भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी: राजदूत अजीत गुप्ते ने बर्लिन में चांसलर मर्ज के चीफ ऑफ स्टाफ से की मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
जर्मनी में भारत के राजदूत अजीत गुप्ते ने 8 जुलाई 2026 को बर्लिन स्थित फेडरल चांसलरी में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के चीफ ऑफ स्टाफ डॉ. फिलिप बिरकेनमायर से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों ने भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी की मौजूदा प्रगति की समीक्षा की और द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने के रास्तों पर विचार-विमर्श किया।
बैठक में क्या हुई चर्चा
बर्लिन स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी कि राजदूत गुप्ते और डॉ. बिरकेनमायर ने भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी में आई 'शानदार प्रगति' की समीक्षा की और कई अहम क्षेत्रों में आपसी सहयोग को मजबूत करने पर विचार साझा किए। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब दोनों देश अपने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगाँठ मना रहे हैं।
मोदी-मर्ज मुलाकात की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के एवियन में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान चांसलर मर्ज से मुलाकात की थी — यह इस साल दोनों नेताओं की दूसरी बैठक थी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की और इस साल की शुरुआत में चांसलर मर्ज की भारत यात्रा तथा भारत-यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की बातचीत पूरी होने के बाद साझेदारी को मिली नई गति पर संतोष व्यक्त किया।
सहयोग के प्रमुख क्षेत्र
दोनों देशों के बीच सहयोग का दायरा अब व्यापक हो चुका है। व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, हरित और टिकाऊ विकास, तकनीक व नवाचार, शिक्षा और लोगों की आवाजाही — इन सभी क्षेत्रों में प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। जी7 बैठक के दौरान दोनों देशों ने रक्षा औद्योगिक सहयोग रोडमैप पर हस्ताक्षर किए और जर्मनी से होकर यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों के लिए ट्रांजिट वीजा छूट लागू होने का स्वागत किया।
ट्रांजिट वीजा छूट: भारतीयों को बड़ी राहत
पिछले महीने जर्मनी ने घोषणा की थी कि अब भारतीय नागरिकों को जर्मनी के किसी हवाई अड्डे पर रुककर किसी तीसरे देश की यात्रा के लिए ट्रांजिट वीजा की आवश्यकता नहीं होगी। भारतीय दूतावास के अनुसार, यह निर्णय जनवरी 2026 में चांसलर मर्ज की भारत यात्रा का प्रत्यक्ष परिणाम है। इससे दोनों देशों के बीच लोगों की आवाजाही सुगम होगी और आर्थिक संबंधों को नई मजबूती मिलेगी।
आगे क्या होगा
चांसलर मर्ज ने प्रधानमंत्री मोदी को इस साल के अंत में जर्मनी में होने वाली 8वीं भारत-जर्मनी अंतर-सरकारी परामर्श (IGC) बैठक में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। यह बैठक दोनों देशों के बीच संस्थागत संवाद का सबसे महत्वपूर्ण मंच मानी जाती है, और राजदूत स्तर पर हो रही यह तैयारी उसी दिशा में एक अहम कदम है।