रांची में युवा कांग्रेस का प्रदर्शन: CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, चुनाव कार्यालय का घेराव
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने 6 अक्टूबर 2026 को रांची स्थित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय का घेराव कर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग केंद्र सरकार के दबाव में कार्य कर रहा है, जिससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय के बाहर लगे बोर्ड पर कालिख पोत दी। इस क्रम में प्रदर्शनकारियों और पुलिस-प्रशासन के बीच झड़प भी हुई। प्रदर्शन स्थल के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था।
निर्वाचन आयोग कार्यालय के बाहर जुटे कार्यकर्ताओं ने आयोग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के मत की सर्वोच्चता सुनिश्चित करना आयोग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
नेतृत्व और प्रमुख बयान
प्रदर्शन का नेतृत्व झारखंड प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष कुमार गौरव ने किया। उन्होंने कहा कि जनता के मताधिकार की रक्षा के लिए संगठन लोकतांत्रिक तरीकों से आवाज उठाता रहेगा और यदि मतदाताओं के अधिकारों से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ हुआ तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस के रांची महानगर अध्यक्ष कुमार राजा ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध दर्ज कराने का अधिकार सभी राजनीतिक दलों को संविधान प्रदत्त है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के कामकाज पर उठने वाले सवालों का जवाब पारदर्शिता और संवैधानिक प्रक्रिया के जरिए दिया जाना चाहिए।
आरोप और माँगें
युवा कांग्रेस नेताओं ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि वर्तमान में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर राजनीतिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। संगठन ने निर्वाचन आयोग से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मामलों में स्पष्टता बरतने की माँग की।
गौरतलब है कि विपक्षी दलों और आम मतदाताओं के बीच चुनाव प्रक्रिया से जुड़े फैसलों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब देश में चुनावी संस्थाओं की स्वायत्तता को लेकर राष्ट्रीय बहस जारी है।
आगे की स्थिति
फिलहाल निर्वाचन आयोग या प्रशासन की ओर से इस प्रदर्शन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। युवा कांग्रेस ने संकेत दिया है कि यदि उनकी माँगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।