उत्तर प्रदेश में ‘सीएम युवा’ पहल से युवाओं में आत्मनिर्भरता का नया युग, 10,000 से अधिक स्टार्टअप स्थापित
सारांश
Key Takeaways
- सीएम युवा योजना ने 10,000 से अधिक इनोवेटिव उद्यम स्थापित किए हैं।
- युवाओं में आत्मविश्वास और उद्यमिता का स्तर बढ़ा है।
- फूड और रेस्टोरेंट व्यवसाय में सबसे अधिक स्टार्टअप हैं।
- बैंकों का भी महत्वपूर्ण योगदान है।
- युवाओं को नए अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।
लखनऊ, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश में सीएम युवा योजना के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में एक उल्लेखनीय परिवर्तन देखा जा रहा है। योगी सरकार के प्रयासों से राज्य में इनोवेशन पर आधारित स्टार्टअप तेजी से विकसित हो रहे हैं, जिससे हजारों युवाओं को न केवल रोजगार प्राप्त हो रहा है, बल्कि वे स्वयं रोजगार सृजनकर्ता भी बन रहे हैं।
सीएम युवा योजना के तहत अब तक 10,000 से अधिक इनोवेटिव उद्यम स्थापित किए जा चुके हैं, जो यह दर्शाता है कि युवाओं में उद्यमिता के प्रति आत्मविश्वास तेजी से बढ़ा है। विशेष रूप से, युवा पारंपरिक व्यवसायों को छोड़कर नए और आधुनिक क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने में लगे हुए हैं।
सीएम युवा के नोडल अधिकारी और ज्वाइंट कमिश्नर इंडस्ट्रीज सर्वेश्वर शुक्ला के अनुसार, ‘सीएम युवा’ जैसी योजनाओं के माध्यम से न केवल रोजगार के अवसर बढ़े हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश अब आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि सीएम युवा के तहत स्थापित कुल उद्यमों में 10 प्रतिशत इनोवेटिव मॉडल पर आधारित हैं। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुसार, मौजूदा वित्तीय वर्ष में इसे 25 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
यदि हम क्षेत्रवार आंकड़ों पर गौर करें, तो फूड और रेस्टोरेंट व्यवसाय युवाओं की पहली पसंद बनकर उभरा है, जहां सबसे अधिक 763 उद्यम स्थापित हुए हैं। इसके अतिरिक्त, कंप्यूटर ट्रेनिंग (370), पैथोलॉजी सैंपलिंग (260), फास्ट फूड (253), फ्रेंचाइजी आधारित मॉडल (253) और ऑनलाइन टीचिंग (189) जैसे क्षेत्रों में भी युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखी जा रही है। जबकि जिम (170), मोबाइल आईटी एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म (120), ट्रैवल एंड टूरिज्म (117) और क्लाउड किचन (117) जैसे उभरते क्षेत्रों में भी स्टार्टअप तेजी से बढ़ रहे हैं।
जनपदवार प्रदर्शन की बात करें तो, राजधानी लखनऊ 287 उद्यमों के साथ पहले स्थान पर है। इसके बाद आजमगढ़ (286), हरदोई (262), जौनपुर (लगभग 250), अंबेडकर नगर (241), कानपुर (236), वाराणसी (229), रायबरेली (225), बरेली (208) और फिरोजाबाद (197) जैसे जनपद इनोवेटिव मॉडल अपनाने में अग्रणी बनकर उभरे हैं। योगी सरकार की इस पहल ने प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति को नई दिशा दी है।
इस समस्त स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने में बैंकों की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक ने सर्वाधिक 2,133 इनोवेटिव मॉडलों को ऋण उपलब्ध कराया है। इसके अलावा, एसबीआई (1,549), बैंक ऑफ बड़ौदा (1,170), पंजाब नेशनल बैंक (1018), बैंक ऑफ इंडिया (774), सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (589), केनरा बैंक (585), इंडियन बैंक (573), यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (399) और यूको बैंक (182) ने भी युवाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर उनके स्टार्टअप को गति दी है।