झामुमो का रांची में बड़ा मार्च: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग, एसआईआर पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने 30 सितंबर 2026 को रांची में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करते हुए लोक भवन तक मार्च निकाला और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाने की मांग की। यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित गड़बड़ियों के विरोध में आयोजित किया गया था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को लोक भवन तक पहुँचने से रोक दिया, जिसके बाद मार्च एक सभा में तब्दील हो गया।
प्रदर्शन का स्वरूप और भागीदारी
झामुमो की रांची जिला और महानगर समिति के संयुक्त नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में पार्टी के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, रांची जिला अध्यक्ष मुश्ताक आलम और नेता अंतु तिर्की सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। गुमला, रामगढ़, लोहरदगा और खूंटी सहित कई जिलों से भी कार्यकर्ता रांची पहुँचे थे।
प्रदर्शनकारी रांची विश्वविद्यालय फुटबॉल मैदान में एकत्रित हुए और वहाँ से लोक भवन की ओर मार्च शुरू किया। कार्यकर्ताओं के हाथों में पार्टी के झंडे और बैनर थे। कई कार्यकर्ता पारंपरिक तीर-धनुष लेकर मार्च में शामिल हुए, जबकि कुछ ऊँट पर सवार होकर भी जुलूस में नज़र आए।
एसआईआर पर झामुमो के आरोप
झामुमो नेताओं ने आरोप लगाया कि एसआईआर की प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का खतरा उत्पन्न हो गया है। पार्टी का कहना है कि इसका सबसे अधिक असर गरीब, मजदूर और पलायन करने वाले लोगों पर पड़ सकता है। पार्टी ने निर्वाचन आयोग से प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और सभी राजनीतिक दलों तथा आम नागरिकों की आपत्तियों का निपटारा पारदर्शी ढंग से करने की माँग की।
यह ऐसे समय में आया है जब देश के विभिन्न हिस्सों में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर विपक्षी दलों में बेचैनी बढ़ी है। गौरतलब है कि मतदाता सूचियों की शुद्धता को लेकर विवाद नया नहीं है, लेकिन झारखंड में प्रवासी मजदूरों की बड़ी संख्या को देखते हुए यह मुद्दा यहाँ विशेष रूप से संवेदनशील है।
निर्वाचन आयोग के भीतर कथित मतभेद
पार्टी के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए दावा किया कि निर्वाचन आयोग के अन्य आयुक्तों ने पिछले कुछ समय में कई अवसरों पर मुख्य चुनाव आयुक्त के निर्णयों पर लिखित आपत्ति दर्ज कराई है। हालाँकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
बैलेट पेपर और राष्ट्रपति से अपील
सभा को संबोधित करते हुए झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने आगामी चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव प्रक्रिया पर लोगों का विश्वास बनाए रखना अनिवार्य है और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) के स्थान पर बैलेट पेपर के उपयोग पर गंभीरता से विचार होना चाहिए।
झामुमो ने राष्ट्रपति से भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की औपचारिक माँग की है। पार्टी ने एसआईआर प्रक्रिया के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी अपील की है। आने वाले दिनों में झामुमो इस मुद्दे को लेकर अपना आंदोलन जारी रखने की संभावना है।