झारखंड के सारंडा में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों का अभियान तेज, कई जवान घायल

Click to start listening
झारखंड के सारंडा में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों का अभियान तेज, कई जवान घायल

सारांश

झारखंड के सारंडा वन क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच संघर्ष जारी है। पिछले 24 घंटे में दो आईईडी विस्फोटों में छह जवान घायल हुए हैं, जो क्षेत्र में तनाव का संकेत हैं।

Key Takeaways

  • सारंडा वन क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ अभियान तेज।
  • पिछले 24 घंटे में छह जवान हुए घायल।
  • नक्सलियों की संख्या 50 से कम हो गई है।
  • सुरक्षाबलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
  • आईईडी विस्फोटों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल।

चाईबासा/रांची, १६ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के सारंडा वन क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच संघर्ष में तेजी आई है। पिछले २४ घंटे में नक्सलियों द्वारा बिछाए गए आईईडी के दो भयानक धमाकों और भीषण मुठभेड़ में कुल छह जवान घायल हो चुके हैं।

गुरुवार को हुए धमाके में एक अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हुआ, जिसे एयरलिफ्ट कर रांची भेजा जा रहा है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार को सुरक्षाबल के जवान सारंडा के गहन जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ खोजी अभियान चला रहे थे। इसी दौरान एक जवान का पैर जमीन के नीचे छिपाए गए प्रेशर आईईडी पर पड़ गया। जोरदार धमाके के कारण जवान को गंभीर चोटें आई हैं। उनकी स्थिति को देखते हुए तुरंत हेलीकॉप्टर की सहायता ली गई है। उन्हें रांची के खेलगांव स्थित हेलीपैड पर उतारकर अस्पताल ले जाया जाएगा।

इससे पहले बुधवार को मनोहरपुर के छोटानगरा थाना क्षेत्र के बलिबा जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच लगभग साढ़े तीन घंटे तक भीषण मुठभेड़ चली थी। खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए इस अभियान में हुए आईईडी विस्फोट में कोबरा 205 बटालियन के इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश सहित पांच जवान घायल हुए थे। घायलों में शैलेश कुमार दुबे, उत्तम सेनापति, जितेंद्र कुमार राय और प्रेम कुमार शामिल हैं, जिन्हें बुधवार शाम ही एयरलिफ्ट करके रांची भेजा गया था।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यह पूरा क्षेत्र एक करोड़ के इनामी नक्सली नेता मिसिर बेसरा का गढ़ है। सूत्रों के अनुसार, बुधवार की मुठभेड़ में कुछ नक्सलियों के हताहत होने की अपुष्ट खबरें हैं, हालांकि आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि अब इस क्षेत्र में नक्सलियों की संख्या ५० से भी कम रह गई है, जिसके कारण वे हताशा में सुरक्षाबलों को नुकसान पहुँचाने के लिए आईईडी का जाल बिछा रहे हैं।

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा नक्सलवाद के खात्मे के लिए निर्धारित समयसीमा के बाद झारखंड के जंगलों में हजारों की संख्या में जवानों को तैनात कर अभियान तेज कर दिया गया है। फिलहाल पूरे सारंडा क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित किया गया है और कोबरा, झारखंड जगुआर तथा जिला पुलिस की संयुक्त टीमें नक्सलियों की तलाश में सघन अभियान चला रही हैं। लगातार धमाकों और मुठभेड़ के कारण आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी दहशत का माहौल बना हुआ है।

Point of View

NationPress
17/04/2026

Frequently Asked Questions

सारंडा वन क्षेत्र में क्या हो रहा है?
सारंडा वन क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच संघर्ष तेज हो गया है, जिसमें कई जवान घायल हुए हैं।
क्या आईईडी विस्फोटों में कोई जवान घायल हुआ है?
हाँ, पिछले 24 घंटे में हुए दो आईईडी विस्फोटों में कुल छह जवान घायल हुए हैं।
नक्सलियों के खिलाफ अभियान में कौन सी टीमें शामिल हैं?
इस अभियान में कोबरा, झारखंड जगुआर और जिला पुलिस की संयुक्त टीमें शामिल हैं।
क्या इस क्षेत्र में नक्सलियों की संख्या कम हो रही है?
सूत्रों के अनुसार, इस क्षेत्र में नक्सलियों की संख्या 50 से कम रह गई है।
सरकार की प्रतिक्रिया क्या है?
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान को तेज करने के लिए हजारों जवानों को तैनात किया है।
Nation Press