राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने माली, म्यांमार, मेडागास्कर और इक्वेटोरियल गिनी के राजदूतों से परिचय पत्र स्वीकार किए
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 6 नवंबर 2026 को राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में एक औपचारिक समारोह के दौरान चार देशों के नवनियुक्त राजदूतों से उनके परिचय पत्र (Credentials) ग्रहण किए। माली, म्यांमार, मेडागास्कर और इक्वेटोरियल गिनी के राजनयिकों ने शुक्रवार को राष्ट्रपति के समक्ष अपने परिचय पत्र प्रस्तुत किए, जो भारत के साथ उनके देशों के राजनयिक संबंधों की निरंतरता का प्रतीक है।
माली के राजदूत ने पहले सौंपे परिचय पत्र
माली के राजदूत फटोमा थेरा ने सर्वप्रथम राष्ट्रपति मुर्मु को अपने परिचय पत्र प्रस्तुत किए। भारत ने मई 2009 में माली की राजधानी बमाको में अपना दूतावास स्थापित किया था। भारतीय दूतावास के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने माली को अब तक कुल 303.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सात क्रेडिट लाइनें प्रदान की हैं। उल्लेखनीय है कि माली संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का भी समर्थन करता है।
म्यांमार: रणनीतिक और सांस्कृतिक साझेदार
म्यांमार के राजदूत यू आये मिन हत्वे ने इसके उपरांत अपने परिचय पत्र सौंपे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, म्यांमार भारत के लिए रणनीतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह आसियान का एकमात्र ऐसा देश है जिसकी भारत के साथ भूमि और समुद्री, दोनों सीमाएं जुड़ी हुई हैं। दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जन-संपर्क के मजबूत संबंध रहे हैं, और म्यांमार भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ने वाले प्रवेश द्वार के रूप में भी कार्य करता है।
मेडागास्कर: 18वीं सदी से चले आ रहे संबंध
मेडागास्कर की राजदूत मैंडेहात्सारा जॉर्गेट ने भी राष्ट्रपति मुर्मु को परिचय पत्र प्रस्तुत किए। भारत और मेडागास्कर के द्विपक्षीय संबंध 18वीं सदी से चले आ रहे हैं। वर्तमान में मेडागास्कर में लगभग 17,500 भारतीय मूल के लोग निवास करते हैं, जिनमें अधिकांश गुजरात से जुड़े हैं। भारत ने 1954 में मेडागास्कर की राजधानी अंतानानारिवो में एक वाणिज्य दूतावास (कॉन्सुलेट जनरल) स्थापित किया था, जिसे 1960 में मेडागास्कर की स्वतंत्रता के बाद पूर्ण दूतावास का दर्जा दिया गया।
इक्वेटोरियल गिनी: 1968 से पहले के गर्मजोशी भरे संबंध
इक्वेटोरियल गिनी के राजदूत मिगुएल एडजैंग एंग्यू ने भी समारोह में राष्ट्रपति को अपने परिचय पत्र सौंपे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और इक्वेटोरियल गिनी के बीच 1968 में उसकी स्वतंत्रता से भी पहले से मैत्रीपूर्ण और गर्मजोशी भरे संबंध रहे हैं। इक्वेटोरियल गिनी ने अक्टूबर 2016 में नई दिल्ली में अपना स्थायी राजनयिक मिशन स्थापित किया, जबकि भारत ने मार्च 2019 में उसकी राजधानी मलाबो में अपना मिशन शुरू किया।
व्यापक संदर्भ: भारत की बढ़ती वैश्विक कूटनीति
यह समारोह ऐसे समय में हुआ है जब भारत अफ्रीका और दक्षिण-पूर्व एशिया में अपने राजनयिक और आर्थिक संबंधों को सक्रिय रूप से विस्तार दे रहा है। माली को दी गई क्रेडिट लाइनें और मेडागास्कर में लंबे समय से रह रहे भारतीय समुदाय की उपस्थिति, इन संबंधों की गहराई को रेखांकित करती है। आने वाले महीनों में इन देशों के साथ द्विपक्षीय बैठकों और सहयोग के नए आयाम स्थापित होने की संभावना है।