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भारत में कोयले का भंडार 210 मिलियन टन पर पहुंचा, 88 दिनों के लिए पर्याप्त: सरकार का बयान

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भारत में कोयले का भंडार 210 मिलियन टन पर पहुंचा, 88 दिनों के लिए पर्याप्त: सरकार का बयान

सारांश

भारत में इस वर्ष कोयले का उत्पादन और सप्लाई खपत से अधिक हुई है, जिससे खदानों में कोयले का भंडार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। जानिए सरकार ने इस संबंध में क्या जानकारी दी है।

मुख्य बातें

भारत में कोयले का भंडार 210 मिलियन टन है।
88 दिनों की खपत के लिए पर्याप्त।
कोयले का उत्पादन खपत से अधिक है।
गैर-नियंत्रित क्षेत्र में सप्लाई 14 प्रतिशत बढ़ी है।
सरकार का प्रयास भरोसेमंद उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

नई दिल्ली, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। इस वर्ष देश में कोयले का उत्पादन और सप्लाई खपत से अधिक रही है, जिसके चलते खदानों और थर्मल पावर प्लांट्स में कोयले का भंडार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। सरकार ने बुधवार को यह जानकारी दी।

कोयला मंत्रालय के अनुसार, देश में कुल कोयला भंडार लगभग 210 मिलियन टन (एमटी) हो गया है, जो वर्तमान खपत दर के अनुसार लगभग 88 दिनों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।

सरकार के आंकड़ों के अनुसार, कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की खदानों में 1 अप्रैल 2025 को 106.78 मिलियन टन कोयला स्टॉक था, जो 9 मार्च 2026 तक बढ़कर 121.39 मिलियन टन हो गया।

अतः सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) की खदानों में लगभग 6 मिलियन टन कोयला उपलब्ध है, जबकि कैप्टिव और कमर्शियल खदानों में 15.12 मिलियन टन कोयला मौजूद है।

मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में लगभग 14 मिलियन टन कोयला ट्रांजिट में है, अर्थात् परिवहन के दौरान है। इस प्रकार, खदानों और सप्लाई चेन में कुल कोयला भंडार 156.58 मिलियन टन तक पहुंच गया है।

इसके अलावा, 9 मार्च तक थर्मल पावर प्लांट्स में 54.05 मिलियन टन कोयला मौजूद था, जो लगभग 24 दिनों की खपत के लिए पर्याप्त है।

मंत्रालय ने यह भी बताया कि गैर-नियंत्रित (नॉन-रेगुलेटेड) सेक्टर को कोयले की सप्लाई पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 14 प्रतिशत बढ़ी है।

सरकार के अनुसार, देश में कोयला उत्पादन निरंतर स्थिर गति से जारी है, जिससे खदानों पर स्टॉक बढ़ रहा है और साथ ही रेलवे की लॉजिस्टिक मदद से उपभोक्ताओं तक पर्याप्त सप्लाई भी सुनिश्चित की जा रही है।

कोयला मंत्रालय ने आगे कहा कि वह नीतिगत समर्थन, लगातार गहन निगरानी और हितधारकों के साथ समन्वय के जरिए एक स्थिर और बेहतर प्रदर्शन वाला वातावरण बनाए रखने पर ध्यान दे रहा है।

सरकार के मुताबिक, इन प्रयासों का उद्देश्य देश में कोयले की भरोसेमंद उपलब्धता सुनिश्चित करना, प्रमुख क्षेत्रों में बिना रुकावट संचालन बनाए रखना और बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना है। साथ ही यह 'विकसित भारत 2047' के दीर्घकालिक राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने में भी मदद करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह विकास के लिए एक मजबूत आधार भी प्रदान करता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में कोयले का भंडार कितना है?
भारत में कुल कोयला भंडार लगभग 210 मिलियन टन है।
कोयला मंत्रालय ने क्या जानकारी दी?
कोयला मंत्रालय ने बताया कि कोयले का उत्पादन खपत से अधिक हो गया है।
कैसे बढ़ा कोयले का भंडार?
उत्पादन और सप्लाई में वृद्धि के कारण कोयले का भंडार बढ़ा है।
कितने दिनों की खपत के लिए कोयला पर्याप्त है?
कोयला मौजूदा खपत के अनुसार लगभग 88 दिनों के लिए पर्याप्त है।
गैर-नियंत्रित क्षेत्र में कोयले की सप्लाई में कितना परिवर्तन हुआ है?
गैर-नियंत्रित क्षेत्र में कोयले की सप्लाई पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 14 प्रतिशत बढ़ी है।
राष्ट्र प्रेस
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