गाजियाबाद मुठभेड़: वांछित बदमाश पवन उर्फ मोनू गिरफ्तार, अवैध तमंचा व चोरी का सामान बरामद

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गाजियाबाद मुठभेड़: वांछित बदमाश पवन उर्फ मोनू गिरफ्तार, अवैध तमंचा व चोरी का सामान बरामद

सारांश

गाजियाबाद के साहिबाबाद में देर रात हुई मुठभेड़ में पुलिस ने 12 से अधिक मुकदमों वाले वांछित बदमाश पवन उर्फ मोनू को गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया। अवैध तमंचा, कारतूस, छीना गया मोबाइल और चोरी की बाइक बरामद। फरार साथी की तलाश जारी।

Key Takeaways

  • थाना साहिबाबाद पुलिस ने बुधवार देर रात मुठभेड़ में वांछित अभियुक्त पवन उर्फ मोनू (30), निवासी हर्ष विहार, दिल्ली को गिरफ्तार किया।
  • आरोपी के पास से अवैध तमंचा, दो कारतूस, स्नैचिंग किया गया मोबाइल फोन और चोरी की मोटरसाइकिल बरामद।
  • मुठभेड़ में जवाबी कार्रवाई के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी; उसका साथी फरार।
  • आरोपी के खिलाफ 12 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज; 30 मार्च 2026 की मोबाइल चोरी में भी संलिप्तता।
  • गैंग के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीम गठित।

थाना साहिबाबाद पुलिस, गाजियाबाद ने बुधवार देर रात एक मुठभेड़ के दौरान वांछित अभियुक्त पवन उर्फ मोनू (30), निवासी हर्ष विहार, दिल्ली को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी के कब्जे से एक अवैध तमंचा, दो कारतूस, हिण्डन पुल से छीना गया मोबाइल फोन और लिंक रोड क्षेत्र से चोरी की गई एक मोटरसाइकिल बरामद की गई। मुठभेड़ में आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे अस्पताल भेज दिया गया है।

मुठभेड़ का घटनाक्रम

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि थाना साहिबाबाद में दर्ज एक मुकदमे का वांछित अपराधी अपने एक साथी के साथ मोटरसाइकिल पर लिंक रोड से साहिबाबाद की ओर आ रहा है। इस सूचना पर पुलिस टीम ने साहिबाबाद रेलवे स्टेशन के पास अंडरपास मार्ग पर सघन चेकिंग अभियान चलाया।

जब दो संदिग्ध मोटरसाइकिल पर आते दिखे और पुलिस ने रोकने का इशारा किया, तो आरोपी तेज गति से भागने लगा। पीछा करने के दौरान मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर फिसल गई। खुद को घिरता देख एक बदमाश ने पुलिस पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।

गिरफ्तारी और बरामदगी

जवाबी कार्रवाई में पवन उर्फ मोनू के पैर में गोली लगी, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। घायल आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार किया गया। उसके पास से बरामद सामग्री में शामिल हैं — एक अवैध तमंचा, दो जिंदा कारतूस, हिण्डन पुल से छीना गया मोबाइल फोन और लिंक रोड से चोरी की गई मोटरसाइकिल।

आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि

पूछताछ में सामने आया है कि पवन उर्फ मोनू गाजियाबाद और एनसीआर क्षेत्र में लूट, स्नैचिंग और चोरी की घटनाओं में लंबे समय से सक्रिय रहा है। 30 मार्च 2026 को साहिबाबाद क्षेत्र में हुई मोबाइल चोरी की घटना में भी उसकी संलिप्तता पाई गई है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ 12 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

गौरतलब है कि यह मुठभेड़ ऐसे समय में हुई है जब गाजियाबाद और एनसीआर में स्नैचिंग व चोरी की घटनाओं में वृद्धि को लेकर पुलिस पर दबाव बना हुआ है।

आगे की कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फरार साथी और गैंग के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन कर दिया गया है। घायल अभियुक्त पवन उर्फ मोनू से अस्पताल में भी पूछताछ जारी है और उसके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही गैंग के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किए जाने की उम्मीद है।

Point of View

लेकिन असली सवाल यह है कि 12 से अधिक मुकदमों वाला आरोपी इतने लंबे समय तक सक्रिय कैसे रहा। पुलिस मुखबिर तंत्र ने काम किया, पर फरार साथी की गिरफ्तारी न होना यह दर्शाता है कि गैंग का नेटवर्क अभी पूरी तरह नहीं टूटा। एनसीआर में आपराधिक गिरोहों पर दीर्घकालिक अंकुश के लिए केवल मुठभेड़ नहीं, बल्कि समन्वित खुफिया तंत्र और त्वरित न्यायिक प्रक्रिया की भी ज़रूरत है।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

गाजियाबाद मुठभेड़ में कौन गिरफ्तार हुआ?
गाजियाबाद के थाना साहिबाबाद क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में पवन उर्फ मोनू (30), निवासी हर्ष विहार, दिल्ली को गिरफ्तार किया गया। वह थाना साहिबाबाद में दर्ज एक मुकदमे में वांछित था और उसके खिलाफ 12 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
मुठभेड़ में क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने आरोपी के पास से एक अवैध तमंचा, दो जिंदा कारतूस, हिण्डन पुल से छीना गया मोबाइल फोन और लिंक रोड क्षेत्र से चोरी की गई एक मोटरसाइकिल बरामद की। ये सभी वस्तुएं आरोपी की पूर्व आपराधिक गतिविधियों से जुड़ी बताई जा रही हैं।
मुठभेड़ में आरोपी को गोली कैसे लगी?
पुलिस के अनुसार खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान आरोपी पवन उर्फ मोनू के पैर में गोली लगी और उसे अस्पताल भेज दिया गया।
क्या आरोपी का साथी पकड़ा गया?
नहीं, आरोपी का साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने फरार साथी और गैंग के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की है।
पवन उर्फ मोनू की आपराधिक पृष्ठभूमि क्या है?
पुलिस की पूछताछ के अनुसार पवन उर्फ मोनू गाजियाबाद और एनसीआर क्षेत्र में लूट, स्नैचिंग और चोरी की घटनाओं में सक्रिय रहा है। उसके खिलाफ 12 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और 30 मार्च 2026 को साहिबाबाद में हुई मोबाइल चोरी में भी उसकी संलिप्तता पाई गई है।
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