गुजरात पुलिस के डॉग 'चेक' ने 16 साल बाद जीता गोल्ड, एआईपीडीएम में किया कमाल
सारांश
Key Takeaways
- गुजरात पुलिस के डॉग 'चेक' ने गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल जीते।
- 16 साल बाद किसी पुलिस डॉग ने नेशनल स्तर पर गोल्ड जीता।
- प्रतियोगिता में 200 से अधिक डॉग्स ने भाग लिया।
- विशेष प्रशिक्षण और देखभाल से डॉग्स को तैयार किया गया।
- गुजरात में करीब 160 पुलिस डॉग्स तैनात हैं।
गांधीनगर, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात पुलिस के आनंद जिले का तीन साल छह महीने का लैब्राडोर डॉग ‘चेक’ ने 69वीं ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट (एआईपीडीएम) 2025–26 में अद्वितीय प्रदर्शन करते हुए एक गोल्ड और एक ब्रॉन्ज मेडल जीतकर राज्य पुलिस का नाम ऊँचा किया है। यह प्रतियोगिता हाल ही में नागपुर में आयोजित की गई थी।
मार्च-अप्रैल 2026 में आयोजित इस 69वें संस्करण में पूरे देश की पुलिस की के9 यूनिट्स, फॉरेंसिक विशेषज्ञों और पुलिसकर्मियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में विस्फोटक और नारकोटिक्स पहचान, ट्रैकिंग, एगिलिटी और ऑबेडियंस जैसे इवेंट शामिल थे, जिनमें प्रशिक्षित डॉग्स की दक्षता और समर्पण को प्रदर्शित किया गया।
गुजरात पुलिस के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 16 साल बाद किसी पुलिस डॉग ने राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीता है।
शुक्रवार को पुलिस भवन, गांधीनगर में डीजीपी के.एल.एन. राव ने डॉग ‘चेक’, उसके हैंडलर रमेश खांट और डॉग ट्रेनिंग कंसल्टेंट कर्नल चंदन सिंह राठौड़ से मिलकर उन्हें इस जीत के लिए बधाई दी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गुजरात पुलिस के कुल छह डॉग्स ने तीन विभिन्न श्रेणियों- ट्रैकिंग, विस्फोटक पहचान और नारकोटिक्स डिटेक्शन में भाग लिया, जिनमें प्रत्येक श्रेणी में दो-दो डॉग्स शामिल थे।
डॉग ट्रेनिंग कंसल्टेंट कर्नल चंदन सिंह राठौड़ ने कहा, “हमारे डॉग ‘चेक’ ने ट्रैकिंग श्रेणी में गोल्ड मेडल जीता और ओवरऑल ट्रैकिंग में भी ब्रॉन्ज जीता। यह गुजरात पुलिस के लिए गर्व का क्षण है, जिसके लिए हमने कड़ी मेहनत की।”
ट्रैकिंग इवेंट में देशभर की राज्य पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 45 डॉग्स ने हिस्सा लिया, जिसमें ‘चेक’ गोल्ड मेडलिस्ट बनकर उभरा। इसी प्रतियोगिता में 200 से ज्यादा डॉग्स ने विभिन्न श्रेणियों में भाग लिया।
नेशनल प्रतियोगिता से पहले गुजरात पुलिस ने इसकी तैयारी काफी पहले से शुरू कर दी थी। डीजीपी (ट्रेनिंग) डॉ. नीरजा गोत्रू के मार्गदर्शन में कुछ महीने पहले राज्य स्तर की पुलिस डॉग प्रतियोगिता आयोजित की गई थी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि चयनित डॉग्स को विशेष प्रशिक्षण दिया गया, उन्हें सख्त ट्रेनिंग शेड्यूल में रखा गया और उनकी उचित देखभाल की गई। इस प्रक्रिया में नौ डॉग्स को शॉर्टलिस्ट किया गया था, जिनमें से छह ने नेशनल चैंपियनशिप में भाग लिया।
गौरतलब है कि गुजरात के विभिन्न जिलों में लगभग 160 पुलिस डॉग्स तैनात हैं, जिन्हें विस्फोटक पहचान, नारकोटिक्स डिटेक्शन, अपराधियों का पीछा करने, शराब की पहचान और अटैक ऑपरेशन जैसे कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए प्रशिक्षित किया गया है।