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बांग्लादेश में खसरे से 657 बच्चों की मौत, 24 घंटे में 1,006 नए संदिग्ध मामले

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बांग्लादेश में खसरे से 657 बच्चों की मौत, 24 घंटे में 1,006 नए संदिग्ध मामले

सारांश

बांग्लादेश में खसरे का संकट गहराता जा रहा है — 657 बच्चों की मौत, 87,929 संदिग्ध मामले और रोज़ 1,000 से अधिक नए भर्ती। यूनिसेफ ने 2024 से चेताया था, 10 बैठकें हुईं, पर वैक्सीन खरीद नहीं हुई। यह लापरवाही अब बच्चों की जान ले रही है।

मुख्य बातें

बांग्लादेश में खसरे या खसरे जैसे लक्षणों से मृतकों की कुल संख्या 657 हो गई है, जिसमें 564 संदिग्ध और 93 प्रयोगशाला-पुष्ट मौतें शामिल हैं।
पिछले 24 घंटों में 1,006 नए संदिग्ध मामले आए; कुल संदिग्ध मामले 87,929 और पुष्ट संक्रमित 10,523 हुए।
15 मार्च 2026 से अब तक 72,405 मरीज़ अस्पताल में भर्ती हुए, जिनमें से 68,782 ठीक होकर घर लौटे।
यूनिसेफ ने 2024 से 10 बैठकों और कई पत्रों के ज़रिए वैक्सीन की कमी को लेकर सरकार को आगाह किया था, किंतु समय पर कदम नहीं उठाए गए।
आपातकालीन टीकाकरण अभियान समाप्त होने के एक माह बाद भी प्रतिदिन 1,000 से अधिक बच्चे अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं।

बांग्लादेश में खसरा संकट थमने का नाम नहीं ले रहा। ढाका से मिली ताज़ा जानकारी के अनुसार, 16 जून 2026 को मंगलवार सुबह 8 बजे तक एक और बच्चे की मौत के साथ देशभर में खसरे या खसरे जैसे लक्षणों से मरने वाले बच्चों की कुल संख्या 657 तक पहुँच गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने हालिया मौत को 'संदिग्ध खसरा मृत्यु' की श्रेणी में रखा है।

मृत्यु और संक्रमण के ताज़ा आँकड़े

बांग्लादेश के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के अनुसार, कुल 657 मौतों में से 564 को 'संदिग्ध खसरा मृत्यु' और 93 को प्रयोगशाला-पुष्टि खसरा मृत्यु के रूप में वर्गीकृत किया गया है। पिछले कुछ दिनों से इन दोनों आँकड़ों में कोई बदलाव दर्ज नहीं हुआ है।

पिछले 24 घंटों में 1,006 नए संदिग्ध मामले सामने आए, जिससे कुल संदिग्ध मामलों की संख्या 87,929 हो गई। इसी अवधि में 136 बच्चों में खसरे की प्रयोगशाला पुष्टि हुई, जिससे कुल पुष्ट संक्रमितों की संख्या 10,523 तक पहुँच गई।

अस्पताल में भर्ती और ठीक होने की स्थिति

डीजीएचएस के आँकड़ों के अनुसार, 15 मार्च 2026 से अब तक देशभर में संदिग्ध खसरे के 72,405 मरीज़ों को अस्पताल में भर्ती किया गया। इनमें से 68,782 मरीज़ उपचार के बाद घर लौट चुके हैं। हालाँकि, आपातकालीन टीकाकरण अभियान समाप्त होने के एक माह से अधिक समय बाद भी प्रतिदिन 1,000 से अधिक बच्चे खसरे या खसरे जैसे लक्षणों के साथ अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं।

यूनिसेफ की चेतावनी और सरकार की अनदेखी

यह संकट अचानक नहीं आया। यूनिसेफ की बांग्लादेश प्रतिनिधि राणा फ्लावर्स ने बताया कि संगठन ने 2024 से ही पत्रों और बैठकों के माध्यम से सरकार को आगाह किया था कि वैक्सीन की कमी भविष्य में बड़े स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकती है। उन्होंने कहा कि 2024 से 2026 के बीच यूनिसेफ ने 10 अलग-अलग बैठकों में यह मुद्दा उठाया, किंतु तत्कालीन अंतरिम सरकार ने समय पर वैक्सीन खरीद के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए।

गौरतलब है कि यह चेतावनी पिछले महीने सार्वजनिक रूप से उजागर हुई, जब फ्लावर्स ने स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ बैठकों और आधिकारिक पत्राचार का हवाला देते हुए अनदेखी का मुद्दा उठाया। यह ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश पहले से ही राजनीतिक उथल-पुथल के दौर से गुज़र रहा है।

विशेषज्ञ और स्वास्थ्य अधिकारियों की राय

स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है और मामलों के बढ़ते आँकड़े गंभीर चिंता का विषय बने हुए हैं। सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, टीकाकरण अभियान की समाप्ति के बावजूद नए मामलों का न थमना यह संकेत देता है कि सामुदायिक स्तर पर वायरस का प्रसार अभी नियंत्रण में नहीं आया है।

आगे की राह

बांग्लादेश में खसरे के इस प्रकोप ने टीकाकरण नीति और सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र की कमज़ोरियों को उजागर किया है। अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संगठनों की चेतावनियों के बावजूद हुई देरी अब बच्चों की जान की कीमत पर सामने आ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक व्यापक और दीर्घकालिक टीकाकरण कार्यक्रम लागू नहीं होता, मौतों और नए मामलों का सिलसिला जारी रह सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लिखित पत्र भेजे, फिर भी वैक्सीन खरीद नहीं हुई — यह चूक नहीं, प्राथमिकता का अभाव था। आपातकालीन अभियान के बाद भी रोज़ 1,000 से अधिक नए मामले बताते हैं कि तात्कालिक उपाय पर्याप्त नहीं हैं और सामुदायिक प्रतिरक्षा अभी भी कमज़ोर है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए यह एक सबक है कि राजनीतिक अस्थिरता के दौर में बाल स्वास्थ्य कार्यक्रमों को अलग सुरक्षा-कवच की ज़रूरत होती है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश में खसरे से अब तक कितने बच्चों की मौत हो चुकी है?
16 जून 2026 तक बांग्लादेश में खसरे या खसरे जैसे लक्षणों से कुल 657 बच्चों की मौत हो चुकी है। इनमें 564 को 'संदिग्ध खसरा मृत्यु' और 93 को प्रयोगशाला-पुष्ट खसरा मृत्यु के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
बांग्लादेश में खसरे के कुल कितने मामले सामने आए हैं?
डीजीएचएस के अनुसार, कुल संदिग्ध मामलों की संख्या 87,929 है, जबकि प्रयोगशाला में पुष्ट संक्रमितों की संख्या 10,523 है। पिछले 24 घंटों में अकेले 1,006 नए संदिग्ध मामले और 136 पुष्ट मामले जुड़े।
यूनिसेफ ने बांग्लादेश सरकार को खसरे के बारे में कब और कैसे चेताया था?
यूनिसेफ ने 2024 से ही बांग्लादेश सरकार को वैक्सीन की कमी के खतरे से आगाह किया था। यूनिसेफ की बांग्लादेश प्रतिनिधि राणा फ्लावर्स के अनुसार, 2024 से 2026 के बीच 10 अलग-अलग बैठकों और कई आधिकारिक पत्रों के ज़रिए स्वास्थ्य मंत्रालय को सतर्क किया गया, लेकिन समय पर वैक्सीन खरीद नहीं हुई।
बांग्लादेश में आपातकालीन टीकाकरण अभियान का क्या असर हुआ?
देशव्यापी आपातकालीन टीकाकरण अभियान समाप्त हुए एक माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अस्पतालों में अब भी प्रतिदिन 1,000 से अधिक बच्चे भर्ती हो रहे हैं। 15 मार्च 2026 से अब तक 72,405 मरीज़ भर्ती हुए, जिनमें से 68,782 ठीक होकर घर लौटे।
बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप इतना गंभीर क्यों हो गया?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और यूनिसेफ के अनुसार, वैक्सीन की समय पर खरीद न होना इस संकट का मूल कारण है। 2024 से चेतावनियों के बावजूद तत्कालीन अंतरिम सरकार ने आवश्यक कदम नहीं उठाए, जिससे बच्चों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर रही और वायरस तेज़ी से फैला।
राष्ट्र प्रेस
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