सीएम युवा योजना को सशक्त करने के लिए क्रेडिट काउंसलर्स की विशेष ट्रेनिंग प्रारंभ, पहले बैच में ५० और दूसरे में २५ जिले शामिल
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ, १६ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के तहत, प्रदेश सरकार ने सीएम युवा योजना में युवाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिए इस वर्ष १.५ लाख युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इसी परिप्रेक्ष्य में, युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने और उन्हें बैंकिंग प्रक्रियाओं में दक्ष बनाने के लिए गोमतीनगर में सर्टिफाइड क्रेडिट काउंसलर्स (सीसीसी) की विशेष ट्रेनिंग का आयोजन किया गया है। पहले बैच में ५० जिलों और दूसरे बैच में २५ जिलों को शामिल किया गया है।
यूपीकॉन के सभी कर्मचारियों को इस प्रशिक्षण में शामिल किया जा रहा है, ताकि वे जमीनी स्तर पर युवाओं को उचित मार्गदर्शन प्रदान कर सकें। प्रशिक्षण के बाद कुल ९० सर्टिफाइड क्रेडिट काउंसलर प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात किए जाएंगे। ये काउंसलर सीएम युवा योजना के तहत ऋण लेने वाले लाभार्थियों को बैंकिंग प्रक्रियाओं, दस्तावेजीकरण और प्रोजेक्ट तैयार करने में सहायता करेंगे, जिससे युवाओं को आसानी से ऋण प्राप्त हो सके।
यूपीकॉन के एमडी प्रवीण सिंह ने बताया कि सर्टिफाइड क्रेडिट काउंसलर एमएसएमई उद्यमियों और बैंकों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करेंगे। वे न केवल उद्यमियों को उपयुक्त ऋण योजनाओं की जानकारी देंगे, बल्कि प्रोजेक्ट रिपोर्ट, वित्तीय विवरण और आवश्यक दस्तावेज तैयार करने में भी मदद करेंगे।
उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान क्रेडिट रेटिंग, सिबिल स्कोर और नए प्रोजेक्ट्स के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि सही वित्तीय योजना और बेहतर क्रेडिट प्रोफाइल के माध्यम से युवा उद्यमी न केवल आसानी से ऋण प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि अपने व्यवसाय को भी सफल बना सकते हैं।
यह पहल न केवल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि अनुभवी पेशेवरों, विशेषकर सेवानिवृत्त बैंक अधिकारियों को भी अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करने का अवसर प्रदान करती है। प्रदेश सरकार की यह पहल वित्तीय समावेशन को सुदृढ़ करते हुए एमएसएमई सेक्टर को नई ऊर्जा प्रदान करेगी। आने वाले समय में यह मॉडल प्रदेश में रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तीकरण का मजबूत आधार बनेगा।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (सिडबी) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस (आईआईबीएफ) के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।
यह ध्यान देने योग्य है कि यह सीसीसी कोर्स रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा अनुमोदित है, जिसे प्रदेश में व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है। सर्टिफाइड क्रेडिट काउंसलर योजना आरबीआई की वित्तीय समावेशन समिति की सिफारिशों पर आधारित है। इसका उद्देश्य एमएसएमई उद्यमियों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ना और उन्हें ऋण प्राप्त करने में आने वाली कठिनाइयों को दूर करना है।
इस ढांचे के अंतर्गत सिडबी को एक्रीडिटिंग एजेंसी और इंप्लीमेंटिंग एंड रजिस्टरिंग अथॉरिटी की भूमिका दी गई है, जबकि आईआईबीएफ द्वारा इस कोर्स को विकसित किया गया है। यह सर्टिफिकेशन प्राप्त करना सीसीसी बनने के लिए अनिवार्य है।