पीयूष गोयल ने एमपी लीड फेलो से किया संवाद, विकसित भारत 2047 में युवाओं की भूमिका पर दिया जोर
सारांश
मुख्य बातें
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार, 9 जुलाई 2026 को एमपी लीड फेलो के साथ संवाद किया और विकसित भारत 2047 की परिवर्तनकारी यात्रा में युवाओं की निर्णायक भूमिका पर प्रकाश डाला। मंत्री ने फेलो के दूरदर्शी विचारों, आकांक्षाओं और राष्ट्र-निर्माण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की।
संवाद के मुख्य बिंदु
गोयल ने एक्स पर साझा की गई पोस्ट में बताया कि चर्चा में विकसित भारत 2047 की यात्रा, राष्ट्र-निर्माण में युवाओं की भूमिका और सार्वजनिक नीति को आकार देने में जागरूक भागीदारी के महत्व को केंद्र में रखा गया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नवाचार और उद्यमिता भारत के भविष्य की नींव हैं।
संवाद में एमएसएमई के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया गया — रोज़गार सृजन, समावेशी आर्थिक विकास और नवाचार को गति देने में इनकी भूमिका को अहम बताया गया। गोयल ने फेलो को सार्थक सार्वजनिक सेवा अपनाने और राष्ट्र के विकास में सक्रिय भागीदार बनने के लिए प्रेरित किया।
मंत्री ने कहा, 'भारत की सबसे बड़ी ताकत उसके युवाओं में निहित है, और मुझे विश्वास है कि वे भारत के उज्ज्वल भविष्य को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।'
आईसीएआई के साथ बैठक: व्यापार और निवेश पर मंथन
बुधवार, 8 जुलाई को गोयल ने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के नेतृत्व के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इसमें सरकार और लेखा पेशे के बीच सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि व्यापार और निवेश को सुगम बनाया जा सके और वैश्विक बाज़ार में भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता को मज़बूत किया जा सके।
गोयल ने कहा कि आईसीएआई के साथ सहयोग को मज़बूत करना भारत की आर्थिक वृद्धि को गति देने और वैश्विक व्यापार महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट बदलते अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश परिदृश्यों के अनुकूल होने में उद्यमों की मदद करके महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
एफटीए में संस्थागत भागीदारी पर चर्चा
बैठक में दोनों पक्षों ने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तंत्र में आईसीएआई की संस्थागत भागीदारी बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया। गोयल ने रेखांकित किया कि पेशेवर संस्थानों की अधिक भागीदारी से व्यवसायों को भारत के व्यापार समझौतों के बढ़ते नेटवर्क से उत्पन्न अवसरों को बेहतर ढंग से समझने और उनका लाभ उठाने में सहायता मिलेगी।
युवाओं और पेशेवरों से अपेक्षाएँ
गोयल ने एमपी लीड फेलो और लेखा पेशेवरों — दोनों वर्गों को एक साझा संदेश दिया: उभरते वैश्विक अवसरों का लाभ उठाएं, नवाचार को अपनाएं और भारत की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में नीतिगत और संस्थागत तैयारी तेज़ कर रही है।