गुजरात में चांडीपुरा वायरस: 6 बच्चों में संक्रमण की पुष्टि, 3 की मौत; सरकार ने अस्पतालों को तत्काल जांच के निर्देश दिए
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात में चांडीपुरा वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर राज्य सरकार ने 11 जुलाई 2026 को हाई अलर्ट जारी कर दिया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया ने शनिवार को बताया कि बच्चों में 17 संदिग्ध मामलों की जांच कराई गई, जिनमें 6 बच्चों में संक्रमण की पुष्टि हुई है और पिछले 10 दिनों में 3 बच्चों की मौत हो चुकी है। सभी संक्रमित बच्चों का उपचार जारी है और स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
मुख्य घटनाक्रम
मंत्री पानशेरिया के अनुसार, जांचे गए 17 संदिग्ध मामलों में से 10 बच्चों की रिपोर्ट निगेटिव आई, जबकि 6 में चांडीपुरा वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके अलावा वडनगर के एक अस्पताल में भर्ती एक अन्य बच्चे की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। मंत्री ने कहा, "पिछले 10 दिनों के दौरान चांडीपुरा वायरस से जुड़े मामलों में तीन बच्चों की मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग सभी मरीजों पर लगातार नजर बनाए हुए है और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।"
सरकार की प्रतिक्रिया और निर्देश
राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि यदि किसी बच्चे में चांडीपुरा वायरस से मिलते-जुलते लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत जांच कराई जाए। मंत्री पानशेरिया ने कहा, "समय पर जांच और उपचार से बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।" राज्य सरकार की आरोग्य टीमें गांव-गांव जाकर स्थिति का जायजा ले रही हैं और संभावित संक्रमित क्षेत्रों में निरंतर निगरानी की जा रही है।
पिछले प्रकोप से तुलना
गौरतलब है कि वर्ष 2024 में भी गुजरात के 61 गांवों में चांडीपुरा वायरस का प्रकोप देखा गया था। उस दौरान स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गांवों में व्यापक सर्वेक्षण, दवा छिड़काव और एहतियाती उपाय किए थे। यह वायरस का दूसरा बड़ा प्रकोप है, जो यह दर्शाता है कि सैंड फ्लाई जनित यह संक्रमण राज्य में एक पुनरावर्ती स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है।
वायरस का फैलाव और बचाव
मंत्री पानशेरिया ने बताया कि चांडीपुरा वायरस के प्रसार में 'सैंड फ्लाई' नामक एक छोटी मक्खी की भूमिका मानी जाती है, जो प्रायः कच्चे मकानों, मिट्टी और दीवारों की दरारों में पनपती है। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग प्रभावित इलाकों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करा रहा है। साथ ही लोगों को साफ-सफाई बनाए रखने और घरों के आसपास गंदगी व नमी न रहने देने की सलाह दी जा रही है।
आम जनता से अपील
मंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा, "इस वायरस को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना बेहद आवश्यक है।" उन्होंने उम्मीद जताई कि संक्रमित 6 बच्चों का उपचार सफल रहेगा और वे जल्द स्वस्थ होकर घर लौटेंगे। आगे आने वाले दिनों में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और तेज की जाएगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान जारी रहेगा।