उत्तराखंड चुनाव 2027: केसी वेणुगोपाल ने की गहन बैठकें, कांग्रेस ने तेज की चुनावी रणनीति
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने 9 जुलाई को आगामी उत्तराखंड विधानसभा चुनाव की तैयारियों को धार देने के लिए राज्य के नेताओं के साथ कई स्तरों पर गहन बैठकें कीं। यह दौरा उनके चुनावी राज्यों की समीक्षा यात्रा का हिस्सा है, जिसके तहत वे संगठन की जमीनी तैयारियों का सीधे आकलन कर रहे हैं।
किन नेताओं से हुई चर्चा
वेणुगोपाल ने वरिष्ठ नेताओं, विधायकों, पूर्व विधायकों, फ्रंटल संगठनों के प्रमुखों, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों और शहर कांग्रेस अध्यक्षों के साथ विस्तृत संवाद किया। इसके अलावा उन्होंने राज्य की राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक भी की, जिसमें चुनाव-पूर्व रणनीति को व्यवस्थित करने पर विशेष ज़ोर दिया गया।
बैठकों का मकसद
वेणुगोपाल ने स्पष्ट किया कि यह महज समीक्षा बैठक नहीं थी, बल्कि कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने और उन्हें पार्टी की व्यापक चुनावी दिशा से जोड़ने का प्रयास था। उनके अनुसार, कांग्रेस बूथ स्तर से लेकर मंडल और राज्य स्तर तक एकजुट होकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि संगठन में कोई कमज़ोर कड़ी न रहे।
भाजपा पर कांग्रेस का दावा
वेणुगोपाल ने दावा किया कि उत्तराखंड के लोगों में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ व्यापक नाराजगी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस जन-भावना को चुनावी सफलता में बदलने का काम करेगी और आगामी चुनावों में पार्टी निश्चित रूप से बड़ी जीत दर्ज करेगी। गौरतलब है कि उत्तराखंड में BJP लगातार सत्ता में है और कांग्रेस पिछले कई चुनावों से सत्ता वापसी की कोशिश में जुटी है।
गुटबाजी कम करने की कोशिश
अलग-अलग स्तरों के नेताओं से सीधे संवाद करके कांग्रेस आंतरिक गुटबाजी को कम करने और मतदाताओं के सामने एकजुट चेहरा पेश करने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी अपने चुनावी अभियान में शासन व्यवस्था और जनता की नाराजगी से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है।
आगे क्या होगा
वेणुगोपाल का यह दौरा संकेत देता है कि कांग्रेस नेतृत्व उत्तराखंड को प्राथमिकता वाले राज्यों में रख रहा है। आने वाले हफ्तों में पार्टी के प्रचार अभियान की रूपरेखा और उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है, क्योंकि चुनावी घड़ी की सुइयाँ तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं।