26 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

चीन के अंडरवॉटर डेटा सेंटर: समुद्र और पड़ोसी देशों के लिए एक गंभीर चुनौती

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
चीन के अंडरवॉटर डेटा सेंटर: समुद्र और पड़ोसी देशों के लिए एक गंभीर चुनौती

सारांश

चीन के अंडरवॉटर डेटा सेंटरों के बारे में अमेरिकी विशेषज्ञों की चिंता बढ़ती जा रही है। यह केंद्र समुद्र और पड़ोसी देशों पर गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं, जिससे वैश्विक पर्यावरण पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

मुख्य बातें

चीन के अंडरवॉटर डेटा सेंटर समुद्र और पड़ोसी देशों के लिए खतरा हैं।
इनसे निकलने वाली गर्मी समुद्री पारिस्थितिकी को नुकसान पहुंचा सकती है।
'हाइलान्सिन' कंपनी ने पहले भी चीनी नौसेना के लिए काम किया है।
अमेरिका ने इस कंपनी को तकनीकी दुरुपयोग के कारण ब्लैकलिस्ट किया।
चीन का पर्यावरणीय रिकॉर्ड आर्थिक विकास के लिए चिंताजनक है।

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। चीन के वाणिज्यिक अंडरवॉटर डेटा सेंटरों को लेकर अमेरिकी विशेषज्ञों में गहरी चिंता व्याप्त है। उनका मानना है कि ये समुद्र के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं, क्योंकि इनसे अत्यधिक गर्मी बाहर निकलती है। इससे पड़ोसी देशों जैसे वियतनाम और फिलीपींस पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

चीन ने अपना पहला वाणिज्यिक अंडरवॉटर डेटा सेंटर हैनान द्वीप के दक्षिण-पूर्वी तट के निकट, दक्षिण चीन सागर के उथले जल में स्थापित किया है। इस परियोजना का निर्माण 'हाइलान्सिन' नामक कंपनी ने किया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, यह सेंटर अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और बिग डेटा पर कार्यरत इंटरनेट कंपनियों को डेटा संग्रहण और कंप्यूटिंग सेवाएं प्रदान कर रहा है।

'हाइलान्सिन' पहले चीनी नौसेना के लिए भी कार्य कर चुकी है। यह कंपनी स्मार्ट शिप सिस्टम, समुद्री डेटा और समुद्र के मानचित्रों का निर्माण करती थी। 2022 में अमेरिका के वाणिज्य विभाग ने इस कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया था, क्योंकि इसके ऊपर आरोप था कि इसने अमेरिकी तकनीक से ऐसे सिस्टम विकसित किए हैं, जो रूस को यूक्रेन के तट पर पनडुब्बियों, गोताखोरों और युद्धपोतों की निगरानी करने में सहायता कर सकते थे।

रिपोर्ट में यह कहा गया है कि चीन समुद्र को केवल एक संसाधन के रूप में नहीं, बल्कि एक रणनीतिक हथियार के रूप में उपयोग कर रहा है। इसका मतलब है कि एआई के बढ़ते उपयोग से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान को वह समुद्र में डाल रहा है, जो कि पूरी दुनिया की साझा संपत्ति है। साथ ही, वह सस्ते एआई कंप्यूट का सबसे बड़ा सप्लायर बनने की कोशिश में जुटा है।

एक सामान्य अंडरवॉटर डेटा सेंटर पॉड लगभग 500 किलोवाट से एक मेगावाट तक बिजली का उपयोग करता है। 'हाइलान्सिन' की योजना 100 पॉड लगाने की है, जिससे कुल मिलाकर 50 से 100 मेगावाट तक ऊर्जा का उपयोग होगा।

यदि 100 मेगावाट की गर्मी निरंतर समुद्र में छोड़ी जाए, तो हर सेकंड लगभग दस करोड़ जूल ऊर्जा पानी में मिलती है।

हालांकि इसमें उन्नत कूलिंग सिस्टम लगे हों, फिर भी इतनी अधिक गर्मी आस-पास के समुद्री जल के बड़े हिस्से का तापमान कुछ ही घंटों में बढ़ा सकती है।

रिपोर्ट यह भी दर्शाती है कि आर्थिक विकास के लिए चीन का पर्यावरणीय रिकॉर्ड पहले से ही कमजोर रहा है। उदाहरण के लिए, दुर्लभ खनिजों के उत्पादन में चीन सबसे आगे है, लेकिन इसके लिए अत्यधिक पर्यावरणीय नुकसान हुआ है। हजारों वर्ग किलोमीटर भूमि और जलाशय बर्बाद हो चुके हैं और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। एक टन दुर्लभ खनिज निकालने पर लगभग 2000 टन कचरा और जहरीला पानी उत्पन्न होता है।

हालांकि, वर्तमान में ये अंडरवॉटर डेटा सेंटर चीन के अपने तटीय क्षेत्रों में स्थित हैं और पड़ोसी देशों से कुछ दूरी पर हैं, लेकिन समुद्र एक बंद प्रणाली नहीं है। इसमें छोड़ी गई गर्मी धीरे-धीरे पूरे समुद्री तंत्र में फैल जाती है।

'हाइलान्सिन' का कहना है कि उनके सिस्टम से पानी का तापमान अधिकतम दो डिग्री सेल्सियस तक बढ़ता है, जो नियंत्रित है। आलोचकों का कहना है कि समुद्र को 'फ्री हीट सिंक' की तरह उपयोग करना गलत है, क्योंकि यह पूरी दुनिया की साझा संपत्ति है।

रिपोर्ट के अनुसार, भविष्य में चीन सस्ती एआई सेवाएं (टोकन) पूरी दुनिया को बेचना शुरू कर सकता है, जो सस्ती ऊर्जा और अंडरवॉटर संरचना से संचालित होंगी। जैसे पहले सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक गाड़ियों के साथ हुआ, लोग इन एआई सेवाओं को भी तेजी से अपनाएंगे, भले ही इसके पीछे होने वाले पर्यावरणीय नुकसान पर ज्यादा ध्यान न दिया जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसका संरक्षण आवश्यक है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीन के अंडरवॉटर डेटा सेंटरों से क्या खतरा है?
इन डेटा सेंटरों से अत्यधिक गर्मी निकलती है, जो समुद्री पारिस्थितिकी को नुकसान पहुंचा सकती है और पड़ोसी देशों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।
हाइलान्सिन कंपनी कौन है?
हाइलान्सिन एक चीनी कंपनी है जो अंडरवॉटर डेटा सेंटरों के निर्माण और संचालन में संलग्न है।
क्या ये डेटा सेंटर पर्यावरणीय नियमों का पालन कर रहे हैं?
हालांकि कंपनी का दावा है कि तापमान नियंत्रण में है, आलोचक इसे समुद्र की साझा संपत्ति के लिए गलत मानते हैं।
क्या अमेरिका ने हाइलान्सिन को ब्लैकलिस्ट किया है?
हाँ, 2022 में अमेरिका ने इस कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया था, आरोप लगाते हुए कि उसने अमेरिकी तकनीक का दुरुपयोग किया।
चीन का पर्यावरणीय रिकॉर्ड कैसा है?
चीन का पर्यावरणीय रिकॉर्ड आर्थिक विकास के लिए कमजोर रहा है, जिसमें दुर्लभ खनिजों के उत्पादन के कारण बड़ा नुकसान हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले