युवराज सिंह: प्रभसिमरन के लिए बड़े भाई की तरह हैं, कोच नहीं
सारांश
Key Takeaways
- युवराज सिंह का प्रभसिमरन के लिए बड़ा भाई जैसा रिश्ता।
- पावरप्ले में आक्रामक रणनीति अपनाने की आवश्यकता।
- प्रभसिमरन ने पंजाब किंग्स में अपनी जगह मजबूत की है।
- क्रिकेट में युवराज की मार्गदर्शना का महत्वपूर्ण योगदान।
- इंडिया-ए में प्रदर्शन से सीनियर टीम में जगह बनाने की उम्मीद।
नई दिल्ली, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब किंग्स के विकेटकीपर-बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह की सफलता में युवराज सिंह की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। युवराज की मार्गदर्शना से प्रभसिमरन की बल्लेबाजी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। प्रभसिमरन ने बताया कि उनके और युवराज के बीच का रिश्ता कोच या मेंटर के बजाय बड़े भाई जैसा है।
पिछले सीजन के शानदार प्रदर्शन के बाद, आईपीएल 2026 में भी प्रभसिमरन सिंह पंजाब किंग्स के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने अब तक तीन पारियों में 80 रन बनाए हैं। गुरुवार को फ्रेंचाइजी (पंजाब किंग्स) द्वारा आयोजित एक वर्चुअल राउंड टेबल बातचीत में प्रभसिमरन ने युवराज से मिली अपनी मेंटरशिप के निजी पहलुओं, टी20 क्रिकेट के बदलते स्वरूप, और भारत ए के लिए खेलने से सीनियर टीम में जगह बनाने की उनकी उम्मीदों पर चर्चा की।
सवाल: टी20 क्रिकेट में स्कोरिंग रेट हर आईपीएल सीजन में नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। 200 से ज्यादा का स्कोर अब आम बात हो गया है। पावरप्ले में आपकी सोच में क्या बदलाव आया है?
जवाब: वास्तव में, अब खेल बहुत तेज हो गया है। पहले हमें 170 से 180 रन बचाने होते थे और हम ऐसा कर लेते थे। लेकिन अब 200 से ज्यादा का स्कोर बनाना आम बात है। इसलिए, मुझे लगता है कि पावरप्ले में आक्रामक रवैया अपनाना चाहिए। टीम, कोच और कप्तान की स्पष्टता है कि हम खुलकर खेलेंगे। अगर आप हिट करना चाहते हैं, तो बेझिझक हिट करें। अब 200 से ज्यादा रन बनाना इतना मुश्किल नहीं रहा।
सवाल: पंजाब किंग्स में अपने शुरुआती सालों में जब आपको खेलने के कम मौके मिलते थे, तब से लेकर अब तक आपकी तरक्की को आप कैसे देखते हैं?
जवाब: मुझे पंजाब किंग्स में आए हुए आठ साल हो चुके हैं। शुरुआत में मुझे ज्यादा मौके नहीं मिले थे, लेकिन पिछले 3-4 सालों से मुझे खेलने के मौके मिल रहे हैं। जब भी मुझे मौका मिलता है, मैं हर बार बेहतर करने की कोशिश करता हूं। कभी-कभी अच्छा होता है, कभी बुरा। मैं पंजाब किंग्स का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं।
सवाल: एक विकेटकीपर के नजरिए से खेल को समझने में आपको कितना फायदा मिलता है और आप कप्तान श्रेयस अय्यर की मदद कैसे करते हैं?
जवाब: मुझे लगता है कि मैच को समझने में विकेटकीपर का नजरिया सबसे अच्छा होता है। कभी-कभी कप्तान को बाउंड्री लाइन पर जाना पड़ता है, जहां शोर होता है और उन्हें सही बातें समझने में परेशानी होती है। मेरी भूमिका फील्डिंग के एंगल चेक करना और गेंदबाजों से संवाद करना है।
सवाल: युवराज सिंह के साथ आपके ट्रेनिंग सेशन काफी चर्चा में रहे हैं। उनके साथ अपने रिश्ते के बारे में बताएं।
जवाब: युवराज सिंह के साथ मेरा रिश्ता एक कोच या स्टूडेंट जैसा नहीं है; यह एक बड़े भाई जैसा है। जब भी हमें समय मिलता है, हम उन्हें फोन करते हैं और प्रैक्टिस का समय तय करते हैं।
सवाल: इंडिया-ए सेटअप में रहने का अनुभव सीनियर नेशनल टीम में जगह बनाने के आपके नजरिए को कैसे प्रभावित करता है?
जवाब: जब आप इंडिया-ए में जाते हैं, तो आपका मुख्य लक्ष्य सीनियर इंडियन टीम के लिए खेलना होता है। अगर आप अच्छे प्रदर्शन करते हैं, तो यह आत्मविश्वास बढ़ाता है।