भारत में EU राजदूत जीन-एरिक पाकेट ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को सौंपा परिचय पत्र, व्यापार-रक्षा साझेदारी पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
यूरोपीय संघ (EU) के नवनियुक्त राजदूत जीन-एरिक पाकेट ने 25 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को अपना परिचय पत्र (क्रेडेंशियल) सौंपा। इस औपचारिक प्रक्रिया के साथ ही पाकेट ने भारत में EU के राजनयिक प्रतिनिधि के रूप में अपना कार्यकाल आधिकारिक रूप से आरंभ किया। राष्ट्रपति भवन ने इस अवसर की पुष्टि करते हुए जानकारी दी।
परिचय पत्र सौंपने की प्रक्रिया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में राजदूत पाकेट से परिचय पत्र स्वीकार किए। राष्ट्रपति भवन ने अपनी आधिकारिक पोस्ट में इसकी पुष्टि की। पाकेट ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर राष्ट्रपति मुर्मु के साथ अपनी तस्वीर साझा की।
पाकेट ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सामने अपना परिचय-पत्र पेश करना मेरे लिए सम्मान की बात है। व्यापार, रक्षा, सुरक्षा और रिसर्च एवं इनोवेशन (R&I) जैसे क्षेत्रों में रिश्ते तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे महत्वपूर्ण और उत्साह भरे समय में भारत में यूरोपीय संघ का प्रतिनिधित्व करने पर मुझे गर्व है।'
पाकेट का कूटनीतिक अनुभव
राजदूत जीन-एरिक पाकेट के पास यूरोपीय कूटनीति और नीति-निर्माण का व्यापक अनुभव है। वे 2018 से 2022 के बीच यूरोपीय आयोग में रिसर्च एंड इनोवेशन के डायरेक्टर-जनरल रहे। इससे पूर्व 2004 से 2007 के बीच वे मॉरिटानिया में EU के राजदूत एवं प्रतिनिधिमंडल प्रमुख के पद पर रहे। भारत से पहले उन्होंने जापान में भी EU के राजदूत के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं।
उन्होंने यूरोपीय आयोग में व्यापार नीति, परिवहन, ग्रीन पॉलिसी और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़ी कई वरिष्ठ जिम्मेदारियां भी संभाली हैं। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत-EU के संबंध व्यापार वार्ता, तकनीकी सहयोग और भू-राजनीतिक दृष्टिकोण से तेजी से विकसित हो रहे हैं।
भारत-EU रणनीतिक साझेदारी की स्थिति
यूरोपीय संघ के अनुसार, पाकेट ने भारत-EU रणनीतिक साझेदारी को '21वीं सदी के सबसे अहम रिश्तों' में से एक बताया। उन्होंने बदलती वैश्विक आर्थिक, तकनीकी और भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच इस साझेदारी के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया। दोनों पक्षों के बीच व्यापार, रक्षा व सुरक्षा तथा अनुसंधान व नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग प्रगति पर है।
गौरतलब है कि भारत और EU के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर वार्ता वर्षों से जारी है, और पाकेट की नियुक्ति इस संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
राजदूत का संदेश और साझा एजेंडा
पाकेट ने कहा कि व्यापार, रक्षा व सुरक्षा तथा अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्रों में अभूतपूर्व गति से हो रहे बदलावों के इस दौर में भारत में EU का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि साझा एजेंडा केवल उम्मीदों तक सीमित नहीं, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक ठोस प्रतिबद्धता है, जो दोनों पक्षों के नागरिकों के लिए रोजगार, नवाचार, समृद्धि और मजबूती को बढ़ावा देगी।
यह साझेदारी आगे किस रूप में विकसित होगी, यह काफी हद तक पाकेट के नेतृत्व में होने वाली कूटनीतिक पहलों और प्रस्तावित FTA वार्ता की गति पर निर्भर करेगा।