दिल्ली हाईकोर्ट में रेखा गुप्ता पर हमले का मामला, अगली सुनवाई 15 अप्रैल को
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली हाईकोर्ट में रेखा गुप्ता पर हमले का मामला चल रहा है।
- आरोपियों ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी है।
- अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी।
- आरोपियों ने हत्या की कोशिश के आरोपों का विरोध किया है।
- यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों ही दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।
नई दिल्ली, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले से संबंधित मामले में एक नया कानूनी मोड़ सामने आया है। आरोपियों राजेश भाई खीमजी और तहसीन रजा उर्फ बापू ने निचली अदालत द्वारा आरोप तय करने के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने आरोपियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। अदालत ने दोनों पक्षों को 15 अप्रैल तक अपनी लिखित दलीलें प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई इसी दिन होगी।
इस केस में आरोपियों पर आपराधिक साजिश और हत्या की कोशिश जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। हालांकि, आरोपियों ने इन धाराओं का विरोध करते हुए कहा है कि यह केवल एक हमले का मामला है, जिसे हत्या की कोशिश के रूप में प्रस्तुत करना गलत है।
मामले में आरोपियों की ओर से पेश हुए एडवोकेट हैरी छिब्बर ने कहा कि यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण थी लेकिन इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "यह सच है कि घटना से गंभीर चोट लग सकती थी, लेकिन मौजूदा तथ्यों के आधार पर यह कहना सही नहीं है कि गला घोंटने की कोशिश हुई थी। यह केवल एक हमला था, जिसे हत्या की कोशिश नहीं कहा जा सकता।"
उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली में रोजाना ऐसे हमले या रोड रेज जैसी घटनाएं होती हैं, लेकिन हर मामले को हत्या की कोशिश नहीं माना जा सकता। छिब्बर ने बताया कि आरोपी राजेश भाई खेमजी गुजरात के राजकोट का निवासी है और वह दिल्ली मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस में अपनी एक चिंता को लेकर आया था।
एडवोकेट के अनुसार, उस समय आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ विरोध चल रहा था। इसी मुद्दे पर अपनी बात रखने के लिए आरोपी दिल्ली आया था। उनका कहना है कि वह मुख्यमंत्री से मिलकर यह आग्रह करना चाहता था कि इस मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए और कुत्तों को शेल्टर होम में रखकर उनकी देखभाल की जाए।
हालांकि, बातचीत के दौरान अचानक क्या हुआ, इस पर वकील ने खुलासा करने से इनकार कर दिया और कहा कि यह ट्रायल का हिस्सा है, जिस पर अभी चर्चा नहीं की जा सकती।