चंपावत में भारी बारिश का अलर्ट: 5 सितंबर को कक्षा 1 से 12 तक सभी स्कूल और आंगनवाड़ी बंद
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) देहरादून के 5 सितंबर 2026 के लिए जारी भारी वर्षा के पूर्वानुमान के मद्देनजर चंपावत जिला प्रशासन ने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिले के समस्त विद्यालयों और आंगनवाड़ी केंद्रों में एक दिवसीय अवकाश घोषित कर दिया है। जिले में लगातार हो रही बारिश और नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए यह निर्णय आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत लिया गया है।
अवकाश का दायरा और आदेश
जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अध्यक्ष मनीष कुमार ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि 5 सितंबर 2026 (शनिवार) को कक्षा 1 से 12 तक संचालित सभी शासकीय, परिषदीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय तथा समस्त आंगनवाड़ी केंद्र पूरी तरह बंद रहेंगे। यह आदेश चंपावत जिले की सीमा में आने वाले सभी शैक्षणिक संस्थानों पर समान रूप से लागू होगा।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में मानसून के इस चरण में पहाड़ी जिलों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएँ आम हो जाती हैं, जिससे स्कूली बच्चों की आवाजाही विशेष रूप से जोखिमपूर्ण हो जाती है।
ऑनलाइन माध्यम से जारी रहेगी पढ़ाई
छात्र-छात्राओं की शिक्षा बाधित न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने निर्देश दिया है कि 5 सितंबर को शिक्षण कार्य ऑनलाइन माध्यम से संचालित किया जाएगा। मुख्य शिक्षा अधिकारी, चंपावत और जिला कार्यक्रम अधिकारी, चंपावत को इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
पौड़ी गढ़वाल में भी अलर्ट, स्कूल बंद
IMD देहरादून ने पौड़ी गढ़वाल जिले में भी 5 सितंबर को भारी वर्षा और आकाशीय बिजली की संभावना जताई है। इसे देखते हुए जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने भी छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, अर्द्धशासकीय एवं निजी विद्यालयों और आंगनवाड़ी केंद्रों में एक दिवसीय अवकाश घोषित किया है। उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को आदेश के सख्त अनुपालन के निर्देश दिए हैं।
जनता से सावधानी की अपील
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जनपदवासियों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और नदी-नालों एवं गदेरों के समीप न जाएँ। उन्होंने मौसम विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी अपील की है।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड के कई पहाड़ी जिलों में मानसून की तीव्रता चरम पर है और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण पहले से हाई अलर्ट पर है। आने वाले 24 घंटों में मौसम की स्थिति पर प्रशासन की नज़र बनी रहेगी।