भारत और अमेरिका के बीच व्यापार डील: वाशिंगटन जाने वाला भारतीय प्रतिनिधिमंडल
सारांश
Key Takeaways
- भारत और अमेरिका के बीच व्यापार संबंधों में सुधार होगा।
- भारतीय प्रतिनिधिमंडल अप्रैल के अंत में वाशिंगटन जाएगा।
- इस डील में कृषि उत्पाद, औद्योगिक सामान और मेडिकल उपकरण शामिल हैं।
- अमेरिकी उत्पादों के लिए भारत का बाजार खोला जाएगा।
- इस समझौते से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
नई दिल्ली, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत में अमेरिका के राजदूत और दक्षिण-मध्य एशिया के विशेष दूत सरजियो गोर ने यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (यूएसटीआर) एंबेसडर जैमिसन ग्रीर से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि यूएस-भारत व्यापार समझौते पर सहमति बन गई है और इस महीने के अंत में भारत का एक प्रतिनिधिमंडल वाशिंगटन पहुँचेगा।
गोर ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने जैमिसन ग्रीर के साथ हुई बैठक को सफल बताया।
इस बैठक में राष्ट्रपति ट्रंप की दक्षिण और मध्य एशिया में व्यापार प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। अमेरिका-भारत पहले ही एक व्यापार समझौते पर सहमति दे चुके हैं और इस महीने के अंत में (अप्रैल 2026) भारतीय प्रतिनिधिमंडल का वाशिंगटन में स्वागत करने को उत्सुक हैं।
8 अप्रैल को गोर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। उन्होंने एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए ट्रंप के साथ एक तस्वीर साझा की थी। गोर ने इस मुलाकात का उल्लेख करते हुए कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप के साथ एक शानदार डिनर किया। हमने वैश्विक स्थिरता लाने के उनके अटूट संकल्प, उनके राष्ट्रपति कार्यकाल की ऐतिहासिक उपलब्धियों, भारत-अमेरिका संबंधों के उज्ज्वल भविष्य और भी कई मुद्दों पर चर्चा की।"
इसके अलावा, गोर ने अमेरिकी वाणिज्य सचिव हावर्ड लटनिक से भी मुलाकात की। इस दौरान भी भारत-अमेरिका व्यापार और निवेश के मार्ग को मजबूत करने की चर्चा हुई। गोर ने कहा, "सेक्रेटरी हॉवर्ड लटनिक के साथ भारत-अमेरिका कमर्शियल रोडमैप पर एक उत्पादक बैठक हुई। हमने भारत की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) क्षमता को अमेरिकी तकनीकी पारिस्थितिकी से जोड़ने के लिए एक नए एमओयू पर चर्चा की, साथ ही आने वाले सिलेक्ट यूएसए समिट में भारत की मजबूत भागीदारी और अमेरिका में भारतीय फार्मा निवेश को बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।"
एक अलग बयान में, अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने कहा कि लटनिक और गोर मिलकर भारत-अमेरिका के व्यापक व्यापार ढांचे को आगे बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। विभाग ने एक्स पर पोस्ट किया कि "हम 1.4 अरब लोगों के बाजार को अमेरिकी उत्पादों के लिए खोलने और 500 अरब डॉलर से अधिक के अमेरिकी निर्यात को सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रहे हैं।"
गोर ने दिन की शुरुआत में ही अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से भी मुलाकात की थी। वहीं, विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी वाशिंगटन पहुँचे ताकि दोनों देशों के संपूर्ण संबंधों और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाया जा सके।
आपको बता दें, 6 फरवरी 2026 को यूएस और भारत सरकार ने संयुक्त बयान जारी कर अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौता की घोषणा की थी। इस डील में अमेरिकी औद्योगिक सामान, कृषि उत्पाद (फल, सब्जी, मेवे, स्पिरिट्स), रसायन, मेडिकल उपकरण आदि पर भारत में टैरिफ कम या समाप्त कर दिए गए हैं। भारत को भी अमेरिकी बाजार में अपनी निर्यात पर राहत मिली है।
भारतीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने मार्च के अंत में डब्ल्यूटीओ बैठक के दौरान भी एंबेसडर ग्रीर से मुलाकात की थी। फरवरी वाला समझौता उच्च-स्तरीय ढांचा था। अब अप्रैल में भारतीय टीम वाशिंगटन जा रही है, जिसमें कानूनी दस्तावेज, लागू करने के तरीके और अगला चरण तय किया जाएगा।