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कोलकाता पुलिस का दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड: 60 थानों के 120 इलाकों में महिला सुरक्षा व साइबर जागरूकता अभियान शुरू

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कोलकाता पुलिस का दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड: 60 थानों के 120 इलाकों में महिला सुरक्षा व साइबर जागरूकता अभियान शुरू

सारांश

कोलकाता पुलिस का दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड अब सड़कों पर उतरा है — 60 थानों के 120 इलाकों में 30 दिन का अभियान, जो महिला सुरक्षा और साइबर ठगी दोनों को एक साथ निशाना बनाता है। लाइव निगरानी, स्कूटर गश्त और साइबर हेल्प डेस्क — यह महज जागरूकता नहीं, एक बहुस्तरीय सुरक्षा ढाँचा है।

मुख्य बातें

कोलकाता पुलिस के दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड ने 21 जुलाई 2025 से 30 दिवसीय जागरूकता अभियान शुरू किया।
अभियान 60 पुलिस थानों के अंतर्गत 120 स्थानों पर संचालित होगा।
स्क्वाड को 10 स्कूटर और 1 वाहन आवंटित; प्रतिदिन 2 थाना क्षेत्रों की 4 जगहों पर पहुँचेगी टीम।
स्थानीय थानों, साइबर पुलिस, महिला पुलिस स्टेशन और महिला सेल की संयुक्त टीम गठित।
रियल-टाइम ऑडियो-वीडियो ट्रांसमिशन और साइबर हेल्प डेस्क भी सक्रिय किए गए।
बसीरहाट, बनगांव और बारासात सहित प्रेसिडेंसी रेंज के इलाकों में भी समान व्यवस्था।

कोलकाता पुलिस के दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड ने 21 जुलाई 2025 (सोमवार) से शहरभर में 30 दिवसीय जागरूकता अभियान की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य नागरिकों को महिलाओं के विरुद्ध अपराधों और साइबर ठगी के प्रति सचेत करना है। लालबाजार स्थित पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर यह अभियान शहर के 60 पुलिस थानों के अंतर्गत आने वाले 120 स्थानों पर संचालित किया जाएगा।

अभियान का दायरा और संरचना

कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, प्रत्येक दिन स्क्वाड और संयुक्त गश्ती टीम के सदस्य दो पुलिस थाना क्षेत्रों की चार-चार जगहों पर पहुँचेंगे। टीम के सदस्य स्थानीय निवासियों और राहगीरों से सीधे संवाद करेंगे, पर्चे वितरित करेंगे, लाउडस्पीकर से संदेश देंगे और प्रमुख चौराहों पर जागरूकता संबंधी लघु वीडियो प्रदर्शित करेंगे।

अभियान की निगरानी लालबाजार मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी सीधे करेंगे। रिहायशी इलाकों के साथ-साथ भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों को विशेष रूप से इस आउटरीच कार्यक्रम में शामिल किया गया है।

संयुक्त टीम और संसाधन

इस अभियान के लिए स्थानीय पुलिस थानों, साइबर पुलिस स्टेशन, महिला पुलिस स्टेशन और महिला सेल के कर्मियों की एक संयुक्त टीम गठित की गई है। लालबाजार मुख्यालय ने दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड को 10 स्कूटर और एक वाहन उपलब्ध कराया है। साइबर पुलिस यूनिट और खुफिया विभाग की महिला टीमें भी आवश्यकतानुसार सहयोग देंगी।

गौरतलब है कि स्क्वाड की महिला पुलिसकर्मी मोटरबाइक से पूरे शहर में गश्त करेंगी। इसके अतिरिक्त प्रेसिडेंसी रेंज के बसीरहाट, बनगांव और बारासात जैसे इलाकों में भी इसी तरह की व्यवस्था लागू की गई है। पुलिस ने रियल-टाइम ऑडियो-वीडियो ट्रांसमिशन की सुविधा भी सक्रिय की है, जिससे जरूरत पड़ने पर घटनाओं की लाइव निगरानी संभव होगी।

दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड की भूमिका

दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड को पिछले महीने गठित किया गया था। इसे सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं से छेड़छाड़ और उत्पीड़न की घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब इस अभियान के तहत स्क्वाड को अतिरिक्त जागरूकता-संबंधी दायित्व भी दिए गए हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर सख्त कार्रवाई की नीति पर जोर दे रही है। ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराध के पीड़ितों की सहायता के लिए पुलिस थानों में साइबर हेल्प डेस्क भी स्थापित किए जा चुके हैं।

आम जनता पर असर

यह अभियान मुख्यतः उन नागरिकों तक पहुँचने का प्रयास है जो साइबर ठगी के तरीकों से अनजान हैं या महिला सुरक्षा हेल्पलाइन और शिकायत तंत्र की जानकारी नहीं रखते। पर्चे, लाइव वीडियो और सीधे संवाद के माध्यम से पुलिस इन जानकारियों को जमीनी स्तर तक पहुँचाना चाहती है।

आने वाले 30 दिनों में अभियान की प्रगति और नागरिक प्रतिक्रिया के आधार पर इसे आगे विस्तार दिए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

संयुक्त टीमें, लाइव निगरानी — लेकिन असली सवाल यह है कि 30 दिन बाद इसका मापनीय परिणाम क्या होगा। महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में जागरूकता अभियान तब तक सीमित प्रभाव डालते हैं जब तक शिकायत दर्ज करने की दर और दोषसिद्धि के आँकड़े नहीं सुधरते। साइबर हेल्प डेस्क की स्थापना एक सकारात्मक कदम है, किंतु ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों — जैसे बसीरहाट और बनगांव — में डिजिटल साक्षरता की कमी इस अभियान की पहुँच को स्वाभाविक रूप से सीमित करती है। अभियान की वास्तविक सफलता तभी आँकी जा सकेगी जब पुलिस मुख्यालय 30 दिन बाद शिकायत और जागरूकता के ठोस आँकड़े सार्वजनिक करे।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता पुलिस का दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड अभियान क्या है?
यह 21 जुलाई 2025 से शुरू हुआ 30 दिवसीय जागरूकता अभियान है, जिसे कोलकाता पुलिस के दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड ने शहर के 60 थानों के अंतर्गत 120 स्थानों पर चलाने के लिए शुरू किया है। इसका उद्देश्य नागरिकों को महिलाओं के विरुद्ध अपराधों और साइबर ठगी के प्रति सचेत करना है।
इस अभियान में कौन-कौन सी टीमें शामिल हैं?
स्थानीय पुलिस थानों, साइबर पुलिस स्टेशन, महिला पुलिस स्टेशन और महिला सेल के कर्मियों की संयुक्त टीम बनाई गई है। साइबर पुलिस यूनिट और खुफिया विभाग की महिला टीमें भी आवश्यकतानुसार सहयोग देंगी।
दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड को क्या संसाधन दिए गए हैं?
लालबाजार पुलिस मुख्यालय ने स्क्वाड को 10 स्कूटर और 1 वाहन उपलब्ध कराया है। प्रतिदिन टीम दो थाना क्षेत्रों की चार-चार जगहों पर जाएगी और पर्चे, लाउडस्पीकर व लघु वीडियो के माध्यम से जागरूकता फैलाएगी।
साइबर अपराध पीड़ितों के लिए क्या व्यवस्था की गई है?
ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराध के पीड़ितों की सहायता के लिए पुलिस थानों में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा रियल-टाइम ऑडियो-वीडियो ट्रांसमिशन की सुविधा भी सक्रिय की गई है।
क्या यह अभियान केवल कोलकाता शहर तक सीमित है?
नहीं, प्रेसिडेंसी रेंज के बसीरहाट , बनगांव और बारासात जैसे इलाकों में भी इसी तरह की व्यवस्था की गई है। अभियान की निगरानी लालबाजार मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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