22 अगस्त 2026
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बांग्लादेश में खसरे से 499 बच्चों की मौत, 24 घंटे में 11 और की जान गई; यूनिसेफ ने पहले ही दी थी चेतावनी

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बांग्लादेश में खसरे से 499 बच्चों की मौत, 24 घंटे में 11 और की जान गई; यूनिसेफ ने पहले ही दी थी चेतावनी

सारांश

बांग्लादेश में खसरे का संकट थमने का नाम नहीं ले रहा — 499 मौतें, 60,540 संदिग्ध मामले और यूनिसेफ की वह चेतावनी जिसे अनसुना किया गया। यह सिर्फ महामारी नहीं, एक रोकी जा सकने वाली त्रासदी है।

मुख्य बातें

22 मई 2026 तक बांग्लादेश में खसरे से कुल 499 मौतें — 414 संदिग्ध , 85 पुष्ट ।
बीते 24 घंटों में 11 बच्चों की मौत; 9 संदिग्ध, 2 पुष्ट खसरा मामले।
कुल संदिग्ध मामले 60,540 ; पुष्ट संक्रमित 8,329 ; 47,511 अस्पताल में भर्ती।
यूनिसेफ ने पूर्व अंतरिम सरकार को 2024 से 2026 के बीच 5-6 पत्र और 10 बैठकों में वैक्सीन संकट की चेतावनी दी थी।
बीएनपी नीत सरकार ने प्रकोप की जाँच शुरू की; यूनिसेफ ने साक्ष्य देने का आश्वासन दिया।

बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप गहराता जा रहा है। 22 मई 2026 को जारी आँकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटों में 11 बच्चों की मौत हो गई, जिससे 15 मार्च से अब तक कुल मृतक संख्या बढ़कर 499 हो गई है। आरोग्य सेवा महासंचालनालय (डीजीएचएस) ने यह जानकारी दी।

मृत्यु और संक्रमण के ताज़ा आँकड़े

डीजीएचएस के अनुसार, ताज़ा 11 मौतों में से 9 को संदिग्ध खसरा जनित मृत्यु माना गया है, जबकि 2 मौतों की पुष्टि प्रयोगशाला परीक्षण से हुई है। कुल 499 मौतों में 414 संदिग्ध और 85 पुष्ट खसरा मामलों से जुड़ी मौतें शामिल हैं।

पिछले 24 घंटों में 1,261 नए संदिग्ध मामले सामने आए, जिससे कुल संदिग्ध मामलों की संख्या 60,540 हो गई। इसी अवधि में 54 नए पुष्ट मामले दर्ज किए गए और कुल पुष्ट संक्रमितों की संख्या 8,329 पहुँच गई।

अस्पताल में भर्ती और स्वास्थ्य लाभ

15 मार्च से अब तक 47,511 संदिग्ध मरीज़ अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। इनमें से 43,411 मरीज़ उपचार के बाद घर लौट चुके हैं। हालाँकि बड़ी संख्या में मरीज़ों का ठीक होना राहत की बात है, लेकिन मृत्युदर का लगातार बढ़ना स्वास्थ्य तंत्र की सीमाओं को उजागर करता है।

यूनिसेफ की चेतावनी और सरकार की विफलता

ढाका में आयोजित प्रेस वार्ता में यूनिसेफ की बांग्लादेश प्रतिनिधि राणा फ्लावर्स ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र एजेंसी ने मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली पूर्व अंतरिम सरकार को वैक्सीन की कमी को लेकर 5 से 6 पत्र भेजे थे और अंतरिम सरकार के कार्यकाल के दौरान 10 बैठकों में यह मुद्दा उठाया गया था।

फ्लावर्स ने कहा, '2024 से ही हम सरकार को आगाह कर रहे थे कि वैक्सीन की कमी बड़े स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकती है। 2024 से 2026 तक हमने लगातार पत्र भेजे और कई बैठकों में यह स्पष्ट किया कि वैक्सीन की तत्काल खरीद जरूरी है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।'

यूनिसेफ के उप कार्यकारी निदेशक टेड चैबन ने भी अगस्त 2025 में बांग्लादेश दौरे के दौरान विदेश मंत्रालय के साथ बैठक में वैक्सीन संकट पर गंभीर चिंता जताई थी।

जाँच और आगे की कार्रवाई

राणा फ्लावर्स ने बताया कि बीएनपी नीत सरकार द्वारा खसरा प्रकोप की जाँच शुरू की गई है, जिसमें यूनिसेफ सभी आवश्यक साक्ष्य उपलब्ध कराएगा। यह ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश पहले से ही राजनीतिक अस्थिरता और स्वास्थ्य ढाँचे की कमज़ोरियों से जूझ रहा है। गौरतलब है कि खसरा एक रोके जाने योग्य बीमारी है और नियमित टीकाकरण से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रकोप टीकाकरण कार्यक्रम में व्यवस्थागत विफलता का परिणाम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक प्रशासनिक विफलता की कहानी है। यूनिसेफ ने दो वर्षों में दर्जनों चेतावनियाँ दीं, फिर भी वैक्सीन की खरीद नहीं हुई — यह जवाबदेही का सवाल है। खसरा एक ऐसी बीमारी है जिसे टीकाकरण से लगभग पूरी तरह रोका जा सकता है, और जब 60,000 से अधिक मामले सामने आते हैं तो यह स्पष्ट है कि राजनीतिक अस्थिरता ने सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र को कमज़ोर किया। बीएनपी सरकार की जाँच तभी सार्थक होगी जब इसके नतीजे नीतिगत सुधार में बदलें, न कि केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रहें।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश में खसरे से अब तक कितनी मौतें हो चुकी हैं?
22 मई 2026 तक बांग्लादेश में खसरे और उससे मिलते-जुलते लक्षणों के कारण कुल 499 मौतें हो चुकी हैं, जिनमें 414 संदिग्ध और 85 पुष्ट खसरा मामले शामिल हैं। यह आँकड़ा 15 मार्च 2026 से गिना जा रहा है।
यूनिसेफ ने बांग्लादेश सरकार को वैक्सीन संकट के बारे में कब चेताया था?
यूनिसेफ ने 2024 से 2026 के बीच बांग्लादेश के स्वास्थ्य मंत्रालय को 5 से 6 पत्र भेजे और अंतरिम सरकार के कार्यकाल में 10 बैठकों में वैक्सीन की कमी का मुद्दा उठाया। यूनिसेफ प्रतिनिधि राणा फ्लावर्स के अनुसार, तत्काल वैक्सीन खरीद की माँग बार-बार की गई लेकिन उस पर अमल नहीं हुआ।
बांग्लादेश में खसरे के कुल कितने मामले सामने आए हैं?
15 मार्च 2026 से अब तक 60,540 संदिग्ध और 8,329 पुष्ट खसरा मामले दर्ज किए गए हैं। 47,511 मरीज़ अस्पताल में भर्ती हुए, जिनमें से 43,411 ठीक होकर घर लौट चुके हैं।
बांग्लादेश में खसरा इतना क्यों फैला?
विशेषज्ञों और यूनिसेफ के अनुसार, वैक्सीन की कमी और टीकाकरण कार्यक्रम में व्यवस्थागत विफलता इस प्रकोप का मुख्य कारण है। राजनीतिक अस्थिरता के दौर में स्वास्थ्य तंत्र की प्राथमिकताएँ प्रभावित हुईं और समय पर वैक्सीन की खरीद नहीं हो सकी।
खसरा प्रकोप की जाँच कौन कर रहा है?
बांग्लादेश में बीएनपी नीत सरकार ने खसरा प्रकोप की जाँच शुरू की है। यूनिसेफ ने कहा है कि वह इस जाँच में सभी आवश्यक साक्ष्य उपलब्ध कराएगा।
राष्ट्र प्रेस
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