धीरेंद्र शास्त्री की संस्था को विदेशों से चंदा प्राप्त करने की मिली मंजूरी

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धीरेंद्र शास्त्री की संस्था को विदेशों से चंदा प्राप्त करने की मिली मंजूरी

सारांश

गृह मंत्रालय ने बागेश्वर धाम जन सेवा समिति को एफसीआरए के तहत रजिस्ट्रेशन देकर विदेशों से चंदा स्वीकार करने की अनुमति दी। यह निर्णय संस्था की गतिविधियों के विस्तार का मार्ग प्रशस्त करेगा।

Key Takeaways

  • बागेश्वर धाम जन सेवा समिति को एफसीआरए रजिस्ट्रेशन मिला।
  • विदेशों से चंदा स्वीकार करने की अनुमति प्राप्त की।
  • धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के नेतृत्व में संस्था कार्यरत है।
  • संस्था को धार्मिक, सामाजिक और शैक्षिक श्रेणियों में रजिस्ट्रेशन मिला है।
  • संस्था की गतिविधियों में विस्तार की उम्मीद है।

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में अवस्थित बाबा बागेश्वर धाम से संबंधित संस्था के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। गृह मंत्रालय ने बागेश्वर धाम जन सेवा समिति को विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) के तहत रजिस्ट्रेशन प्रदान किया है। अब यह संस्था विदेशों से प्राप्त चंदे को कानूनी रूप से स्वीकार कर सकेगी।

यह संस्था पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के नेतृत्व में कार्यरत है, जो पूरे देश में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर के रूप में पहचान रखते हैं। पहले इस संस्था को विदेशी धन प्राप्त करने की अनुमति नहीं थी, लेकिन अब एफसीआरए रजिस्ट्रेशन मिलने से यह संभव हो गया है।

भारत में कोई भी एनजीओ या धार्मिक-सामाजिक संस्था यदि विदेश से धन प्राप्त करना चाहती है, तो उसे पहले सरकार से एफसीआरए की अनुमति लेनी होती है। यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि विदेशी फंड का उपयोग पारदर्शी तरीके से किया जा सके और उसका दुरुपयोग न हो। अनुमति मिलने के बाद ही कोई संस्था सामाजिक, धार्मिक, शैक्षिक या सांस्कृतिक कार्यों के लिए विदेशी दान प्राप्त कर सकती है।

बागेश्वर धाम जन सेवा समिति को अब कई श्रेणियों में रजिस्ट्रेशन प्राप्त हुआ है, जिसमें धार्मिक (हिंदू), सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक और सांस्कृतिक गतिविधियां शामिल हैं। इसका अर्थ यह है कि अब यह संस्था इन सभी क्षेत्रों में कार्य करने के लिए विदेशों से धन प्राप्त कर सकती है।

यह उल्लेखनीय है कि बागेश्वर धाम न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी अपने अनुयायियों के बीच प्रसिद्ध है। यहां बड़ी संख्या में भक्त दर्शन और आस्था के लिए आते हैं। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का नाम हाल ही में उनके धार्मिक आयोजनों और बयानों के कारण चर्चा में रहा है।

केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की गई इस एफसीआरए रजिस्ट्रेशन के बाद संस्था की गतिविधियों में और विस्तार होने की संभावना है, क्योंकि अब यह विदेशी फंड भी प्राप्त कर सकती है।

Point of View

जिससे उनकी गतिविधियों का विस्तार होगा। यह कदम पारदर्शिता और उचित नियमन की दिशा में महत्वपूर्ण है।
NationPress
16/04/2026

Frequently Asked Questions

एफसीआरए रजिस्ट्रेशन क्या है?
एफसीआरए रजिस्ट्रेशन एक सरकारी अनुमति है, जो विदेशी धन प्राप्त करने के लिए आवश्यक है।
बागेश्वर धाम जन सेवा समिति का नेतृत्व कौन कर रहा है?
यह समिति पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के नेतृत्व में कार्यरत है।
इस रजिस्ट्रेशन से संस्था को क्या लाभ होगा?
इस रजिस्ट्रेशन से संस्था विदेशों से चंदा प्राप्त कर सकेगी और अपने कार्यों का विस्तार कर सकेगी।
क्या सभी एनजीओ को एफसीआरए की अनुमति लेनी होती है?
जी हां, भारत में कोई भी एनजीओ या धार्मिक-सामाजिक संस्था यदि विदेश से धन लेना चाहती है, तो उसे एफसीआरए की अनुमति लेनी होती है।
बागेश्वर धाम के भक्तों की संख्या कितनी है?
बागेश्वर धाम देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी कई भक्तों के लिए एक प्रमुख स्थान है।
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