पीयूष गोयल ने 1,000+ उद्योग प्रतिनिधियों से मुलाकात की, एफटीए अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान

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पीयूष गोयल ने 1,000+ उद्योग प्रतिनिधियों से मुलाकात की, एफटीए अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान

सारांश

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 1,000 से अधिक उद्योग प्रतिनिधियों से मिलकर एफटीए नेटवर्क का लाभ उठाने का आग्रह किया। भारत-चिली व्यापार गोलमेज, कनाडा के साथ सीईपीए वार्ता के दूसरे दौर की सफलता और असम के शहद के पहली बार अमेरिका निर्यात ने इस सक्रिय व्यापार कूटनीति को नई धार दी।

मुख्य बातें

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 13 मई को उद्योग संघों के 1,000 से अधिक प्रतिनिधियों से मुलाकात कर एफटीए अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया।
भारत-चिली व्यापार गोलमेज में महत्वपूर्ण खनिज, स्वच्छ ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर चर्चा हुई।
भारत-कनाडा सीईपीए वार्ता का दूसरा दौर सफलतापूर्वक संपन्न।
असम के ओडीओपी कार्यक्रम के तहत उत्पादित शहद का पहली बार अमेरिका को निर्यात।
एयरबस, लोरियल, कैरियर, एलवीएमएच जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ भारत में निवेश बढ़ाने पर संवाद।

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार, 13 मई को उद्योग संघों के 1,000 से अधिक प्रतिनिधियों के साथ व्यापक बातचीत की और उनसे भारत के विस्तार होते मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) नेटवर्क के ज़रिए उभर रहे अभूतपूर्व अवसरों का पूरा फायदा उठाने का आग्रह किया। मंत्री ने उद्योग जगत को जल्द तैयारी करने, नए बाज़ार तलाशने और 'ब्रांड इंडिया' को वैश्विक स्तर पर मज़बूत करने की ज़रूरत पर विशेष बल दिया।

मुख्य घटनाक्रम

एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की गई अपनी पोस्ट में गोयल ने कहा, 'पीएम नरेंद्र मोदी के विज़न से प्रेरित होकर, मैंने उद्योग जगत से आह्वान किया कि वे इनोवेशन, ऊर्जा दक्षता, बेहतर लॉजिस्टिक्स, आरएंडडी और एक मज़बूत निर्यात इकोसिस्टम बनाने तथा 'विकसित भारत 2047' के विजन को साकार करने के लिए सामूहिक राष्ट्रीय प्रयासों के जरिए वैश्विक चुनौतियों को अवसरों में बदलें।' उन्होंने गुणवत्ता और उत्पादकता में सुधार को भी प्राथमिकता में रखने की बात कही।

भारत-चिली व्यापार गोलमेज

इसी क्रम में, गोयल ने चिली के विदेश मंत्री फ्रांसिस्को पेरेज मैककेना और अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संबंधों की अवर सचिव पाउला एस्टेवेज के साथ 'भारत-चिली व्यापार गोलमेज' की अध्यक्षता की, जिसमें दोनों देशों के प्रमुख व्यापारिक नेता भी शामिल रहे। चर्चाओं का केंद्र महत्वपूर्ण खनिज, खाद्य प्रसंस्करण, स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छ ऊर्जा और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएँ थीं।

मंत्री ने कहा, 'हमने भारत-चिली सीईपीए के तहत सहयोग के कई रोमांचक अवसरों पर विचार-विमर्श किया; यह समझौता हमारे द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने तथा हमारे व्यवसायों और लोगों के लिए विभिन्न क्षेत्रों में विकास के नए अवसर खोलने में सहायक सिद्ध होगा।'

पिछले 10 दिनों की प्रमुख उपलब्धियाँ

गोयल ने पिछले 10 दिनों में सरकार की उल्लेखनीय उपलब्धियों को भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि असम के 'एक जिला एक उत्पाद' (ओडीओपी) कार्यक्रम के अंतर्गत उत्पादित शहद का पहली बार अमेरिका को निर्यात किया गया है। साथ ही, भारत और कनाडा ने प्रस्तावित 'व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते' (सीईपीए) के लिए वार्ताओं का दूसरा दौर सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।

वैश्विक कंपनियों के साथ संवाद

मंत्री ने बताया कि भारत में निवेश को गहरा करने और विनिर्माण क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से सरकार ने एयरबस, लोरियल ग्रुप, कैरियर और एलवीएमएच जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के उद्योग नेताओं के साथ सक्रिय संवाद स्थापित किया। इसके अतिरिक्त, भारत के एफटीए, निर्यात प्रोत्साहन रणनीतियों और 'स्वच्छता एवं पादप-स्वच्छता' (एसपीएस) संबंधी स्वीकृतियों की समीक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं, जिनका लक्ष्य भारतीय कृषि और मत्स्य उत्पादों की वैश्विक बाज़ार तक पहुँच सुनिश्चित करना है।

आगे की राह

यह सक्रियता ऐसे समय में आई है जब भारत एफटीए वार्ताओं को तेज़ी से आगे बढ़ा रहा है और वैश्विक व्यापार पुनर्गठन का लाभ उठाने की कोशिश में है। गौरतलब है कि भारत-चिली सीईपीए और भारत-कनाडा सीईपीए दोनों अभी वार्ता के चरण में हैं, और इनके क्रियान्वयन की समयसीमा अभी तय नहीं हुई है। उद्योग जगत की प्रतिक्रिया और इन वार्ताओं की अंतिम रूपरेखा आने वाले महीनों में स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 प्रतिनिधि, एकाधिक गोलमेज, वैश्विक कंपनियाँ — लेकिन असली कसौटी यह है कि एफटीए वार्ताएँ समयबद्ध और बाध्यकारी परिणामों में कब तब्दील होती हैं। भारत-कनाडा सीईपीए का दूसरा दौर पूरा होना सकारात्मक है, पर दोनों देशों के बीच राजनयिक तनाव के इतिहास को देखते हुए यह रास्ता अभी लंबा है। 'विकसित भारत 2047' का नारा बुलंद है, लेकिन असम के शहद-निर्यात जैसी छोटी सफलताओं और बड़े संरचनात्मक व्यापार सुधारों के बीच की खाई को पाटने के लिए ठोस क्रियान्वयन ढाँचे की ज़रूरत है, जो अभी स्पष्ट नहीं है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल ने उद्योग संघों से मुलाकात में क्या कहा?
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 13 मई को 1,000 से अधिक उद्योग प्रतिनिधियों से मिलकर उनसे भारत के एफटीए नेटवर्क के ज़रिए उभर रहे अवसरों का लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने इनोवेशन, ऊर्जा दक्षता, बेहतर लॉजिस्टिक्स और निर्यात इकोसिस्टम को मज़बूत करने पर ज़ोर दिया।
भारत-चिली व्यापार गोलमेज में किन विषयों पर चर्चा हुई?
भारत-चिली व्यापार गोलमेज में महत्वपूर्ण खनिज, खाद्य प्रसंस्करण, स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छ ऊर्जा और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। इसमें चिली के विदेश मंत्री फ्रांसिस्को पेरेज मैककेना और अवर सचिव पाउला एस्टेवेज भी शामिल रहे।
भारत-कनाडा सीईपीए वार्ता की ताज़ा स्थिति क्या है?
भारत और कनाडा ने प्रस्तावित 'व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते' (सीईपीए) के लिए वार्ताओं का दूसरा दौर सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। हालाँकि समझौते की अंतिम रूपरेखा और लागू होने की तिथि अभी तय नहीं हुई है।
असम के शहद का अमेरिका को निर्यात क्यों महत्वपूर्ण है?
असम के 'एक जिला एक उत्पाद' (ओडीओपी) कार्यक्रम के तहत उत्पादित शहद का पहली बार अमेरिका को निर्यात किया गया है, जो स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाज़ार से जोड़ने की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम है। यह भारत की एसपीएस स्वीकृति प्रक्रिया में हुई प्रगति को भी दर्शाता है।
किन वैश्विक कंपनियों के साथ भारत में निवेश पर चर्चा हुई?
वाणिज्य मंत्री गोयल ने एयरबस, लोरियल ग्रुप, कैरियर और एलवीएमएच जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के नेताओं के साथ भारत में निवेश बढ़ाने और विनिर्माण क्षेत्र को मज़बूत करने पर संवाद किया। इन चर्चाओं का उद्देश्य 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को गति देना है।
राष्ट्र प्रेस
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