नोएडा में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, 16 ठग गिरफ्तार

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नोएडा में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, 16 ठग गिरफ्तार

सारांश

नोएडा में एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ हुआ है, जहां से 16 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया। यह गिरोह विदेशी नागरिकों को ठगने के लिए हैकिंग का डर दिखाता था। जानिए पूरी खबर।

Key Takeaways

  • फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ हुआ है।
  • 16 साइबर ठग गिरफ्तार किए गए हैं।
  • गिरोह ने विदेशी नागरिकों को ठगा।
  • पुलिस ने कई उपकरण बरामद किए हैं।
  • सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की आवश्यकता है।

नोएडा, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गौतमबुद्धनगर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। साइबर क्राइम थाना ने सेक्टर-16 नोएडा में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा करते हुए 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह इंटरनेट पर पेड विज्ञापनों के जरिए विदेशी नागरिकों को अपने जाल में फंसाता था और उन्हें हैकिंग और डेटा चोरी का भय दिखाकर ठगी करता था।

पुलिस के अनुसार, 9 अप्रैल 2026 को स्थानीय इंटेलिजेंस और तकनीकी जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई की गई। आरोपियों के पास से 4 लैपटॉप, 15 डेस्कटॉप, 15 मॉनिटर, 16 मोबाइल फोन, 16 माइक-हेडफोन, 2 राउटर और 1 मॉडम बरामद किया गया है। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से संगठित तरीके से साइबर धोखाधड़ी कर रहा था।

पूछताछ में यह सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफार्मों पर पेड विज्ञापन चलाते थे, जिनमें टोल-फ्री नंबर दिए जाते थे। जब विदेशी नागरिक इन विज्ञापनों को देखकर कॉल करते थे, तो कॉल सीधे उनके सिस्टम में इंस्टॉल कॉलिंग सॉफ्टवेयर पर पहुँच जाती थी। इसके बाद आरोपी खुद को टेक्निकल सपोर्ट एजेंट बताकर पीड़ितों को यह विश्वास दिलाते थे कि उनका कंप्यूटर हैक हो गया है। इसके बाद आरोपी स्क्रीन शेयरिंग एप्लीकेशन के जरिए पीड़ित के सिस्टम तक पहुंच बना लेते थे और उनकी बैंकिंग जानकारी हासिल कर लेते थे। डर पैदा करने के लिए वे कंप्यूटर स्क्रीन को काला कर देते थे, जिससे लोग उनकी बातों में आ जाते थे।

इसके बाद खातों में उपलब्ध रकम के अनुसार 100 से 500 डॉलर या उससे अधिक की ठगी की जाती थी। पुलिस की जांच में पाया गया है कि ठगी से अर्जित रकम को आरोपी क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर हवाला चैनल के माध्यम से प्राप्त करते थे और आपस में बांट लेते थे। बरामद मोबाइल और लैपटॉप के विश्लेषण से करोड़ों रुपए के लेन-देन के सबूत मिले हैं। इस मामले में थाना साइबर क्राइम में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ आईटी एक्ट की धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस अब गिरोह के अन्य नेटवर्क और संभावित पीड़ितों की जानकारी इकट्ठा करने में लगी है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या विज्ञापन पर भरोसा न करें। यदि कोई व्यक्ति खुद को टेक्निकल सपोर्ट बताकर डराने की कोशिश करे, तो सतर्क रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति को स्क्रीन शेयरिंग की अनुमति न दें और अपनी बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यदि आप साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

Point of View

NationPress
12/04/2026

Frequently Asked Questions

यह फर्जी कॉल सेंटर किस प्रकार काम कर रहा था?
यह गिरोह इंटरनेट पर पेड विज्ञापन चला कर विदेशी नागरिकों को कॉल करने के लिए प्रेरित करता था और उन्हें हैकिंग का डर दिखाकर ठगता था।
पुलिस ने कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया?
पुलिस ने 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
इस गिरोह के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई?
पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और गिरोह के अन्य नेटवर्क की जानकारी इकट्ठा कर रही है।
सुरक्षा के लिए आम नागरिकों को क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
आम नागरिकों को अनजान कॉल या विज्ञापनों पर भरोसा न करने और स्क्रीन शेयरिंग की अनुमति न देने की सलाह दी गई है।
अगर कोई साइबर ठगी का शिकार हो जाए तो क्या करें?
ऐसे में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
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