17 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

म्यांमार भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' और 'एक्ट ईस्ट' नीति का अहम स्तंभ: PM मोदी की राष्ट्रपति ह्लाइंग से वार्ता

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
म्यांमार भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' और 'एक्ट ईस्ट' नीति का अहम स्तंभ: PM मोदी की राष्ट्रपति ह्लाइंग से वार्ता

सारांश

राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग की पहली विदेश यात्रा भारत को — यह महज शिष्टाचार नहीं, रणनीतिक संदेश है। मोदी ने म्यांमार को 'नेबरहुड फर्स्ट', 'एक्ट ईस्ट' और हिंद-प्रशांत नीति का अनिवार्य हिस्सा बताया। रेयर अर्थ्स से लेकर साइबर सुरक्षा तक — भारत अपनी पूर्वी रणनीति को नई धार दे रहा है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने सोमवार, 2 जून 2025 को हैदराबाद हाउस, नई दिल्ली में म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग से द्विपक्षीय वार्ता की।
राष्ट्रपति ह्लाइंग ने पद संभालने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को चुना और बोधगया से यात्रा शुरू की।
दोनों देशों ने व्यापार, रेयर अर्थ्स, हेल्थकेयर, कनेक्टिविटी, समुद्री सुरक्षा और साइबर सुरक्षा में सहयोग पर सहमति जताई।
मोदी ने म्यांमार को भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' , 'एक्ट ईस्ट' और हिंद-प्रशांत नीति का अनिवार्य हिस्सा बताया।
भारत ने म्यांमार में शांति और संवाद प्रक्रिया को समर्थन देने की प्रतिबद्धता दोहराई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार, 2 जून 2025 को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के साथ विस्तृत द्विपक्षीय वार्ता की। बैठक के बाद मोदी ने स्पष्ट किया कि म्यांमार भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट', 'एक्ट ईस्ट' और हिंद-प्रशांत नीति का एक अनिवार्य हिस्सा है। दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और कई अन्य क्षेत्रों में संयुक्त सहयोग पर सहमति जताई।

राष्ट्रपति ह्लाइंग की पहली विदेश यात्रा — भारत का सम्मान

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने राष्ट्रपति पद संभालने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को चुना। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "हम भारत में इस बात से सम्मानित महसूस कर रहे हैं कि उन्होंने प्रेसिडेंट के तौर पर अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को चुना। उतनी ही खुशी की बात यह है कि उन्होंने भगवान बुद्ध के आशीर्वाद के साथ बोधगया से अपनी यात्रा शुरू की।" यह चुनाव भारत-म्यांमार संबंधों की रणनीतिक गहराई को रेखांकित करता है।

वार्ता के प्रमुख बिंदु

हैदराबाद हाउस में हुई इस बैठक में दोनों नेताओं ने व्यापार, रेयर अर्थ्स, हेल्थकेयर, कनेक्टिविटी, हेरिटेज रेस्टोरेशन और कैपेसिटी बिल्डिंग में सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की। मोदी ने एक्स पर लिखा, "हम समुद्री सुरक्षा, साइबर सिक्योरिटी और दूसरे क्षेत्र में मिलकर काम करने पर भी सहमत हुए।" रेयर अर्थ्स का उल्लेख विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि म्यांमार इस क्षेत्र में दुनिया के प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं में से एक है और भारत की तकनीकी आपूर्ति श्रृंखला के लिए यह सामरिक दृष्टि से अत्यंत प्रासंगिक है।

शांति प्रक्रिया में भारत की भूमिका

बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि म्यांमार में शांति और संवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए भारत हर तरह की सहायता देने को तैयार है। उन्होंने संघीय शासन व्यवस्था और आर्थिक विकास के क्षेत्र में भारत के अनुभव साझा करने की भी बात कही। यह ऐसे समय में आया है जब म्यांमार आंतरिक संघर्ष और मानवीय संकट से जूझ रहा है, और भारत की यह पहल अपने पड़ोसी के साथ संलग्नता की नीति को दर्शाती है।

विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया

विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर कहा कि दोनों नेताओं की बातचीत व्यापक रही और दोनों देशों ने शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। जायसवाल ने यह भी कहा कि भारत म्यांमार के लिए एक भरोसेमंद पड़ोसी और संकट के समय में पहला सहयोगी है।

आगे की राह

प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत की नेबरहुड फर्स्ट, एक्ट ईस्ट और महासागर नीतियों के अनुरूप भारत हमेशा म्यांमार का सहयोग करता रहेगा। गौरतलब है कि यह वार्ता ऐसे भू-राजनीतिक परिदृश्य में हुई है जब दक्षिण-पूर्व एशिया में चीन का प्रभाव बढ़ रहा है और भारत अपनी पूर्वी सीमाओं पर रणनीतिक संबंधों को मज़बूत करने में जुटा है। दोनों देशों के बीच इस उच्च-स्तरीय जुड़ाव से आने वाले महीनों में ठोस सहयोग समझौतों की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या यह जुड़ाव म्यांमार के आंतरिक संघर्ष के बीच टिकाऊ साबित होगा। रेयर अर्थ्स सहयोग का उल्लेख भारत की आपूर्ति-श्रृंखला रणनीति की तात्कालिकता को दर्शाता है, जो चीन पर निर्भरता कम करने की कोशिश का हिस्सा है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि सैन्य शासन के साथ संलग्नता भारत की लोकतंत्र-समर्थक छवि के साथ तनाव पैदा करती है। बिना स्पष्ट मानवाधिकार शर्तों के इस साझेदारी को केवल भू-राजनीतिक सुविधावाद के रूप में देखा जा सकता है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी और म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग की बैठक में क्या हुआ?
2 जून 2025 को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में हुई इस बैठक में दोनों नेताओं ने व्यापार, रेयर अर्थ्स, हेल्थकेयर, कनेक्टिविटी, समुद्री सुरक्षा और साइबर सुरक्षा में सहयोग पर सहमति जताई। PM मोदी ने म्यांमार को भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट', 'एक्ट ईस्ट' और हिंद-प्रशांत नीति का अनिवार्य हिस्सा बताया।
म्यांमार भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
म्यांमार भारत की पूर्वोत्तर सीमा से सटा है और दक्षिण-पूर्व एशिया से भारत को जोड़ने वाला प्रमुख भूमि-मार्ग है। 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत भारत इस कनेक्टिविटी को व्यापार और रणनीतिक प्रभाव बढ़ाने के लिए उपयोग करना चाहता है। इसके अलावा, रेयर अर्थ्स जैसे सामरिक संसाधनों में म्यांमार की समृद्धि इसे भारत के लिए और भी अहम बनाती है।
राष्ट्रपति ह्लाइंग ने अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को क्यों चुना?
यह यात्रा भारत-म्यांमार के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाती है — राष्ट्रपति ह्लाइंग ने बोधगया से यात्रा शुरू की, जो बौद्ध धर्म के लिए पवित्र स्थल है। PM मोदी ने इसे भारत के लिए सम्मान की बात बताया। कूटनीतिक दृष्टि से यह संकेत देता है कि म्यांमार भारत के साथ संबंध प्राथमिकता पर रखता है।
भारत म्यांमार की शांति प्रक्रिया में क्या भूमिका निभाएगा?
PM मोदी ने कहा कि भारत म्यांमार में शांति और संवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए हर तरह की सहायता देने को तैयार है। उन्होंने संघीय शासन व्यवस्था और आर्थिक विकास के क्षेत्र में भारत के अनुभव साझा करने की बात भी कही।
भारत-म्यांमार वार्ता में रेयर अर्थ्स का उल्लेख क्यों अहम है?
म्यांमार दुनिया के सबसे बड़े रेयर अर्थ्स उत्पादकों में से एक है, जो इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा और हरित ऊर्जा उद्योगों के लिए अनिवार्य हैं। भारत इन खनिजों के लिए चीन पर निर्भरता कम करना चाहता है, इसलिए म्यांमार के साथ रेयर अर्थ्स सहयोग भारत की आपूर्ति-श्रृंखला सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले