दुर्गा पूजा 2026: कोलकाता पुलिस के 20,000 वॉलंटियर्स पहनेंगे केसरिया यूनिफॉर्म, ₹89 लाख का बजट
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता पुलिस के 20,000 वॉलंटियर्स इस वर्ष दुर्गा पूजा के दौरान नई केसरिया यूनिफॉर्म में नज़र आएंगे। लालबाजार (कोलकाता पुलिस मुख्यालय) ने इन कपड़ों और टोपियों के निर्माण पर कुल ₹89 लाख खर्च करने की योजना बनाई है। पुलिस सूत्रों ने मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को यह जानकारी दी।
यूनिफॉर्म का डिज़ाइन और विवरण
लालबाजार के एक अधिकारी के अनुसार, दो प्रकार के केसरिया रंग के कपड़े तैयार किए जा रहे हैं — गहरा केसरिया और हल्का केसरिया। इनमें कॉलर और पूरी बाजू का डिज़ाइन होगा, जिससे वॉलंटियर्स लंबे समय तक आराम से ड्यूटी कर सकें। पुलिस ने 12,000 गहरे केसरिया और 8,000 हल्के केसरिया रंग के कपड़े डिजाइन किए हैं।
कपड़ों के सामने की तरफ सफेद रंग में कोलकाता पुलिस का लोगो होगा। सामने छोटे अक्षरों में और पीछे बड़े अक्षरों में 'कोलकाता पुलिस वॉलंटियर' लिखा जाएगा। इसके अलावा, प्रत्येक वॉलंटियर को नारंगी रंग की टोपी भी दी जाएगी।
बजट का विवरण
लालबाजार ने 20,000 कपड़ों के लिए ₹73 लाख और टोपियों के लिए अलग से ₹16 लाख आवंटित किए हैं, यानी कुल बजट ₹89 लाख है। अधिकारियों के अनुसार, यह निवेश वॉलंटियर्स की पहचान और कार्यकुशलता दोनों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया गया है।
वॉलंटियर्स की भूमिका और तैनाती
दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता में कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन के लिए पुलिस वॉलंटियर्स पर बड़े पैमाने पर निर्भर रहती है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वॉलंटियर्स का एक बड़ा हिस्सा ट्रैफिक नियंत्रण के लिए सड़कों पर तैनात होगा, जबकि शहर के हर प्रमुख पंडाल में भी इन्हें तैनात किया जाएगा।
पुलिस जवानों और अधिकारियों के अलावा, होम गार्ड और सिविक वॉलंटियर्स भी पूजा से विजयादशमी तक ड्यूटी करेंगे। स्कूल-कॉलेज के छात्रों के साथ-साथ राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के सदस्यों और विभिन्न क्लबों के सदस्यों को भी वॉलंटियर के रूप में भर्ती किया जाता है।
प्रशिक्षण और तैयारी
गौरतलब है कि महालया के बाद संबंधित डिवीजन में वॉलंटियर्स को विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। पिछले वर्षों में वॉलंटियर्स को ड्यूटी के दौरान केवल आधी बाजू वाली टी-शर्ट पहननी पड़ती थी, लेकिन इस वर्ष पूरी बाजू वाली यूनिफॉर्म से आराम और व्यावसायिकता दोनों में सुधार की उम्मीद है।
दुर्गा पूजा 2026 का कार्यक्रम
इस वर्ष दुर्गा पूजा अक्टूबर के तीसरे सप्ताह में मनाई जाएगी। हर साल इस पर्व के दौरान लाखों श्रद्धालु और पर्यटक कोलकाता के पंडालों में उमड़ते हैं, जिससे भीड़ प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन जाती है। नई पहचान योग्य यूनिफॉर्म से आम नागरिकों को ज़रूरत पड़ने पर वॉलंटियर्स को तुरंत पहचानने में आसानी होगी।