जी-7 शिखर सम्मेलन: मोदी-स्टार्मर मुलाकात में व्यापार, AI और 'विजन 2035' पर बनी सहमति
सारांश
मुख्य बातें
फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान मंगलवार, 16 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। दोनों नेताओं ने व्यापार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रक्षा, हरित ऊर्जा और शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में भारत-ब्रिटेन संबंधों को और गहरा करने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की। यह बैठक दोनों देशों के बीच हाल ही में संपन्न हुए व्यापार समझौते के बाद संबंधों में आई नई गति की पृष्ठभूमि में हुई।
मोदी का एक्स पर संदेश: साझेदारी को नई ऊँचाई
प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के बाद एक्स पर लिखा, 'एवियन में प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ बहुत अच्छी मुलाकात हुई। पिछले एक साल में भारत और ब्रिटेन के रिश्तों ने शानदार प्रगति की है। हाल ही में हुए व्यापार समझौते ने आर्थिक सहयोग के कई नए रास्ते खोले हैं। आज की बातचीत में हमने इस साझेदारी को और आगे बढ़ाने पर ध्यान दिया।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि दोनों देशों ने इनोवेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कौशल विकास, खेल और निवेश संवर्धन जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करने की रणनीति पर सहमति जताई।
विजन 2035 और व्यापक रणनीतिक साझेदारी
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने पिछले वर्ष एक-दूसरे के देशों की यात्राओं के बाद द्विपक्षीय संबंधों में आई तेज प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने 'विजन 2035' के अंतर्गत व्यापार एवं आर्थिक विकास, रक्षा एवं सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, हरित ऊर्जा, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार, शिक्षा और जन-संपर्क जैसे सभी स्तंभों पर हुई प्रगति का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने 'कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट' को शीघ्र लागू किए जाने की उम्मीद भी जताई।
शिक्षा सहयोग: ब्रिटिश विश्वविद्यालय भारत में
शिक्षा क्षेत्र में बढ़ते सहयोग पर दोनों नेताओं ने विशेष संतोष व्यक्त किया। लिवरपूल विश्वविद्यालय ने बेंगलुरु में अपना परिसर स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है, जबकि यॉर्क विश्वविद्यालय और ब्रिस्टल विश्वविद्यालय मुंबई में परिसर शुरू करने की तैयारी में हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी उच्च शिक्षा प्रणाली को वैश्विक स्तर पर एकीकृत करने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है।
AI और तकनीकी सुरक्षा पर सहयोग
मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में ब्रिटेन की सक्रिय भागीदारी के लिए स्टार्मर का आभार व्यक्त किया। उन्होंने टेक्नोलॉजी सिक्योरिटी इनिशिएटिव के तहत हो रही प्रगति का भी स्वागत किया, जिसमें हाल ही में शुरू हुई भारत-ब्रिटेन क्रिटिकल मिनरल्स ग्लोबल सप्लाई चेन ऑब्जर्वेटरी शामिल है। गौरतलब है कि क्रिटिकल मिनरल्स की आपूर्ति श्रृंखला वैश्विक स्तर पर रणनीतिक महत्व का विषय बन चुकी है।
क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श
दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया और यूक्रेन समेत कई क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर अपने दृष्टिकोण साझा किए। उन्होंने भारत-ब्रिटेन 'कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' को और सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता दोहराई। जी-7 के इतर मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सहित अन्य वैश्विक नेताओं से भी मुलाकात की। आने वाले हफ्तों में 'कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट' के क्रियान्वयन की दिशा में ठोस कदमों की उम्मीद जताई जा रही है।