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भारत-ब्रिटेन विजन 2035: PM मोदी ने यवेट कूपर से मुलाकात के बाद कहा — साझेदारी विश्व कल्याण को मजबूत करेगी

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भारत-ब्रिटेन विजन 2035: PM मोदी ने यवेट कूपर से मुलाकात के बाद कहा — साझेदारी विश्व कल्याण को मजबूत करेगी

सारांश

PM मोदी और विदेश मंत्री जयशंकर की ब्रिटिश विदेश सचिव यवेट कूपर से नई दिल्ली में मुलाकात — भारत-ब्रिटेन विजन 2035 की पुष्टि, CETA और रक्षा रोडमैप की समीक्षा, और क्रिटिकल मिनरल्स GSCO सैटेलाइट सेंटर का उद्घाटन। यह द्विपक्षीय संबंधों में संस्थागत गहराई का संकेत है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 4 जून 2026 को नई दिल्ली में ब्रिटेन की विदेश सचिव यवेट कूपर से मुलाकात की।
मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि भारत-ब्रिटेन विजन 2035 साझेदारी को दिशा देगा और विश्व कल्याण की कोशिशों को मजबूत करेगा।
विदेश मंत्री जयशंकर ने CETA , व्यापक रणनीतिक साझेदारी और रक्षा रोडमैप की उपलब्धियाँ गिनाईं।
किशन रेड्डी और कूपर ने भारत-यूके GSCO सैटेलाइट सेंटर का संयुक्त उद्घाटन किया।
बैठक में विदेश सचिव विक्रम मिस्री और उच्चायुक्त पी.
कुमारन भी उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जून 2026 को नई दिल्ली में ब्रिटेन की विदेश सचिव यवेट कूपर से मुलाकात की और कहा कि भारत-ब्रिटेन विजन 2035 दोनों देशों की साझेदारी को दिशा देता रहेगा तथा दुनिया की भलाई के लिए मिली-जुली कोशिशों को और मजबूत बनाएगा। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) पर हस्ताक्षर के बाद द्विपक्षीय संबंध नई ऊँचाइयों पर हैं।

PM मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'ब्रिटेन की विदेश सचिव यवेट कूपर से मिलकर खुशी हुई। हाल के दिनों में भारत-ब्रिटेन साझेदारी के गहरा होने की सराहना की, जिससे हमारे दोनों देशों के लिए पहले कभी नहीं हुए ग्रोथ के मौके खुले हैं। भारत-ब्रिटेन विजन 2035 हमारी साझेदारी को गाइड करता रहेगा और दुनिया की भलाई के लिए हमारी मिली-जुली कोशिशों को मजबूत करेगा।' यह बयान दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक विश्वास का संकेत है।

जयशंकर की कूपर से मुलाकात और ऐतिहासिक संदर्भ

पीएम मोदी से पहले विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भी विदेश सचिव कूपर से अलग बैठक की। इस दौरान उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों में आए बड़े बदलावों को रेखांकित किया — विशेष रूप से अक्टूबर 2025 में ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की भारत यात्रा और जुलाई 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की ब्रिटेन यात्रा का उल्लेख किया।

जयशंकर ने कहा, 'आज आपकी मौजूदगी हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी की पुष्टि और इसकी प्रक्रिया को समीक्षा करने का मौका दोनों है। अब, हमारा संबंध एक ऐतिहासिक और शायद सांस्कृतिक जुड़ाव से आगे बढ़कर साझा आर्थिक लक्ष्य और उच्च तकनीक के आगे बढ़ने वाले हाईवे में बदल गया है।' गौरतलब है कि CETA पर हस्ताक्षर और व्यापक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा के साथ एक रक्षा उद्योग रोडमैप भी तैयार किया गया है।

क्रिटिकल मिनरल्स ऑब्जर्वेटरी का उद्घाटन

बैठक के दौरान एक महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी और विदेश सचिव यवेट कूपर ने संयुक्त रूप से भारत-यूके क्रिटिकल मिनरल्स ग्लोबल सप्लाई चेन ऑब्जर्वेटरी (GSCO) सैटेलाइट सेंटर का उद्घाटन किया। यह केंद्र 2025 में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों द्वारा की गई घोषणा का प्रत्यक्ष परिणाम है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में चीन के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए यह कदम रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी

इस उच्चस्तरीय बैठक में विदेश सचिव विक्रम मिस्री, ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त पी. कुमारन और दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह ऐसे समय में आया है जब भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार, रक्षा, तकनीक और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों में सहयोग तेजी से विस्तार पा रहा है।

आगे की राह

भारत-ब्रिटेन विजन 2035 के तहत दोनों देश दीर्घकालिक आर्थिक, तकनीकी और सुरक्षा सहयोग की रूपरेखा पर काम कर रहे हैं। GSCO सैटेलाइट सेंटर की स्थापना इस दिशा में पहला ठोस संस्थागत कदम है, और विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में CETA के क्रियान्वयन की प्रक्रिया भी तेज होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी — खासकर तब जब ब्रिटेन खुद अपनी आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है। GSCO सैटेलाइट सेंटर एक ठोस संस्थागत कदम है, परंतु क्रिटिकल मिनरल्स की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में चीन का वर्चस्व तोड़ने के लिए दो देशों की 'ऑब्जर्वेटरी' पर्याप्त नहीं होगी — इसे व्यापक बहुपक्षीय गठबंधन की जरूरत है। रक्षा रोडमैप और CETA के बीच की खाई को पाटना अगला बड़ा इम्तिहान होगा।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-ब्रिटेन विजन 2035 क्या है?
भारत-ब्रिटेन विजन 2035 दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी का एक रोडमैप है, जो आर्थिक, तकनीकी, रक्षा और वैश्विक सहयोग के क्षेत्रों को कवर करता है। यह ढाँचा CETA और व्यापक रणनीतिक साझेदारी के साथ मिलकर दोनों देशों के संबंधों को दिशा देता है।
PM मोदी और यवेट कूपर की मुलाकात में क्या हुआ?
4 जून 2026 को नई दिल्ली में हुई इस बैठक में PM मोदी ने भारत-ब्रिटेन साझेदारी की गहराई की सराहना की और विजन 2035 की पुष्टि की। इसके अलावा भारत-यूके GSCO सैटेलाइट सेंटर का उद्घाटन भी इसी दौरे के तहत हुआ।
भारत-यूके क्रिटिकल मिनरल्स GSCO सैटेलाइट सेंटर क्या है?
यह केंद्र भारत और ब्रिटेन के प्रधानमंत्रियों द्वारा 2025 में घोषित क्रिटिकल मिनरल्स सप्लाई चेन ऑब्जर्वेटरी का व्यावहारिक विस्तार है। इसका उद्घाटन केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी और यवेट कूपर ने संयुक्त रूप से किया, जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में सहयोग को संस्थागत रूप देता है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने कूपर से मुलाकात में क्या कहा?
जयशंकर ने कहा कि भारत-ब्रिटेन संबंध अब ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव से आगे बढ़कर साझा आर्थिक लक्ष्य और उच्च तकनीक के हाईवे में बदल गए हैं। उन्होंने CETA, व्यापक रणनीतिक साझेदारी और रक्षा उद्योग रोडमैप को पिछले साल की प्रमुख उपलब्धियाँ बताया।
भारत-ब्रिटेन संबंधों में हाल के प्रमुख मील के पत्थर कौन से हैं?
जुलाई 2025 में PM मोदी की ब्रिटेन यात्रा और अक्टूबर 2025 में PM कीर स्टार्मर की भारत यात्रा के दौरान CETA पर हस्ताक्षर, व्यापक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा और रक्षा रोडमैप तैयार किया गया। GSCO सैटेलाइट सेंटर का उद्घाटन इन्हीं प्रतिबद्धताओं का नवीनतम क्रियान्वयन है।
राष्ट्र प्रेस
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