भारत-ईयू एफटीए और रक्षा सहयोग पर राजदूत गुप्ते की बर्लिन में बुंडेस्टाग सांसदों से अहम बैठक
सारांश
मुख्य बातें
जर्मनी में भारत के राजदूत अजीत गुप्ते ने बर्लिन में जर्मन संसद (बुंडेस्टाग) के दो वरिष्ठ सदस्यों से अलग-अलग मुलाकातें कीं, जिनमें भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए), रक्षा सहयोग और संसदीय आदान-प्रदान को मज़बूत करने पर विस्तृत चर्चा हुई। ये बैठकें ऐसे समय में हुईं जब भारत और जर्मनी के बीच राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं।
मुख्य बैठकें और एजेंडा
राजदूत अजीत गुप्ते ने 10 जुलाई 2026 को बुंडेस्टाग सदस्य और भारत-जर्मनी संसदीय मैत्री समूह के उपाध्यक्ष डर्क वीजे से भेंट की। बर्लिन स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स पर जारी पोस्ट में बताया कि इस बैठक में भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ करने, दोनों देशों की संसदों के बीच आदान-प्रदान बढ़ाने और भारत के राज्यों तथा जर्मनी के संघीय राज्यों (लैंडर) के बीच सहयोग विस्तार पर चर्चा हुई।
इससे एक दिन पहले, 9 जुलाई 2026 को राजदूत गुप्ते ने बुंडेस्टाग सदस्य और ट्रांसअटलांटिक समन्वयक मेटिन हकवेर्डी से मुलाकात की। दूतावास के अनुसार, इस वार्ता में भारत-ईयू एफटीए से उभरने वाले व्यापारिक अवसरों का लाभ उठाने, बढ़ते रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग तथा वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।
मोदी-मर्ज़ शिखर वार्ता की पृष्ठभूमि
ये राजनयिक बैठकें उस उच्चस्तरीय संपर्क की कड़ी हैं जो पिछले महीने फ्रांस के एवियां में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान स्थापित हुई, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ से द्विपक्षीय वार्ता की। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, दोनों नेताओं ने भारत-जर्मनी संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की और इस साल की शुरुआत में भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते की वार्ता पूरी होने के बाद रणनीतिक साझेदारी में आई नई गति पर संतोष जताया।
गौरतलब है कि 2026 में मोदी और मर्ज़ की यह दूसरी मुलाकात थी। दोनों नेताओं ने रक्षा उद्योग सहयोग रोडमैप पर हस्ताक्षर और जर्मनी से होकर यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों के लिए ट्रांजिट वीज़ा छूट की शुरुआत का स्वागत किया।
75 वर्षीय राजनयिक संबंध: सहयोग के नए आयाम
भारत और जर्मनी के बीच राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगाँठ के अवसर पर दोनों देशों ने व्यापार और निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, हरित व सतत विकास, प्रौद्योगिकी, नवाचार, शिक्षा और लोगों की आवाजाही जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को और गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-ईयू एफटीए के पूरा होने के बाद दोनों पक्षों के बीच आर्थिक संपर्क की नई संभावनाएँ खुली हैं।
आगे क्या होगा
चांसलर मर्ज़ ने प्रधानमंत्री मोदी को इस वर्ष के अंत में जर्मनी में आयोजित होने वाली 8वीं भारत-जर्मनी अंतर-सरकारी वार्ता (IGC) में भाग लेने का निमंत्रण दिया है। यह बैठक दोनों देशों के बीच रणनीतिक एजेंडे को और आगे बढ़ाने का अगला बड़ा अवसर होगी।