क्या पीयूष गोयल ने ब्रसेल्स में भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर महत्वपूर्ण बातचीत की?

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क्या पीयूष गोयल ने ब्रसेल्स में भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर महत्वपूर्ण बातचीत की?

सारांश

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने ब्रसेल्स में ईयू ट्रेड कमिश्नर से भारत-ईयू एफटीए पर बातचीत की। इस वार्ता का उद्देश्य व्यापारिक ढांचे को मजबूत करना और आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देना है। जानें, इस महत्वपूर्ण वार्ता में क्या हुआ।

Key Takeaways

  • भारत-ईयू एफटीए पर गहन चर्चा हुई।
  • बातचीत का उद्देश्य व्यापारिक ढांचे को मजबूत करना है।
  • भारतीय उद्योगों के लिए वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में एकीकरण।
  • चौदह दौर की वार्ताएं हो चुकी हैं।
  • यह वार्ता ऐतिहासिक मोड़ पर हो रही है।

नई दिल्ली, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को ब्रसेल्स में भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) पर ईयू ट्रेड एंड इकोनॉमिक सेफ्टी कमिश्नर मारोस सेफकोविक के साथ बातचीत की।

गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "इस बातचीत के दौरान, हमने प्रस्तावित समझौते के प्रमुख क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया। हमने नियमों पर आधारित व्यापारिक ढांचे और एक आधुनिक आर्थिक साझेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की, जो भारतीय उद्योगों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में एकीकृत करते हुए किसानों और लघु एवं मध्यम उद्यमों के हितों की रक्षा करती है।"

भारत सरकार यूरोपीय यूनियन के साथ ऐसा व्यापारिक समझौता करना चाहती है, जो दोनों क्षेत्रों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए पारस्परिक रूप से लाभकारी हो।

एफटीए के तहत भारत की कोशिश है कि अधिक श्रम उपयोग वाले सेक्टर्स जैसे टेक्सटाइल, चमड़ा, कपड़ा, रत्न और आभूषण और हस्तशिल्प के उत्पादों को यूरोपीय बाजारों का जीरो ड्यूटी पर पहुंच मिले, जिससे भारत में बड़े स्तर पर रोजगार बढ़ाने में मदद मिले।

पीयूष गोयल का ब्रुसेल्स दौरा भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच बढ़ते राजनयिक और तकनीकी संबंधों को दिखाता है।

इस बातचीत का प्राथमिक उद्देश्य वार्ता टीमों को रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करना, लंबित मुद्दों का समाधान करना और एक संतुलित एवं महत्वाकांक्षी समझौते को शीघ्रता से अंतिम रूप देना है।

मंत्रिस्तरीय बैठक ब्रुसेल्स में एक सप्ताह तक चले गहन विचार-विमर्श के बाद हुई है, जो इस सप्ताह की शुरुआत में भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल और यूरोपीय आयोग की व्यापार महानिदेशक सबाइन वेयंड के बीच हुई उच्च स्तरीय चर्चा के दौरान रखी गई नींव पर आधारित है।

आधिकारिक बयान के अनुसार, ये वार्ता भारत-यूरोपीय संघ के आर्थिक संबंधों के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ पर हो रही है। नौ वर्षों से अधिक के अंतराल के बाद जून 2022 में इन वार्ताओं को महत्वाकांक्षी रूप से पुनः शुरू किया गया था, जो आर्थिक एकीकरण को गहरा करने की पारस्परिक प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। दोबारा शुरू होने के बाद से दोनों पक्षों ने गहन वार्ताओं के 14 दौर और मंत्रिस्तरीय स्तर पर कई उच्च स्तरीय वार्ताएं की हैं, जिनमें ताजा वार्ता दिसंबर 2025 में हुई थी।

Point of View

यह वार्ता एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल व्यापारिक लाभ को बढ़ावा देती है, बल्कि दोनों क्षेत्रों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करती है।
NationPress
10/01/2026

Frequently Asked Questions

भारत-ईयू एफटीए का क्या महत्व है?
भारत-ईयू एफटीए दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देने और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में मदद करेगा।
इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस वार्ता का प्राथमिक उद्देश्य लंबित मुद्दों का समाधान करना और एक संतुलित समझौते को अंतिम रूप देना था।
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