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ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर का दो दिवसीय भारत दौरा, जयशंकर-मोदी से अहम मुलाकात

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ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर का दो दिवसीय भारत दौरा, जयशंकर-मोदी से अहम मुलाकात

सारांश

CETA के बाद भारत-ब्रिटेन रिश्तों की पहली बड़ी कूटनीतिक परीक्षा — यवेट कूपर का दो दिवसीय दौरा सिर्फ़ शिष्टाचार नहीं, बल्कि व्यापार, रक्षा और इंडो-पैसिफिक रणनीति को व्यावहारिक धरातल पर उतारने की कोशिश है। जयशंकर के साथ वार्ता और PM मोदी से मुलाकात इस साझेदारी के अगले चरण की दिशा तय करेगी।

मुख्य बातें

ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर बुधवार से दो दिवसीय भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुँच रही हैं।
जयशंकर से द्विपक्षीय वार्ता और गुरुवार को PM नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगी।
एजेंडे में व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा सहयोग और FTA के क्रियान्वयन जैसे मुद्दे शामिल।
जुलाई 2025 में हस्ताक्षरित CETA के बाद यह पहले उच्च-स्तरीय दौरों में से एक है।
23 अप्रैल 2026 को NSA अजीत डोभाल और जोनाथन पॉवेल के बीच रणनीतिक संवाद हो चुका है।

ब्रिटेन की विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास मामलों की मंत्री यवेट कूपर बुधवार को दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुँचेंगी, जहाँ वह विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगी और गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगी। यह यात्रा जुलाई 2025 में हस्ताक्षरित भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) के बाद दोनों देशों के बीच पहले उच्च-स्तरीय कूटनीतिक संवादों में से एक है।

एजेंडे में क्या-क्या

विदेश मंत्रालय के अनुसार, यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा और सुरक्षा सहयोग सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत बातचीत होगी। दोनों पक्ष मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के क्रियान्वयन और आर्थिक रिश्तों को और गहरा करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श करेंगे।

विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि भारत-ब्रिटेन सहयोग केवल मुक्त व्यापार समझौते तक सीमित नहीं है। उन्होंने जोड़ा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक, रक्षा और सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में व्यापक साझेदारी है, और दोनों पक्ष व्यापार तथा निवेश संबंधों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।

हालिया उच्च-स्तरीय संपर्क

इससे पहले केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ब्रिटेन के व्यापार एवं वाणिज्य मंत्री पीटर काइल के साथ बैठक की थी, जिसमें भारत-ब्रिटेन आर्थिक सहयोग के अगले चरण, साझा व्यापारिक प्राथमिकताओं और द्विपक्षीय साझेदारी को और मज़बूत करने पर चर्चा हुई। गोयल ने इस वार्ता को सकारात्मक और भविष्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण करार दिया था।

गौरतलब है कि 23 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और उनके ब्रिटिश समकक्ष जोनाथन पॉवेल के बीच वार्षिक भारत-ब्रिटेन रणनीतिक संवाद भी आयोजित हुआ था। विदेश मंत्रालय ने एक्स पर कहा था, “इस दौरान दोनों देशों ने रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को और मज़बूत बनाने तथा क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया था।” पॉवेल ने जयशंकर से भी मुलाकात कर क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत की थी।

क्यों मायने रखती है यह यात्रा

CETA पर हस्ताक्षर के बाद से दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में स्पष्ट तेज़ी आई है, और कूपर का यह दौरा समझौते के व्यावहारिक क्रियान्वयन की दिशा में राजनीतिक गति बनाए रखने का प्रयास माना जा रहा है। आने वाले दिनों में रक्षा खरीद, टेक्नोलॉजी सहयोग और इंडो-पैसिफिक रणनीति जैसे मुद्दों पर ठोस घोषणाओं की संभावना पर भी कूटनीतिक हलकों की नज़र रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और कूपर का यह दौरा उसी संक्रमण की राजनीतिक परीक्षा है। असली सवाल व्यापारिक टैरिफ कटौती के टाइमलाइन, रक्षा सह-उत्पादन की ठोस परियोजनाओं और इंडो-पैसिफिक पर लंदन के रुख को लेकर है — जहाँ ब्रिटेन अभी तक रणनीतिक स्पष्टता से अधिक बयानबाज़ी पर निर्भर रहा है। मुख्यधारा की कवरेज प्रोटोकॉल पर केंद्रित रहेगी, पर असली कहानी इस बात में है कि दोनों देश पुराने औपनिवेशिक ढाँचे से निकलकर बराबरी की रणनीतिक साझेदारी का खाका कितनी तेज़ी से खींच पाते हैं।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यवेट कूपर कौन हैं और भारत क्यों आ रही हैं?
यवेट कूपर ब्रिटेन की विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास मामलों की मंत्री हैं और दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुँच रही हैं। उनकी यात्रा का उद्देश्य व्यापार, निवेश, रक्षा और सुरक्षा सहित द्विपक्षीय सहयोग के सभी प्रमुख आयामों पर भारतीय नेतृत्व के साथ बातचीत करना है।
भारत-ब्रिटेन CETA समझौता क्या है और कब हुआ था?
CETA यानी व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता भारत और ब्रिटेन के बीच जुलाई 2025 में हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौता है। इसे दोनों देशों के व्यापार और निवेश सहयोग को नई दिशा देने वाला निर्णायक कदम माना जा रहा है।
कूपर की यात्रा के दौरान किन मुद्दों पर चर्चा होगी?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, बातचीत के एजेंडे में व्यापार, निवेश, रक्षा और सुरक्षा सहयोग शामिल हैं। दोनों पक्ष FTA के क्रियान्वयन और आर्थिक संबंधों को और गहरा बनाने के व्यावहारिक उपायों पर भी विचार करेंगे।
क्या इससे पहले भी हाल में भारत-ब्रिटेन उच्च-स्तरीय बैठकें हुई हैं?
हाँ, 23 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में NSA अजीत डोभाल और उनके ब्रिटिश समकक्ष जोनाथन पॉवेल के बीच वार्षिक रणनीतिक संवाद हुआ था। इसके अलावा वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटिश व्यापार मंत्री पीटर काइल के बीच भी हाल ही में बैठक हो चुकी है।
कूपर PM मोदी से कब मिलेंगी?
यवेट कूपर गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगी। इससे पहले बुधवार को वह विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगी।
राष्ट्र प्रेस
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