनाव आयोग के बीच संबंधों को लेकर सवाल और गंभीर हो जाएँगे।

लोंधे पाटिल ने केरल में चुनाव आयोग की ओर से जारी एक नोटिस पर भी आरोप लगाया। उनका दावा था कि उस नोटिस पर भाजपा की छाप दिखती थी और इस पूरे मामले की स्वतंत्र जाँच की जाएगी — हालाँकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।

महाभियोग प्रस्ताव की पृष्ठभूमि

कांग्रेस प्रवक्ता ने बताया कि राज्यसभा में महाभियोग प्रस्ताव पहले से लंबित है और 2025 में 73 सांसदों ने इसे पेश किया था। उनके अनुसार, दोनों सदनों में फिर से महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी चल रही है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि इस मुद्दे पर सड़कों पर भी विरोध प्रदर्शन किए जाएँगे।

गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव को लेकर विपक्ष पहले से सक्रिय रहा है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मुख्य न्यायाधीश को चयन समिति से हटाने और एक जूनियर मंत्री को समिति में शामिल करने जैसे फैसलों ने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

BJP का पक्ष

पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में BJP सांसद राजू बिस्टा ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और हर व्यक्ति को अपने विचार व्यक्त करने एवं अपनी राय रखने की स्वतंत्रता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में लोकतांत्रिक सिद्धांतों का पूरी तरह पालन किया जाता है।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे के चुनाव रद्द करने संबंधी बयान पर टिप्पणी करते हुए लोंधे पाटिल ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को रद्द किया जाना चाहिए और उन्होंने इसे गलत एवं गैरकानूनी प्रक्रिया बताया।

आगे की राह

विपक्षी दलों के इस संयुक्त आंदोलन से संसद के आगामी सत्र में यह मुद्दा और तीखा होने की संभावना है। 141 सांसदों के निलंबन और चुनाव आयुक्तों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई से जुड़े कानून का जिक्र करते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया — जिनकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है — कि इन कदमों का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया में कथित धांधली को बढ़ावा देना था। अगले कुछ हफ्तों में संसद और सड़क, दोनों मोर्चों पर यह विवाद और गहरा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संस्था की संरचनात्मक स्वायत्तता पर है — और यह सवाल बहुत पुराना है। मुख्य न्यायाधीश को चयन समिति से हटाने का विवादास्पद फैसला ही इस पूरी बहस की जड़ है, जो संसद में महाभियोग प्रस्ताव और सड़क प्रदर्शन दोनों को एक साथ पोषित कर रहा है। विपक्ष की चुनौती तब और वज़नदार हो जाती है जब 73 से अधिक सांसदों का समर्थन पहले ही रिकॉर्ड पर हो — लेकिन महाभियोग की संवैधानिक प्रक्रिया इतनी जटिल है कि बिना व्यापक सर्वदलीय एकजुटता के यह मोर्चा प्रतीकात्मक ही रहने का जोखिम उठाता है।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

RJD ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन क्यों किया?
RJD कार्यकर्ताओं ने 25 सितंबर 2026 को पटना में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध कार्रवाई की माँग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष उदय यादव के नेतृत्व में यह प्रदर्शन हुआ।
कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा क्यों माँगा?
कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंधे पाटिल ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता से समझौता हुआ है और केरल में जारी एक नोटिस पर भाजपा की छाप दिखती थी। उन्होंने कहा कि यदि ज्ञानेश कुमार में सम्मान की भावना है तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए — हालाँकि ये आरोप स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव की स्थिति क्या है?
2025 में 73 सांसदों ने राज्यसभा में महाभियोग प्रस्ताव पेश किया था, जो अभी लंबित है। कांग्रेस ने दावा किया है कि दोनों सदनों में नया महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी चल रही है।
चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया पर विवाद क्या है?
कांग्रेस का आरोप है कि मुख्य न्यायाधीश को चयन समिति से हटाकर एक जूनियर मंत्री को शामिल करने के फैसले ने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को कमज़ोर किया है। यह बदलाव विपक्ष के विरोध की मुख्य वजहों में से एक है।
BJP ने इन आरोपों पर क्या कहा?
BJP सांसद राजू बिस्टा ने सिलीगुड़ी में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लोकतांत्रिक सिद्धांतों का पालन किया जाता है और हर व्यक्ति को अपने विचार व्यक्त करने की स्वतंत्रता है।
राष्ट्र प्रेस
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