21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारत-ब्रिटेन विजन 2035: पीएम मोदी बोले — साझेदारी दुनिया की भलाई के लिए मिली-जुली कोशिशों को देगी नई ताकत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत-ब्रिटेन विजन 2035: पीएम मोदी बोले — साझेदारी दुनिया की भलाई के लिए मिली-जुली कोशिशों को देगी नई ताकत

सारांश

पीएम मोदी और विदेश मंत्री जयशंकर ने ब्रिटेन की विदेश सचिव यवेट कूपर से अलग-अलग मुलाकात की। CETA, रक्षा रोडमैप और क्रिटिकल मिनरल्स GSCO सैटेलाइट सेंटर के उद्घाटन के साथ भारत-ब्रिटेन विजन 2035 अब महज दस्तावेज़ नहीं, बल्कि ठोस संस्थागत ढाँचे में ढलता दिख रहा है।

मुख्य बातें

पीएम नरेंद्र मोदी ने 4 जून 2026 को नई दिल्ली में ब्रिटेन की विदेश सचिव यवेट कूपर से मुलाकात की।
मोदी ने कहा कि भारत-ब्रिटेन विजन 2035 साझेदारी को दिशा देता रहेगा और वैश्विक भलाई के लिए संयुक्त प्रयासों को मजबूत करेगा।
जयशंकर ने CETA पर हस्ताक्षर और रक्षा उद्योग रोडमैप को पिछले वर्ष की प्रमुख उपलब्धि बताया।
किशन रेड्डी और कूपर ने भारत-यूके GSCO सैटेलाइट सेंटर का संयुक्त उद्घाटन किया।
बैठक में विदेश सचिव विक्रम मिस्री और उच्चायुक्त पी.
कुमारन भी उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जून 2026 को नई दिल्ली में ब्रिटेन की विदेश सचिव यवेट कूपर से मुलाकात की और कहा कि भारत-ब्रिटेन विजन 2035 दोनों देशों की साझेदारी को आगे दिशा देता रहेगा तथा वैश्विक भलाई के लिए उनके संयुक्त प्रयासों को और अधिक सुदृढ़ करेगा। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) पर हस्ताक्षर के बाद द्विपक्षीय संबंध एक नए दौर में प्रवेश कर चुके हैं।

पीएम मोदी का बयान

मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'ब्रिटेन की विदेश सचिव यवेट कूपर से मिलकर खुशी हुई। हाल के दिनों में भारत-ब्रिटेन साझेदारी के गहरा होने की सराहना की, जिससे हमारे दोनों देशों के लिए पहले कभी नहीं हुए ग्रोथ के मौके खुले हैं। भारत-ब्रिटेन विजन 2035 हमारी साझेदारी को गाइड करता रहेगा और दुनिया की भलाई के लिए हमारी मिली-जुली कोशिशों को मजबूत करेगा।'

जयशंकर की मुलाकात और रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा

इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी विदेश सचिव कूपर से अलग बैठक की। जयशंकर ने भारत-ब्रिटेन संबंधों में आए बड़े बदलावों को रेखांकित किया — विशेष रूप से अक्टूबर 2025 में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के भारत दौरे और जुलाई 2025 में प्रधानमंत्री मोदी के ब्रिटेन दौरे का उल्लेख किया।

जयशंकर ने कहा, 'आज आपकी मौजूदगी हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी की पुष्टि और इसकी प्रक्रिया को समीक्षा करने का मौका दोनों है। अब, हमारा संबंध एक ऐतिहासिक और शायद सांस्कृतिक जुड़ाव से आगे बढ़कर साझा आर्थिक लक्ष्य और उच्च तकनीक के हाईवे में बदल गया है।' उन्होंने CETA पर हस्ताक्षर और रक्षा उद्योग रोडमैप को पिछले वर्ष की प्रमुख उपलब्धियों के रूप में गिनाया।

क्रिटिकल मिनरल्स ऑब्जर्वेटरी का उद्घाटन

बैठक के दिन एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी और विदेश सचिव कूपर ने संयुक्त रूप से भारत-यूके क्रिटिकल मिनरल्स ग्लोबल सप्लाई चेन ऑब्जर्वेटरी (GSCO) सैटेलाइट सेंटर का उद्घाटन किया। यह केंद्र 2025 में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों द्वारा की गई घोषणा का परिणाम है और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में रणनीतिक खनिजों की निगरानी को मजबूत करेगा।

बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी

बैठक में विदेश सचिव विक्रम मिस्री, ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त पी. कुमारन और दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। गौरतलब है कि यह बैठक उस व्यापक राजनयिक सक्रियता का हिस्सा है जो CETA के बाद भारत-ब्रिटेन संबंधों को नई ऊँचाई पर ले जाने के लिए जारी है।

आगे की राह

विजन 2035 के तहत दोनों देश व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने की दिशा में काम करेंगे। GSCO सैटेलाइट सेंटर की स्थापना इस दिशा में पहला ठोस संस्थागत कदम है, और आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच और समझौतों की संभावना बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी — खासकर तब जब ब्रिटेन खुद आर्थिक दबावों और यूरोपीय संबंधों के पुनर्संतुलन से जूझ रहा है। GSCO सैटेलाइट सेंटर क्रिटिकल मिनरल्स के मोर्चे पर एक ठोस संस्थागत कदम है, जो चीन-केंद्रित आपूर्ति श्रृंखला निर्भरता को कम करने की वैश्विक कोशिशों से मेल खाता है। हालाँकि, व्यापार समझौते के लाभ भारतीय श्रमिकों और छोटे उद्यमों तक कितनी तेज़ी से पहुँचेंगे, यह सवाल अभी अनुत्तरित है। राजनयिक ऊर्जा और संस्थागत ढाँचे का यह संगम सही दिशा में है, पर विजन को वास्तविकता बनाने के लिए मापने योग्य मील के पत्थर अभी भी स्पष्ट नहीं हैं।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-ब्रिटेन विजन 2035 क्या है?
भारत-ब्रिटेन विजन 2035 दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग का रोडमैप है। यह व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत तय किया गया ढाँचा है जिसे CETA पर हस्ताक्षर के साथ और मजबूती मिली है।
पीएम मोदी और यवेट कूपर की मुलाकात में क्या हुआ?
4 जून 2026 को नई दिल्ली में पीएम मोदी ने ब्रिटेन की विदेश सचिव यवेट कूपर से मुलाकात की और भारत-ब्रिटेन साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की। मोदी ने एक्स पर लिखा कि विजन 2035 दोनों देशों की साझेदारी को दिशा देता रहेगा और वैश्विक भलाई के लिए संयुक्त प्रयासों को मजबूत करेगा।
भारत-यूके GSCO सैटेलाइट सेंटर क्या है और इसका उद्घाटन कब हुआ?
भारत-यूके क्रिटिकल मिनरल्स ग्लोबल सप्लाई चेन ऑब्जर्वेटरी (GSCO) सैटेलाइट सेंटर का उद्घाटन 4 जून 2026 को केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी और यवेट कूपर ने संयुक्त रूप से किया। यह केंद्र 2025 में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की घोषणा का परिणाम है और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में रणनीतिक खनिजों की निगरानी को मजबूत करेगा।
भारत-ब्रिटेन CETA क्या है और यह कब हुआ?
व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (CETA) भारत और ब्रिटेन के बीच हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौता है। विदेश मंत्री जयशंकर ने इसे पिछले वर्ष की प्रमुख उपलब्धि बताया और कहा कि इससे दोनों देशों के बीच साझा आर्थिक लक्ष्य और उच्च तकनीक सहयोग की नींव पड़ी है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने यवेट कूपर से मुलाकात में क्या कहा?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत-ब्रिटेन संबंध अब ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव से आगे बढ़कर साझा आर्थिक लक्ष्य और उच्च तकनीक के हाईवे में बदल गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और स्टार्मर के आपसी दौरों तथा CETA एवं रक्षा उद्योग रोडमैप को पिछले वर्ष की उल्लेखनीय उपलब्धियाँ बताया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 1 साल पहले