गुजरात में चांदीपुरा वायरस: 225 संदिग्ध मामले, 39 पुष्टि, 25 बच्चों की मौत
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात में चांदीपुरा वायरस का प्रकोप गंभीर होता जा रहा है। 30 जून से 10 अगस्त 2026 के बीच राज्य में 225 संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिनमें से 39 की पुष्टि लैब परीक्षण से हो चुकी है और पुष्टि किए गए मरीजों में से 25 की मृत्यु हो चुकी है। गुजरात स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को ये ताज़ा आँकड़े जारी किए।
मुख्य घटनाक्रम
इस महीने की शुरुआत में राज्य की पिछली ब्रीफिंग में 184 संदिग्ध मामले दर्ज थे — यह संख्या अब 41 की वृद्धि के साथ 225 तक पहुँच गई है। पुष्टि किए गए मामले 39 पर स्थिर हैं, जबकि मृत्यु संख्या 22 से बढ़कर 25 हो गई है। 225 संदिग्ध मामलों में से 212 की लैब जाँच पूरी हो चुकी है; शेष 13 नमूनों के परिणाम अभी आने बाकी हैं, जिससे पुष्टि किए गए मामलों की संख्या आगे बदल सकती है।
बीमारी की शुरुआत कहाँ से हुई
इस संक्रमण का पहला सुराग पंचमहल जिले में मिला था, जहाँ जुलाई की शुरुआत में चांदीपुरा के लक्षण उभरने के बाद दो छोटे बच्चों की मौत हो गई थी। इसके तुरंत बाद प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी, लैब परीक्षण और वेक्टर-नियंत्रण (रोग फैलाने वाले कीटों पर नियंत्रण) के उपाय तेज़ कर दिए गए। गौरतलब है कि 20 जुलाई तक केवल 63 संदिग्ध मामले थे और 12 की पुष्टि हुई थी — महज़ तीन सप्ताह में यह संख्या तीन गुना से अधिक हो गई है।
सरकार की प्रतिक्रिया
स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने बताया कि विभाग प्रभावित इलाकों पर बारीकी से नज़र रख रहा है, मरीजों की यात्रा और केस हिस्ट्री की जाँच की जा रही है और वेक्टर-नियंत्रण उपायों को और मज़बूत किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि समय पर बीमारी का पता लगाने के लिए लैब परीक्षण की गति बढ़ाई जा रही है। महामारी की शुरुआत में स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों को निर्देश दिया था कि बच्चों के संदिग्ध मामलों को बिना देरी ऑक्सीजन और वेंटिलेटर सुविधा वाले अस्पतालों में भेजा जाए।
चांदीपुरा वायरस क्या है
चांदीपुरा वायरस एक वेक्टर-जनित संक्रमण है जो मुख्य रूप से सैंडफ्लाई (बालू मक्खी) के ज़रिए फैलता है और खासकर बच्चों में एक्यूट एन्सेफलाइटिस सिंड्रोम (मस्तिष्क में गंभीर सूजन) का कारण बन सकता है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, पुष्टि किए गए सभी मरीज़ 15 वर्ष से कम आयु के हैं। मानसून के मौसम में सैंडफ्लाई की सक्रियता बढ़ने से इस वायरस के मामले अधिक सामने आते हैं। संक्रमण गुजरात के किसी एक गाँव या जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों से मामले आ रहे हैं।
आगे क्या
स्वास्थ्य अधिकारी 13 लंबित नमूनों के परिणाम आने का इंतज़ार कर रहे हैं, जिसके बाद पुष्टि किए गए मामलों की संख्या में बदलाव संभव है। राज्य सरकार निगरानी और परीक्षण जारी रखे हुए है और महामारी पर कड़ी नज़र बनाए हुए है।