म्यांमार राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 मई को भारत दौरे पर, 1 जून को PM मोदी से हैदराबाद हाउस में बैठक
सारांश
मुख्य बातें
म्यांमार संघ गणराज्य के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 30 मई 2026 से पाँच दिवसीय आधिकारिक भारत यात्रा पर आ रहे हैं। अप्रैल 2026 में राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है, जो दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने के लिहाज़ से अहम मानी जा रही है।
आगमन और धार्मिक-सांस्कृतिक भ्रमण
राष्ट्रपति ह्लाइंग 30 मई को सुबह 9 बजे गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुँचेंगे। आगमन के तुरंत बाद सुबह 10:20 बजे वे महाबोधि मंदिर का दर्शन करेंगे और दोपहर 1 बजे बकरौर स्थित सुजाता मंदिर का भ्रमण करेंगे। गया से रवाना होकर वे शाम 4:30 बजे दिल्ली के एएफएस पालम पहुँचेंगे।
उसी शाम 6:30 बजे विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ होटल आईटीसी मौर्य में बैठक निर्धारित है। यह मुलाकात व्यापार, कनेक्टिविटी और सुरक्षा सहयोग के एजेंडे को औपचारिक रूप देने की दिशा में पहला कूटनीतिक कदम होगी।
व्यापार मंच और प्रमुख बैठकें
31 मई को सुबह 10 बजे म्यांमार-भारत व्यापार मंच का आयोजन होगा, जिसमें दोनों देशों के व्यापारिक प्रतिनिधि भाग लेंगे। 1 जून को सुबह 11:30 बजे हैदराबाद हाउस में राष्ट्रपति ह्लाइंग और प्रधानमंत्री मोदी के बीच शिखर बैठक होगी। इसके बाद दोपहर 12:55 बजे हैदराबाद हाउस में संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी किया जाएगा।
उसी दिन शाम 4:15 बजे राष्ट्रपति ह्लाइंग की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ राष्ट्रपति भवन में भेंट निर्धारित है। शाम 5 बजे वे राय पिथोरा सांस्कृतिक परिसर में आयोजित 'द लाइट एंड द लोटस: रेलिक्स ऑफ द अवेकन्ड वन' प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे — जो बौद्ध सांस्कृतिक कूटनीति का प्रतीकात्मक संकेत है।
मुंबई दौरा और प्रस्थान
2 जून को राष्ट्रपति ह्लाइंग सुबह 11:30 बजे नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुँचेंगे। शाम 7 बजे महाराष्ट्र के राज्यपाल के साथ लोक भवन, मुंबई में बैठक आयोजित होगी। 3 जून को सुबह 10:30 बजे उनका प्रस्थान निर्धारित है।
नेबरहुड फर्स्ट और एक्ट ईस्ट नीति का संगम
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, 'म्यांमार भारत की नेबरहुड फर्स्ट, एक्ट ईस्ट और महासागर नीति के संगम पर है। राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के भारत के आधिकारिक दौरे से दोनों देशों के बीच कई तरह के संबंध और मजबूत होने की उम्मीद है।'
गौरतलब है कि 10 अप्रैल 2026 को ह्लाइंग के शपथ ग्रहण समारोह में भारत की ओर से विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह नेपीडॉ गए थे और प्रधानमंत्री मोदी का बधाई पत्र सौंपा था। उस अवसर पर भारत ने 'नेबरहुड फर्स्ट', 'एक्ट ईस्ट' और 'महासागर' नीतियों के तहत आपसी सहयोग को और गहरा करने तथा म्यांमार के विकास में सहायता का वचन दिया था।
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत अपनी पूर्वोत्तर सीमाओं के पास स्थिरता सुनिश्चित करने और चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने की रणनीतिक कोशिशों में लगा है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच हुए समझौतों और संयुक्त वक्तव्य की विषयवस्तु पर सबकी नज़र रहेगी।