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बांग्लादेश में खसरे से 753 बच्चों की मौत, 24 घंटे में 702 नए संदिग्ध मामले

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बांग्लादेश में खसरे से 753 बच्चों की मौत, 24 घंटे में 702 नए संदिग्ध मामले

सारांश

बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप गहराता जा रहा है — 753 बच्चों की मौत, 1,10,601 संदिग्ध मामले और घटता टीकाकरण कवरेज मिलकर एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट की तस्वीर बना रहे हैं।

मुख्य बातें

शुक्रवार से शनिवार सुबह 8 बजे के बीच 3 और बच्चों की मौत से कुल मृतक संख्या 753 हुई।
कुल मौतों में 660 संदिग्ध और 93 प्रयोगशाला-पुष्ट खसरा मौतें शामिल हैं।
पिछले 24 घंटों में 702 नए संदिग्ध मामले; देश में कुल संदिग्ध मामले 1,10,601 ।
15 मार्च से अब तक 93,491 मरीज़ भर्ती, जिनमें से 89,762 स्वस्थ होकर घर लौटे।
बांग्लादेश में 12-23 महीने के बच्चों का पूर्ण टीकाकरण कवरेज 2019 के 83.9% से घटकर 2023 में 81.6% रह गया।
विशेषज्ञों के अनुसार कुपोषण, स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और उपचार में देरी प्रकोप को बढ़ावा दे रहे हैं।

बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के अनुसार, शुक्रवार से शनिवार सुबह 8 बजे के बीच 3 और बच्चों की मौत हो गई, जिससे देश में खसरे अथवा खसरे के लक्षणों से मरने वाले बच्चों की कुल संख्या 753 पहुँच गई है। डीजीएचएस ने इन तीनों नई मौतों को संदिग्ध खसरा श्रेणी में दर्ज किया है।

मौतों और मामलों का ताज़ा आँकड़ा

डीजीएचएस के नवीनतम आँकड़ों के अनुसार, कुल 753 मौतों में से 660 संदिग्ध खसरा मौतें हैं, जबकि प्रयोगशाला परीक्षण से पुष्ट मौतों की संख्या 93 पर स्थिर है। पिछले 24 घंटों में 702 नए संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिससे देशभर में संदिग्ध मामलों की कुल संख्या बढ़कर 1,10,601 हो गई है। इसी अवधि में 84 नए मामलों की लैब से पुष्टि हुई, जिससे कन्फर्म मामलों का आँकड़ा 13,410 पहुँच गया है।

अस्पताल में भर्ती और स्वस्थ होने की स्थिति

स्वास्थ्य विभाग के आँकड़ों के अनुसार, 15 मार्च से अब तक खसरे के संदिग्ध लक्षणों वाले 93,491 मरीज़ों को अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है। इनमें से 89,762 मरीज़ उपचार के बाद स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। स्वास्थ्य अधिकारी लगातार निगरानी बनाए हुए हैं और अभिभावकों से अपील कर रहे हैं कि वे बच्चों का समय पर टीकाकरण कराएँ तथा खसरे के लक्षण दिखते ही तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।

प्रकोप के पीछे की वजहें

बांग्लादेशी दैनिक डेली स्टार में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों में खसरा और अन्य संक्रामक बीमारियों के तेज़ी से फैलने के पीछे प्रतिकूल परिस्थितियाँ, कुपोषण, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की कमी, उपचार में देरी और बढ़ता चिकित्सा खर्च प्रमुख कारण हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कुपोषित बच्चों में खसरा और निमोनिया जैसी बीमारियों से गंभीर जटिलताओं और मौत का खतरा कई गुना अधिक होता है।

गौरतलब है कि बांग्लादेश में हर साल पाँच वर्ष से कम आयु के लगभग 24,000 बच्चों की मौत निमोनिया से होती है — यानी प्रतिदिन औसतन 60 बच्चे। खसरा एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है, जिसकी संक्रमण फैलाने की क्षमता कोरोनावायरस से भी अधिक मानी जाती है।

घटता टीकाकरण कवरेज: एक बड़ी चिंता

रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश में बच्चों का टीकाकरण कवरेज लगातार घट रहा है। 12 से 23 महीने के बच्चों में पूर्ण टीकाकरण कवरेज 2019 में 83.9 प्रतिशत था, जो 2023 में घटकर 81.6 प्रतिशत रह गया। शहरी क्षेत्रों में यह आँकड़ा केवल 79 प्रतिशत है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 84.6 प्रतिशत बच्चों को पूर्ण टीकाकरण मिल पा रहा है।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश पहले से ही सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली पर दबाव झेल रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक टीकाकरण कवरेज में सुधार नहीं होता और कुपोषण की समस्या का समाधान नहीं निकाला जाता, तब तक खसरे के प्रकोप पर काबू पाना कठिन रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

घटते टीकाकरण और सिकुड़ती प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के बोझ तले दबी है। चिंताजनक यह है कि टीकाकरण कवरेज में गिरावट शहरी क्षेत्रों में सबसे तेज़ है, जहाँ स्वास्थ्य ढाँचा बेहतर माना जाता है। जब तक कुपोषण और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच को एक साथ नहीं सुधारा जाता, केवल टीकाकरण अभियान इस प्रकोप को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं होगा।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश में खसरे से अब तक कितने बच्चों की मौत हुई है?
स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के अनुसार, शनिवार सुबह 8 बजे तक बांग्लादेश में खसरे अथवा खसरे के लक्षणों से कुल 753 बच्चों की मौत हो चुकी है। इनमें 660 संदिग्ध और 93 प्रयोगशाला-पुष्ट मौतें शामिल हैं।
बांग्लादेश में खसरा इतनी तेज़ी से क्यों फैल रहा है?
डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, कुपोषण, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की कमी, उपचार में देरी और घटता टीकाकरण कवरेज इस प्रकोप के प्रमुख कारण हैं। खसरा एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है जिसकी संक्रमण फैलाने की क्षमता कोरोनावायरस से भी अधिक मानी जाती है।
बांग्लादेश में खसरे के कुल कितने मामले सामने आए हैं?
डीजीएचएस के अनुसार, 15 मार्च से अब तक देश में कुल 1,10,601 संदिग्ध मामले दर्ज हो चुके हैं, जबकि प्रयोगशाला से पुष्ट मामलों की संख्या 13,410 है। पिछले 24 घंटों में अकेले 702 नए संदिग्ध और 84 नए कन्फर्म मामले सामने आए।
बांग्लादेश में बच्चों का टीकाकरण कवरेज कितना है?
डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, 12 से 23 महीने के बच्चों में पूर्ण टीकाकरण कवरेज 2019 के 83.9 प्रतिशत से घटकर 2023 में 81.6 प्रतिशत रह गया है। शहरी क्षेत्रों में यह और भी कम — केवल 79 प्रतिशत — है।
खसरे से सबसे अधिक खतरा किन बच्चों को है?
विशेषज्ञों के अनुसार, कुपोषित शिशु और पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चे खसरे के सबसे बड़े शिकार बन रहे हैं। कुपोषित बच्चों में खसरा और निमोनिया जैसी बीमारियों से गंभीर जटिलताओं और मौत का खतरा कई गुना अधिक होता है।
राष्ट्र प्रेस
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