बेल्जियम के PM बार्ट डी वेवर पहुंचे भारत डायमंड बोर्स, 100 साल पुरानी हीरा साझेदारी में ऐतिहासिक क्षण
सारांश
मुख्य बातें
बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने 4 सितंबर 2026 को बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी), मुंबई स्थित भारत डायमंड बोर्स (बीडीबी) का दौरा किया — यह पहला मौका है जब बेल्जियम सरकार के किसी प्रमुख ने दुनिया के सबसे बड़े ऑपरेशनल डायमंड बोर्स की यात्रा की। यह दौरा भारत और बेल्जियम के हीरा उद्योगों के बीच 100 वर्षों से अधिक पुरानी साझेदारी में एक नया अध्याय जोड़ता है।
दौरे की पृष्ठभूमि और महत्व
यह यात्रा ऐसे समय में हुई जब भारत-यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर हाल ही में हुए हैं। इस समझौते ने दोनों देशों के बीच, विशेष रूप से हीरा और आभूषण क्षेत्रों में, व्यापारिक सहयोग को नई गति देने का मार्ग प्रशस्त किया है। गौरतलब है कि यह दौरा महज एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उद्योग जगत के नेताओं के साथ ठोस संवाद का अवसर बना।
औद्योगिक नेताओं ने कहा कि हीरा वैल्यू चेन में अपनी-अपनी विशिष्ट भूमिका निभाने वाले इन दोनों केंद्रों के बीच यह बातचीत एक नए युग की शुरुआत का संकेत है। दोनों पक्षों ने उद्योग की अखंडता सुदृढ़ करने, व्यापार में विश्वास बढ़ाने और इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए टिकाऊ बनाए रखने की अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई।
बीडीबी अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
बीडीबी के अध्यक्ष अनूप मेहता ने भारत-बेल्जियम संबंधों की गहराई को रेखांकित करते हुए कहा कि दोनों देश एक व्यापारिक साझेदारी से कहीं अधिक साझा करते हैं, क्योंकि गुजरात के अनेक भारतीय हीरा व्यापारी एंटवर्प को अपना घर बना चुके हैं। उन्होंने बताया कि जब बीडीबी की परिकल्पना तैयार हो रही थी, तब एक टीम ने एंटवर्प का दौरा किया और वहाँ से प्रेरणा व सबक लेकर मुंबई में एक अंतरराष्ट्रीय हीरा व्यापार केंद्र की नींव रखी।
मेहता ने यह भी उल्लेख किया कि बीडीबी के उपाध्यक्ष मेहुल शाह वर्तमान में वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ डायमंड बोर्सेज के अध्यक्ष हैं — यह संस्था 1947 से वैश्विक हीरा व्यापार की शीर्ष संस्था है और इसका मुख्यालय एंटवर्प में है। उन्होंने कहा, 'दुनिया तेज़ी से बदल रही है, और हमारे उद्योग को साझेदारी में अनुकूलन करना होगा। हमारा साझा उद्देश्य एक ऐसा हीरा व्यापार बनाना होना चाहिए जो न केवल समृद्ध हो, बल्कि निष्पक्ष, पारदर्शी और टिकाऊ भी हो।'
व्यापार के आँकड़े और रोज़गार पर असर
जेम एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) के चेयरमैन किरिट भंसाली ने बताया कि 2025-26 में रत्न और आभूषण क्षेत्र में भारत-बेल्जियम द्विपक्षीय व्यापार लगभग 3.5 अरब अमेरिकी डॉलर का रहा। भारत में कट और पॉलिश किए गए लाखों हीरों की यात्रा एंटवर्प से होकर गुज़रती है।
भंसाली ने कहा, 'ये केवल आँकड़े नहीं हैं। ये व्यवसायों, आजीविकाओं और भारत भर में परिवारों का भरण-पोषण करने वाली 50 लाख से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष नौकरियों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो सभी इस वैश्विक वैल्यू चेन में बुने हुए हैं।' उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंचों में भारत की नेतृत्वकारी भूमिका उद्योग के भविष्य को आकार देने में सहायक है।
भारत डायमंड बोर्स के बारे में
भारत डायमंड बोर्स (BDB) दुनिया के सबसे बड़े ऑपरेशनल हीरा व्यापार केंद्रों में से एक है। बीकेसी, मुंबई में स्थित यह बोर्स प्रमुख हीरा निर्माताओं, व्यापारियों, आयातकों, निर्यातकों और उद्योग सेवा प्रदाताओं को विश्व स्तरीय बुनियादी ढाँचे और सुरक्षित व्यावसायिक सुविधाओं के साथ एक ही छत के नीचे एकत्र करता है।
आगे की राह
भारत-EU FTA के बाद इस उच्चस्तरीय दौरे से हीरा क्षेत्र में नई नीतिगत पहलों और व्यापारिक समझौतों की उम्मीद जगी है। उद्योग जगत के नेताओं का मानना है कि यह साझेदारी न केवल व्यापार को बल देगी, बल्कि पारदर्शिता और स्थिरता के नए मानक भी स्थापित करेगी।