मध्य पूर्व के संघर्ष से कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव, चांदी के दाम में भारी गिरावट

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मध्य पूर्व के संघर्ष से कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव, चांदी के दाम में भारी गिरावट

सारांश

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनावों ने वैश्विक बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव लाया है। जानिए चांदी और सोने के भाव में क्या हुआ।

Key Takeaways

  • पश्चिम एशिया में तनाव के कारण कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव।
  • सोने की कीमत में 42 रुपए की वृद्धि।
  • चांदी की कीमत में 4,934 रुपए की गिरावट।
  • कमोडिटी बाजार आगामी अमेरिकी आंकड़ों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
  • युद्ध के संकेत बाजार में अस्थिरता बनाए रख रहे हैं।

मुंबई, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनावों के चलते वैश्विक बाजार में अस्थिरता के बीच बुधवार को कीमती धातुओं (सोने-चांदी) के दाम में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को 999 प्यूरिटी वाला सोना 1,60,230 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि इससे पहले मंगलवार को यह 1,60,188 रुपए था। इस प्रकार, एक दिन में सोने की कीमत में 42 रुपए की वृद्धि हुई है।

चांदी के मामले में, आईबीजेए के अनुसार, बुधवार को 999 प्यूरिटी वाली चांदी का भाव 2,66,010 रुपए प्रति किलोग्राम रहा। मंगलवार को इसकी कीमत 2,70,944 रुपए थी, जिससे आज चांदी के दाम में 4,934 रुपए की गिरावट आई है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने-चांदी की कीमतों की बात करें तो, खबर लिखे जाने तक (शाम करीब 5.57 बजे) अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 955 रुपए यानी 0.58 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,62,348 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं मई डिलीवरी वाली चांदी 2.71 प्रतिशत यानी 7,524 रुपए की गिरावट के साथ 2,70,326 पर पहुंच गई।

बाजार में सोने और चांदी की गिरावट पर मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के कमोडिटीज एनालिस्ट मानव मोदी ने कहा कि युद्ध के बारे में मिले-जुले संकेतों के कारण माहौल अस्थिर बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले यह संकेत दिया था कि संघर्ष जल्द समाप्त हो सकता है, जबकि बुधवार की सुबह तक अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष से तत्काल तनाव कम होने का कोई संकेत नहीं मिला, जिससे युद्ध लगातार बारहवें दिन भी जारी रहा।

हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने इजरायल से ईरान पर हमले रोकने का आग्रह किया, जबकि ईरान ने जहाजों के आवागमन को रोकने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाने का दावा किया।

ऐसे में, अब कमोडिटी बाजार का ध्यान आगामी अमेरिकी उपभोक्ता मुद्रास्फीति आंकड़ों पर है, जो फेडरल रिजर्व के नीतिगत दृष्टिकोण के बारे में और संकेत दे सकते हैं, हालांकि ये आंकड़े संघर्ष से जुड़ी बढ़ती ऊर्जा कीमतों के मुद्रास्फीति प्रभावों को पूरी तरह से नहीं दर्शाएगे।

विशेषज्ञों ने आगे बताया कि इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिकी जीडीपी और महंगाई के आंकड़े भी महत्वपूर्ण रहेंगे, जिनसे आर्थिक स्थिति और आगे की मौद्रिक नीति के मार्ग के बारे में बेहतर स्पष्टता मिलेगी। इससे ही सोने और चांदी की आगे की चाल तय होगी।

Point of View

NationPress
13/03/2026

Frequently Asked Questions

क्या कीमती धातुओं की कीमतें और बढ़ेंगी?
यह बाजार की स्थिति और वैश्विक घटनाओं पर निर्भर करेगा।
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का क्या कारण है?
पश्चिम एशिया में तनाव और युद्ध की स्थिति के कारण अस्थिरता आई है।
क्या निवेशकों को इस समय सोने में निवेश करना चाहिए?
सावधानी से निर्णय लें, क्योंकि बाजार अस्थिर है।
क्या चांदी की कीमतें फिर से बढ़ सकती हैं?
यह वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और मांग पर निर्भर करेगा।
क्या अमेरिकी आंकड़े बाजार को प्रभावित करेंगे?
बिल्कुल, अमेरिकी जीडीपी और महंगाई के आंकड़े महत्वपूर्ण संकेत देंगे।
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