5 सितंबर 2026
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पौड़ी गढ़वाल: भारी बारिश के अलर्ट पर 5 सितंबर को कक्षा 1-12 तक सभी स्कूल बंद

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पौड़ी गढ़वाल: भारी बारिश के अलर्ट पर 5 सितंबर को कक्षा 1-12 तक सभी स्कूल बंद

सारांश

IMD की भारी बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी के बाद पौड़ी गढ़वाल की जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने 5 सितंबर को कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने का आदेश दिया। मध्य प्रदेश के कई जिलों में भी भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

मुख्य बातें

जिलाधिकारी स्वाति एस.
भदौरिया ने 5 सितंबर 2026 को पौड़ी गढ़वाल के सभी सरकारी, अर्द्धशासकीय एवं निजी स्कूलों (कक्षा 1-12) और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया।
IMD देहरादून ने जनपद में भारी वर्षा, आकाशीय बिजली और नदी-नालों में तेज़ जलप्रवाह की चेतावनी जारी की है।
प्रशासन ने नागरिकों को नदी-नालों के समीप न जाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
मध्य प्रदेश के श्योपुर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर सहित कई जिलों में भी भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।
प्रभावित इलाकों में बारिश की तीव्रता 5-15 मिमी प्रति घंटा और बिजली गिरने की संभावना 30-60 प्रतिशत आंकी गई है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) देहरादून द्वारा पौड़ी गढ़वाल में 5 सितंबर 2026 को भारी वर्षा और आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी किए जाने के बाद, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जनपद के कक्षा 1 से 12 तक के समस्त सरकारी, अर्द्धशासकीय एवं निजी विद्यालयों तथा सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिवसीय अवकाश की घोषणा की है। यह आदेश शनिवार, 5 सितंबर को प्रभावी रहेगा।

अवकाश का कारण और प्रशासनिक आदेश

जिलाधिकारी भदौरिया ने स्पष्ट किया कि संभावित भारी वर्षा, आकाशीय बिजली तथा नदी-नालों एवं गदेरों में तेज़ जलप्रवाह की आशंका को देखते हुए यह एहतियाती निर्णय लिया गया है। उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

गौरतलब है कि उत्तराखंड के पहाड़ी जनपदों में मानसून के दौरान भूस्खलन, नदियों में अचानक बाढ़ और गदेरों में उफान सामान्य खतरे हैं — जो स्कूली बच्चों के लिए विशेष रूप से जोखिम भरे होते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में मानसून अपने चरम पर है।

जनता के लिए सुरक्षा निर्देश

जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों एवं गदेरों के समीप न जाएं तथा मौसम विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। पहाड़ी इलाकों में आकाशीय बिजली और अचानक बाढ़ जानलेवा हो सकती है, इसलिए सतर्कता बरतना आवश्यक है।

मध्य प्रदेश में भी मौसम विभाग का अलर्ट

IMD के भोपाल स्थित केंद्र ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश के साथ-साथ मध्यम दर्जे की आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की। श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, ग्वालियर, गुना और अशोक नगर में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

आगर मालवा, शाजापुर, राजगढ़, उज्जैन, महाकालेश्वर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, निवाड़ी, टीकमगढ़, देवास और इंदौर में हल्की आंधी और बिजली के साथ मध्यम बारिश की संभावना है। इन इलाकों में बारिश की तीव्रता 5-15 मिमी प्रति घंटा रहने का अनुमान है, साथ ही बादलों से ज़मीन पर बिजली गिरने की संभावना 30-60 प्रतिशत बताई गई है।

सीहोर, विदिशा, भोपाल, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, हरदा, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, अलीराजपुर, झाबुआ, बैतूल, सिंगरौली, सीधी और छतरपुर जिलों में हल्की बारिश की संभावना है, जिसमें तीव्रता 5 मिमी प्रति घंटा से कम और बिजली गिरने की संभावना 30 प्रतिशत से कम रहेगी।

संभावित नुकसान की चेतावनी

मौसम विभाग ने आगाह किया है कि अत्यधिक भारी बारिश के कारण जलजमाव, यातायात अवरोध, कमज़ोर ढाँचों को नुकसान तथा बिजली आपूर्ति एवं संचार नेटवर्क पर अस्थायी असर पड़ सकता है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में भी इसी तरह की रुकावटें अपेक्षाकृत कम स्तर पर संभव हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और आपात स्थिति में स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करने का आग्रह किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक बड़े सवाल की ओर ध्यान दिलाता है — उत्तराखंड के पहाड़ी जनपदों में मानसून के दौरान हर बार इसी तरह के अंतिम-क्षण के आदेश क्यों जारी करने पड़ते हैं? स्थायी आपदा-पूर्व प्रोटोकॉल और मौसम-आधारित स्वचालित अवकाश नीति की अनुपस्थिति प्रशासनिक तैयारी पर सवाल उठाती है। मध्य प्रदेश में भी एक साथ अलर्ट जारी होना दर्शाता है कि इस मानसून सीज़न में मध्य और उत्तरी भारत में मौसमी दबाव असामान्य रूप से व्यापक है। जब तक राज्य सरकारें दीर्घकालिक आपदा-संवेदनशील शैक्षणिक कैलेंडर नहीं बनातीं, तब तक यह 'रिएक्टिव' प्रशासन ही बना रहेगा।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

5 सितंबर को पौड़ी गढ़वाल के स्कूल क्यों बंद हैं?
IMD देहरादून ने पौड़ी गढ़वाल में भारी वर्षा और आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी की है, जिसके चलते जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए 5 सितंबर को एक दिवसीय अवकाश घोषित किया है। यह आदेश कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, अर्द्धशासकीय और निजी स्कूलों पर लागू है।
पौड़ी गढ़वाल में किन-किन स्कूलों पर अवकाश का आदेश लागू होगा?
जनपद के कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, अर्द्धशासकीय एवं निजी विद्यालय तथा समस्त आंगनबाड़ी केंद्र 5 सितंबर को बंद रहेंगे। जिलाधिकारी ने संबंधित शिक्षा अधिकारियों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के किन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है?
IMD के भोपाल केंद्र ने श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, ग्वालियर, गुना और अशोक नगर में भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी दी है। उज्जैन, इंदौर, रतलाम सहित कई अन्य जिलों में मध्यम बारिश और हल्की आंधी की संभावना जताई गई है।
भारी बारिश के दौरान आम नागरिकों को क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और गदेरों के समीप न जाने तथा मौसम विभाग एवं प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए खुले स्थानों पर न रहें।
भारी बारिश से किस तरह के नुकसान की आशंका है?
मौसम विभाग के अनुसार अत्यधिक भारी बारिश से जलजमाव, यातायात अवरोध, कमज़ोर ढाँचों को नुकसान और बिजली-संचार नेटवर्क पर अस्थायी असर पड़ सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और नदियों में अचानक बाढ़ का भी खतरा रहता है।
राष्ट्र प्रेस
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