बेल्जियम PM बार्ट डी वेवर 2 सितंबर को भारत दौरे पर, PM मोदी से होगी द्विपक्षीय वार्ता
सारांश
मुख्य बातें
बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर 2 से 4 सितंबर 2026 तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर आएंगे, जहाँ वे 3 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, फरवरी 2025 में पदभार ग्रहण करने के बाद यह डी वेवर की भारत की पहली यात्रा है।
दौरे का कार्यक्रम
नई दिल्ली में 3 सितंबर को होने वाली शिखर बैठक में दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों के समग्र आयाम — व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच संपर्क — के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। डी वेवर भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के एक विशेष व्यापार कार्यक्रम में मुख्य भाषण भी देंगे, जो भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की पृष्ठभूमि में आयोजित होगा।
बेल्जियम के रक्षा मंत्री थियो फ्रैंकेन भी इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे, जो यात्रा के रक्षा सहयोग आयाम को रेखांकित करता है।
मुंबई में व्यापारिक संवाद
नई दिल्ली के कार्यक्रमों के बाद बार्ट डी वेवर मुंबई जाएंगे, जहाँ वे हीरा, बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों के प्रमुख हितधारकों से मुलाकात करेंगे। मुंबई में यह व्यापारिक संवाद भारत-बेल्जियम आर्थिक साझेदारी को नए आयाम देने की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनयिक पृष्ठभूमि
यह दौरा उस राजनयिक गति की अगली कड़ी है जो 15 जुलाई को ब्रसेल्स में उद्घाटन भारत-बेल्जियम रणनीतिक वार्ता के दौरान शुरू हुई थी। उस बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और उनके बेल्जियम समकक्ष उप-प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री मैक्सिम प्रीवोट ने राजनीतिक, आर्थिक, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा, मोबिलिटी और फार्मास्यूटिकल क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की थी। बंदरगाहों, समुद्री क्षेत्र, सेमीकंडक्टर और सप्लाई चेन जोखिमों पर भी विस्तृत चर्चा हुई थी।
उस बैठक के बाद जयशंकर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा था, 'हाल के वर्षों में हमारी साझेदारी में महत्वपूर्ण गहराई आई है। आज की चर्चा भारत के बेल्जियम और यूरोपीय संघ के साथ संबंधों की महत्वाकांक्षा को दर्शाती है।'
ऐतिहासिक संबंध और रणनीतिक महत्त्व
गौरतलब है कि बेल्जियम उन पहले यूरोपीय देशों में से एक था जिसने सितंबर 1947 में स्वतंत्र भारत के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किए थे। दोनों देशों के संबंध कानून के शासन, संघवाद और बहुलवाद के साझा मूल्यों पर आधारित हैं। उल्लेखनीय है कि बेल्जियम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का भी समर्थन करता है।
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत-EU FTA वार्ता में नई गति आई है और यूरोप के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी को व्यापक आकार देने की कोशिशें जारी हैं। डी वेवर के इस दौरे के नतीजे आने वाले महीनों में भारत-बेल्जियम और भारत-EU संबंधों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।