पीयूष गोयल ने अमेरिकी वाणिज्य सचिव के साथ आर्थिक सहयोग को बढ़ाने पर की सार्थक चर्चा
सारांश
Key Takeaways
- भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में सार्थक चर्चाएँ हुईं।
- सरकार ने भारतीय कारोबारियों के लिए बाजार पहुंच सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है।
- भारत ने 38 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं।
- आत्मनिर्भर भारत का उद्देश्य वैश्विक भागीदारी के माध्यम से मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाएं बनाना है।
- भारत अमेरिका से टैरिफ वसूली के मुद्दे पर आगे की बातचीत कर रहा है।
नई दिल्ली, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि उन्होंने अमेरिका के वाणिज्य सचिव हावर्ड लटनिक और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के साथ व्यापार और आर्थिक संबंधों को मजबूती देने के लिए ‘बहुत ही सार्थक चर्चा’ की।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए गोयल ने जानकारी दी कि उन्होंने अमेरिकी वाणिज्य सचिव और राजदूत के साथ द्विपक्षीय व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी को विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण वार्ता की।
उन्होंने कहा कि इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच सहयोग को बढ़ावा देना और आपसी संबंधों को गहरा करना रहा।
गोयल ने एक्स पर लिखा, "मैंने अमेरिकी वाणिज्य सचिव हावर्ड लटनिक और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की मेज़बानी की। व्यापार और आर्थिक साझेदारी को बढ़ाने के लिए प्रभावी चर्चाएँ हुईं।"
सर्जियो गोर ने भी इस बैठक को ‘प्रोडक्टिव’ बताया और कहा, "यह लंच मीटिंग हावर्ड लटनिक और पीयूष गोयल के साथ बहुत ही उपयोगी रही। हमारे दोनों देशों में सहयोग के कई क्षेत्र मौजूद हैं।"
यह बैठक ऐसे समय में आयोजित हुई है जब भारत वैश्विक व्यापार में अपनी भूमिका को और अधिक मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।
सरकार भारतीय कारोबारियों को अधिक बाजार पहुंच सुनिश्चित करने और उन्हें वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं से जोड़ने पर जोर दे रही है।
इससे पहले गोयल ने बताया था कि भारत ने 38 देशों के साथ नौ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) किए हैं, जिससे भारतीय व्यवसायों को वैश्विक व्यापार के लगभग दो-तिहाई हिस्से तक विशेष पहुंच मिली है।
उन्होंने कहा कि इन समझौतों से भारतीय वस्तुओं, सेवाओं, कृषि और मत्स्य उत्पादों तथा श्रम-प्रधान क्षेत्रों को नए बाजार मिल रहे हैं।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि 'आत्मनिर्भर भारत' का उद्देश्य अलग-थलग रहना नहीं है, बल्कि वैश्विक भागीदारी के माध्यम से मजबूत और विविध आपूर्ति श्रृंखलाएं विकसित करना है।
उन्होंने उद्यमियों और उद्योग जगत के नेताओं से अपील की है कि वे वैश्विक अवसरों को देश भर के एमएसएमई, किसानों, निर्यातकों और मछुआरों तक ले जाएं।
हाल ही में मुंबई में आयोजित 'ईवाई एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर अवार्ड' के 27वें संस्करण में गोयल ने कहा कि भारत की विकास यात्रा में उद्यमियों और युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि युवा भारत ‘अमृत काल’ के दौरान देश को 2047 तक विकसित अर्थव्यवस्था बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
फरवरी की शुरुआत में भारत और अमेरिका के बीच एक प्रारंभिक समझौते पर सहमति बनी थी, जिसमें अमेरिकी टैरिफ को भारतीय निर्यात पर 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने की योजना बनाई गई थी। इसके बदले में भारत ने पांच वर्षों में 500 अरब डॉलर के अमेरिकी सामान खरीदने का संकेत दिया था। यह समझौता पहले चरण को औपचारिक रूप देने के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में आगे की बातचीत का आधार था।
हालांकि, हाल ही में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के आपातकालीन टैरिफ को अमान्य कर दिया, जिससे भारत के लिए बातचीत की नई संभावनाएं बनी हैं।
इसके जवाब में भारत ने वॉशिंगटन जाने वाले अपने प्रतिनिधिमंडल की प्रस्तावित यात्रा को फिलहाल टाल दिया है, जिसका उद्देश्य अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देना था। हालांकि, भारत इस समझौते पर पुनर्विचार नहीं कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत भविष्य में संभावित न्यायिक या एकतरफा टैरिफ फैसलों से बचाव के उपायों पर जोर दे सकता है। साथ ही व्यापारिक संबंधों को बनाए रखते हुए घरेलू ऊर्जा और आर्थिक प्राथमिकताओं का संतुलन साधने की कोशिश करेगा। ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका भारत से टैरिफ वसूली जारी रखेगा और इस समझौते को अपने संशोधित दृष्टिकोण के तहत ‘निष्पक्ष’ बताया है।